भारत से श्रीलंका पहुंचा वो हाथी राजा, जो 100 KM पैदल चलता था, मिलती थी कमांडो सिक्योरिटी
- bypari rathore
- 16 August, 2026
भारत के उस हाथी की कहानी, जो श्रीलंका की सड़कों पर कमांडो सिक्योरिटी के बीच घूमता था
श्रीलंका की सड़कों पर एक ऐसा हाथी भी चला करता था, जिसे देखने के लिए लोग रास्ते के किनारे खड़े हो जाते थे। उसका नाम था राजा। खास बात यह थी कि राजा कोई साधारण हाथी नहीं था। वह भारत से श्रीलंका पहुंचा था और धीरे-धीरे वहां के लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय हो गया।
राजा की सबसे खास आदतों में से एक थी उसका पैदल सफर करना। उसे ट्रक में सफर करना पसंद नहीं था। इसलिए जब उसे कोलंबो से कैंडी जाना होता था, तो वह करीब 100 किलोमीटर की दूरी पैदल तय करता था।
समय के साथ उसके ये सफर उसकी पहचान का हिस्सा बन गए। सड़कों पर राजा को देखने के लिए लोगों की भीड़ जमा हो जाती थी। उसके साथ सुरक्षा व्यवस्था भी रहती थी, ताकि उसके रास्ते में किसी तरह की परेशानी न हो और लोगों की भीड़ से उसे नुकसान न पहुंचे।
भारत से श्रीलंका कैसे पहुंचा राजा?
राजा को भारत से श्रीलंका ले जाया गया था। वहां पहुंचने के बाद उसकी देखभाल और प्रशिक्षण किया गया। धीरे-धीरे वह धार्मिक और सार्वजनिक आयोजनों का हिस्सा बनने लगा।
श्रीलंका में हाथियों का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व काफी पुराना है। विशेष रूप से बौद्ध परंपराओं से जुड़े कई समारोहों में हाथियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। राजा भी ऐसे आयोजनों से जुड़ गया और लोगों के बीच उसकी लोकप्रियता बढ़ती चली गई।
ट्रक की जगह पैदल चलना पसंद था
राजा की कहानी का सबसे दिलचस्प हिस्सा उसका सफर था। जब उसे कोलंबो से कैंडी ले जाना होता था, तो वह ट्रक में जाने के बजाय सड़क के रास्ते पैदल चलना पसंद करता था।
करीब 100 किलोमीटर का यह सफर आसान नहीं था, लेकिन राजा के लिए यह लगभग एक परंपरा बन गया था। उसके साथ लोग और सुरक्षा कर्मी चलते थे। रास्ते में लोग उसे देखने के लिए रुकते और कई बार उसकी तस्वीरें भी लेते थे।
यही वजह थी कि राजा की सड़क यात्राएं सिर्फ एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने का साधन नहीं रह गई थीं, बल्कि वे श्रीलंका में उसकी पहचान का हिस्सा बन गई थीं।
कमांडो सिक्योरिटी क्यों रहती थी?
राजा जैसे विशाल और प्रसिद्ध हाथी के साथ सुरक्षा व्यवस्था रखना जरूरी था। सड़क पर बड़ी संख्या में लोग उसे देखने के लिए इकट्ठा हो सकते थे। ऐसे में हाथी और आम लोगों दोनों की सुरक्षा के लिए उसके आसपास सुरक्षाकर्मी तैनात रहते थे।
इसी वजह से राजा के सड़क पर निकलने का नजारा किसी वीआईपी काफिले से कम नहीं लगता था।

मिलती थी कमांडो सिक्योरिटी
लोगों के दिल में बस गया था राजा
राजा की लोकप्रियता सिर्फ उसके आकार या उसकी शाही चाल की वजह से नहीं थी। उसकी अलग-अलग आदतों और लंबे पैदल सफर ने उसे लोगों के बीच खास बना दिया था।
समय के साथ श्रीलंका के लोगों के लिए राजा सिर्फ एक हाथी नहीं रहा, बल्कि वह वहां की यादों और परंपराओं का हिस्सा बन गया।
भारत से श्रीलंका पहुंचा यह हाथी आखिरकार अपनी जिंदगी और यात्राओं के कारण दोनों देशों के लोगों के बीच एक दिलचस्प कहानी छोड़ गया।
Note: Content and images are for informational use only. For any concerns, contact us at info@rajasthaninews.com.
GST कटौती का बड़ा फा...
Related Post
Recent News
Daily Newsletter
Get all the top stories from Blogs to keep track.


_1786456181.jpg)






