19 साल के युवा का कमाल! कई यूनिवर्सिटी से नहीं मिला एडमिशन, AI स्टार्टअप के लिए जुटाए 10 मिलियन डॉलर
- bySanjay
- 11 October, 2026
19 साल के युवा का कमाल! कई यूनिवर्सिटी से नहीं मिला एडमिशन, AI स्टार्टअप के लिए जुटाए 10 मिलियन डॉलर
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में युवा उद्यमियों की भागीदारी लगातार चर्चा में है। 11 अक्टूबर 2026 की बताई गई एक रिपोर्ट में 19 वर्षीय उद्यमी की कहानी सामने आई, जिसने विश्वविद्यालयों में प्रवेश नहीं मिलने के बावजूद तकनीकी क्षेत्र में अपना काम जारी रखा और अपने AI स्टार्टअप के लिए 10 मिलियन डॉलर यानी लगभग 1 करोड़ डॉलर नहीं, बल्कि 1 करोड़ डॉलर से अधिक की बड़ी फंडिंग जुटाई।
इस खबर के केंद्र में अमेरिकी युवा उद्यमी जैक यडेगारी (Zach Yadegari) हैं। टेकक्रंच की 8 अक्टूबर की रिपोर्ट और इंडिया टुडे की 11 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने अपने नए स्टार्टअप Persona के लिए 10 मिलियन अमेरिकी डॉलर की फंडिंग जुटाई है। यह राशि लगभग ₹85–90 करोड़ के बराबर है; वास्तविक रुपये की रकम विनिमय दर पर निर्भर करेगी
15 विश्वविद्यालयों से मिला इनकार, फिर भी जारी रखा सफर
रिपोर्ट के अनुसार, यडेगारी ने 18 विश्वविद्यालयों में आवेदन किया था, जिनमें से 15 ने उन्हें प्रवेश नहीं दिया। इसके बावजूद उन्होंने तकनीकी क्षेत्र में काम जारी रखा। इससे पहले वह कैलोरी गिनने वाले ऐप Cal AI के सह-संस्थापक रहे थे। मार्च 2026 में इस कंपनी का अधिग्रहण MyFitnessPal ने किया था।
क्या है Persona AI स्टार्टअप?
Persona एक व्यक्तिगत AI असिस्टेंट विकसित कर रहा है, जिसका उद्देश्य लोगों के रोजमर्रा के कामों में मदद करना है। कंपनी एक ऐसे पहनने योग्य बैंड पर भी काम कर रही है, जिसके जरिए उपयोगकर्ता AI असिस्टेंट को सक्रिय कर सकेंगे। टेकक्रंच की रिपोर्ट में इस बैंड की प्रस्तावित कीमत 179 डॉलर बताई गई है।
कंपनी के मुताबिक, उपयोगकर्ता के निर्देश पर यह असिस्टेंट सवालों के जवाब देने, नोट्स बनाने, यात्रा की योजना तैयार करने और अन्य डिजिटल कामों में सहायता कर सकता है। हालांकि, उत्पाद की वास्तविक उपयोगिता और बाजार में इसकी सफलता का आकलन इसके व्यापक इस्तेमाल के बाद ही हो सकेगा।
स्टार्टअप को किसने दी फंडिंग?
रिपोर्ट के मुताबिक, इस फंडिंग राउंड का नेतृत्व Vine Ventures ने किया। इसमें Z Fellows के संस्थापक Cory Levy और Collective Global ने भी भाग लिया। निवेश से कंपनी को अपने AI असिस्टेंट और उससे जुड़े हार्डवेयर को विकसित करने में मदद मिलेगी।
टेक्नोलॉजी की दुनिया के लिए क्या है इसका मतलब?
यह मामला दिखाता है कि तकनीकी उद्यमिता में निवेशक केवल पारंपरिक डिग्री या शैक्षणिक उपलब्धियों के आधार पर ही निर्णय नहीं लेते। किसी उत्पाद की उपयोगिता, टीम की क्षमता, बाजार की संभावना और कारोबार की प्रगति भी अहम हो सकती है। हालांकि, किसी स्टार्टअप को मिली फंडिंग अपने आप में उसकी दीर्घकालिक सफलता की गारंटी नहीं होती।
निष्कर्ष: 19 वर्षीय जैक यडेगारी ने अपने नए AI स्टार्टअप Persona के लिए 10 मिलियन डॉलर जुटाकर टेक्नोलॉजी जगत में ध्यान आकर्षित किया है। विश्वविद्यालयों से प्रवेश न मिलने के बावजूद उनका उद्यमी सफर जारी रहा। अब कंपनी के सामने अपने AI असिस्टेंट को उपयोगी, भरोसेमंद और सफल उत्पाद में बदलने की चुनौती है।
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TSMC Optimistic Amid...
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