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दौसा में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, गजक निर्माण इकाई से 1,348 किलो सोयाबीन तेल सीज; लैब रिपोर्ट पर टिकी आगे की कार्रवाई

दौसा में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, गजक निर्माण इकाई से 1,348 किलो सोयाबीन तेल सीज; लैब रिपोर्ट पर टिकी आगे की कार्रवाई

दौसा में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई, गजक निर्माण इकाई से 1,348 किलो सोयाबीन तेल सीज

दौसा, 27 अक्टूबर 2026। त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और आम लोगों की सेहत को ध्यान में रखते हुए राजस्थान में खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच गतिविधियां तेज की जा रही हैं। इसी अभियान के तहत दौसा में लालसोट रोड स्थित श्रीगोविन्द गजक भंडार की निर्माण इकाई से 1,348 किलोग्राम रिफाइंड सोयाबीन तेल सीज किया गया। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने तेल सहित खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे हैं। अब आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी। यह कार्रवाई 24 अक्टूबर को हुई थी, जिसकी जानकारी उसी दिन प्रकाशित रिपोर्टों में सामने आई। 

निरीक्षण के दौरान क्या कार्रवाई हुई?

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने त्योहारों से पहले खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की जांच के लिए श्रीगोविन्द गजक भंडार की निर्माण इकाई का निरीक्षण किया। इस दौरान 1,348 किलोग्राम रिफाइंड सोयाबीन तेल को सीज किया गया और नमूने प्रयोगशाला भेजने की प्रक्रिया अपनाई गई।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सीताराम मीणा के अनुसार, जिला स्तर पर खाद्य सुरक्षा आयुक्त और जिला प्रशासन के निर्देशों के तहत खाद्य पदार्थों की जांच का अभियान चलाया जा रहा है। इसके दायरे में निर्माण इकाइयों, प्रोसेसिंग यूनिटों, थोक विक्रेताओं और वितरक फर्मों का निरीक्षण शामिल है। 

क्या तेल में मिलावट की पुष्टि हो गई है?

इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि तेल सीज किए जाने का अर्थ अपने आप में मिलावट साबित होना नहीं है। अधिकारियों ने नमूने जांच के लिए भेजे हैं। प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि तेल निर्धारित गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप था या नहीं।

यदि जांच में मिलावट अथवा मानकों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित कानूनों के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है। रिपोर्ट आने से पहले तेल को निश्चित रूप से मिलावटी या स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बताना सही नहीं होगा। 

त्योहारों में खाद्य सुरक्षा क्यों महत्वपूर्ण है?

त्योहारों के समय मिठाइयों, नमकीन, घी, तेल और अन्य खाद्य सामग्री की मांग बढ़ जाती है। ऐसे समय में कच्चे माल की गुणवत्ता, निर्माण स्थल की साफ-सफाई, भंडारण और खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन विशेष महत्व रखता है।

खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता में गड़बड़ी मिलने पर उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। इसलिए निर्माण इकाइयों और दुकानों का नियमित निरीक्षण तथा संदिग्ध नमूनों की वैज्ञानिक जांच जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। हालांकि, किसी खास उत्पाद से नुकसान होने का दावा उसके संबंध में उपलब्ध जांच या चिकित्सकीय साक्ष्य के आधार पर ही किया जाना चाहिए।

खाद्य कारोबारियों को साफ-सफाई के निर्देश

रिपोर्टों के अनुसार, खाद्य सुरक्षा अभियान के दौरान कारोबारियों को खाद्य सामग्री ढककर रखने, प्रतिष्ठानों में स्वच्छता बनाए रखने और खाद्य पदार्थों को अखबार में लपेटकर नहीं रखने के निर्देश दिए जा रहे हैं। खाद्य कारोबारियों को अपना वैध खाद्य सुरक्षा लाइसेंस या पंजीकरण भी प्रतिष्ठान में प्रदर्शित करने के लिए कहा गया है। 

अब प्रयोगशाला रिपोर्ट का इंतजार

दौसा की इस कार्रवाई में आगे का सबसे महत्वपूर्ण चरण प्रयोगशाला जांच है। रिपोर्ट से यह पता चल सकेगा कि सीज किए गए तेल की गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप थी या उसमें किसी प्रकार की गड़बड़ी पाई गई। निष्कर्षों के आधार पर संबंधित विभाग नियमानुसार अगला कदम उठाएगा।

फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दौसा में 1,348 किलो सोयाबीन तेल सीज किया गया है और नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। मिलावट की पुष्टि और अंतिम कार्रवाई को लेकर प्रयोगशाला रिपोर्ट का इंतजार है


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