Follow Us:

Stay updated with the latest news, stories, and insights that matter — fast, accurate, and unbiased. Powered by facts, driven by you.

थाईलैंड में मगरमच्छ का मांस खाते वायरल हुए उज्जैन के अधिकारी, छुट्टी की अर्जी में छिपी रह गई विदेश यात्रा की बात; अब विभागीय जांच

थाईलैंड में मगरमच्छ का मांस खाते वायरल हुए उज्जैन के अधिकारी, छुट्टी की अर्जी में छिपी रह गई विदेश यात्रा की बात; अब विभागीय जांच

पूरी खबर: छुट्टी मंजूर थी, लेकिन विदेश यात्रा की जानकारी पर उठे सवाल; वायरल वीडियो से बढ़ी अधिकारी की मुश्किलें

मध्य प्रदेश के उज्जैन नगर निगम में तैनात भवन अधिकारी राजकुमार राठौर इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो को लेकर चर्चा में हैं। थाईलैंड यात्रा के दौरान अपनी पत्नी के साथ मगरमच्छ का मांस चखते हुए दिखाई देने वाले अधिकारी का वीडियो सामने आने के बाद नगर निगम प्रशासन का ध्यान उनकी विदेश यात्रा की अनुमति पर गया। अब यह मामला केवल सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सरकारी सेवा से जुड़े नियमों और अवकाश आवेदन में दी गई जानकारी की जांच का विषय बन गया है

थाईलैंड में मगरमच्छ का मांस चखने का वीडियो वायरल

रिपोर्टों के अनुसार, वायरल वीडियो में राजकुमार राठौर अपनी पत्नी के साथ थाईलैंड में एक खाद्य स्टॉल या रेस्तरां के पास नजर आते हैं। वीडियो के कैप्शन में बताया गया कि वे थाईलैंड में पहली बार मगरमच्छ का मांस चख रहे हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो साझा होने के बाद लोगों का ध्यान उनकी यात्रा और सरकारी पद पर रहते हुए विदेश जाने की प्रक्रिया की ओर गया।

हालांकि, इस मामले में मुख्य प्रशासनिक सवाल यह नहीं है कि उन्होंने वहां क्या भोजन किया, बल्कि यह है कि क्या उन्होंने विदेश यात्रा से पहले जरूरी विभागीय अनुमति प्राप्त की थी

चार दिन की छुट्टी, लेकिन आवेदन में थाईलैंड का जिक्र नहीं

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, उज्जैन नगर निगम के भवन अधिकारी राजकुमार राठौर ने 19 से 23 अक्टूबर 2026 के बीच अवकाश लिया था। नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा के हवाले से प्रकाशित खबरों में बताया गया कि उनके अवकाश आवेदन में विदेश यात्रा पर जाने का उल्लेख नहीं था।

यही बात अब पूरे मामले का सबसे अहम पहलू बन गई है। किसी कर्मचारी का अवकाश स्वीकृत होना और विदेश यात्रा के लिए आवश्यक विभागीय अनुमति मिलना अलग-अलग प्रक्रियाएं हो सकती हैं। इसलिए केवल छुट्टी मंजूर होने से विदेश जाने की अनुमति अपने आप मिल गई, ऐसा नहीं माना जा सकता। संबंधित सेवा नियमों के अनुसार आवश्यक मंजूरी ली गई थी या नहीं, इसकी जांच की जा रही है

वीडियो सामने आने के बाद नगर निगम ने मांगा जवाब

रिपोर्टों के अनुसार, वीडियो वायरल होने के बाद नगर निगम प्रशासन ने अधिकारी से विदेश यात्रा के लिए जरूरी अनुमति के संबंध में जवाब मांगा है। प्रशासन यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि यात्रा से पहले निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया गया था या नहीं।

यदि जांच में नियमों का उल्लंघन साबित होता है, तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, कार्रवाई का अंतिम स्वरूप जांच के निष्कर्षों और सक्षम अधिकारी के निर्णय पर निर्भर करेगा। फिलहाल किसी संभावित दंड को अंतिम फैसला मानना उचित नहीं होग

क्या मगरमच्छ का मांस खाना ही विवाद की वजह है?

इस घटना में सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा चर्चा मगरमच्छ का मांस चखने वाले वीडियो की हो रही है। लेकिन उपलब्ध रिपोर्टों से स्पष्ट होता है कि नगर निगम प्रशासन की मुख्य चिंता विदेश यात्रा के लिए आवश्यक अनुमति से जुड़ी है।

इसलिए वायरल वीडियो और विभागीय जांच को अलग-अलग समझना जरूरी है। किसी व्यक्ति के भोजन को लेकर लोगों की अलग-अलग राय हो सकती है, लेकिन सरकारी कर्मचारी के मामले में प्रशासनिक कार्रवाई का आधार संबंधित सेवा नियम और जांच में सामने आने वाले तथ्य होने चाहिए।

अब आगे क्या हो सकता है?

अब मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि अधिकारी ने विदेश यात्रा के लिए निर्धारित अनुमति ली थी या नहीं। जांच के दौरान अवकाश आवेदन, यात्रा संबंधी मंजूरी और अन्य आवश्यक रिकॉर्ड की पड़ताल की जा सकती है। यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो नियमानुसार अगला कदम उठाया जा सकता है।

दूसरी ओर, अधिकारी का पक्ष और जांच का अंतिम निष्कर्ष भी महत्वपूर्ण होंगे। उपलब्ध रिपोर्टों में उनके खिलाफ संभावित विभागीय कार्रवाई की बात कही गई है, लेकिन अंतिम निर्णय को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।

 

निष्कर्ष

उज्जैन नगर निगम के भवन अधिकारी राजकुमार राठौर का थाईलैंड में मगरमच्छ का मांस चखने वाला वीडियो वायरल होने के बाद उनकी विदेश यात्रा चर्चा में आ गई है। चार दिन का अवकाश लेने के बावजूद आवेदन में विदेश यात्रा का उल्लेख नहीं होने की खबर ने प्रशासनिक सवाल खड़े किए हैं। अब जांच का केंद्र यह है कि क्या उन्होंने निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवश्यक अनुमति ली थी। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय होगी।


Note: Content and images are for informational use only. For any concerns, contact us at info@rajasthaninews.com.

Share: