CM Yogi: माफिया और नशे को बताया युवाओं का सबसे बड़ा दुश्मन, विपक्ष पर भी साधा निशाना
- bypari rathore
- 17 August, 2026
युवा शक्ति का सबसे बड़ा दुश्मन माफिया प्रवृत्ति, नशे से भी बचें युवा: CM योगी का बड़ा बयान
गोरखपुर, 17 अगस्त 2026: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने माफिया तंत्र, नशे की लत और गलत आदतों को युवा शक्ति के लिए गंभीर खतरा बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि माफिया प्रवृत्ति चाहे शिक्षा के क्षेत्र में हो, खेल में हो, ड्रग्स से जुड़ी हो या किसी दूसरे क्षेत्र में, इसका सबसे ज्यादा नुकसान युवाओं को उठाना पड़ता है। उन्होंने युवाओं से खेलों से जुड़ने और अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाने की अपील की।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित प्रदेश स्तरीय सीनियर प्राइजमनी पुरुष कुश्ती प्रतियोगिता के समापन समारोह में पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने युवाओं, खेल और माफिया तंत्र को लेकर अपनी बात रखी। कार्यक्रम में उन्होंने विपक्ष और पूर्ववर्ती सरकारों पर भी तीखा हमला बोला।
'युवा शक्ति का सबसे बड़ा दुश्मन है माफिया प्रवृत्ति'
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि माफिया प्रवृत्ति युवा शक्ति को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाती है। उन्होंने माफिया के अलग-अलग रूपों का जिक्र करते हुए कहा कि यह शिक्षा माफिया हो, खेल माफिया, पेशेवर माफिया या ड्रग माफिया—किसी भी क्षेत्र में ऐसी प्रवृत्ति का बढ़ना युवाओं के भविष्य के लिए नुकसानदायक है।
सीएम योगी का संदेश साफ था कि युवाओं की ऊर्जा और प्रतिभा को अपराध, नशे या गलत गतिविधियों की तरफ जाने से रोकना जरूरी है। इसके लिए उन्होंने खेलों को एक महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
नशे की लत को लेकर भी जताई चिंता
मुख्यमंत्री ने युवाओं में बढ़ती नशे की लत को लेकर भी चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि नशे की प्रवृत्ति युवा पीढ़ी को कमजोर कर सकती है और इससे देश की युवा शक्ति प्रभावित होती है।
उन्होंने युवाओं को खेलों से जुड़ने और सकारात्मक गतिविधियों में हिस्सा लेने की सलाह दी। सरकार की ओर से खेल सुविधाओं और खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने के प्रयासों का भी उन्होंने जिक्र किया।
स्मार्टफोन की लत पर भी बोले CM योगी
मुख्यमंत्री ने केवल नशे की बात नहीं की, बल्कि स्मार्टफोन के अत्यधिक इस्तेमाल को लेकर भी युवाओं को सावधान किया। उन्होंने कहा कि तकनीक का सही इस्तेमाल होना चाहिए, लेकिन स्मार्टफोन की लत युवाओं का समय बर्बाद कर सकती है।
उनका कहना था कि युवाओं को अपनी ऊर्जा का इस्तेमाल सकारात्मक कामों में करना चाहिए। खेल, शिक्षा और रचनात्मक गतिविधियां युवाओं को गलत आदतों से दूर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
विपक्ष पर भी साधा निशाना
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों के एजेंडे में खेल और युवा प्राथमिकता में नहीं थे।
योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि सत्ता में रहने के दौरान इन दलों ने युवाओं के हितों के लिए पर्याप्त काम नहीं किया और प्रदेश को माफिया के प्रभाव में डाल दिया। उन्होंने कहा कि आज जो लोग युवाओं की बात कर रहे हैं, उनके राजनीतिक एजेंडे में पहले युवा नहीं थे।
हालांकि, विपक्ष पर लगाए गए ये आरोप मुख्यमंत्री के राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं और इन्हें उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
जल्द आएगी नई युवा नीति
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दौरान नई युवा नीति लाने का भी ऐलान किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं की ऊर्जा और क्षमता का सही इस्तेमाल करने के लिए सरकार जल्द नई युवा नीति लेकर आएगी।
नई नीति के जरिए युवाओं को किस तरह के अतिरिक्त अवसर और सुविधाएं मिलेंगी, इसकी पूरी विस्तृत जानकारी इस कार्यक्रम में सामने नहीं आई। लेकिन मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि सरकार का फोकस युवा शक्ति को सकारात्मक दिशा देने और खेलों को बढ़ावा देने पर रहेगा।
खिलाड़ियों को बढ़ावा देने पर सरकार का जोर
गोरखपुर में आयोजित कुश्ती प्रतियोगिता के मंच से मुख्यमंत्री ने खेलों की भूमिका पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने के लिए खेल संस्कृति को मजबूत करना जरूरी है।
इसी कार्यक्रम से जुड़ी रिपोर्टों के मुताबिक मुख्यमंत्री ने देश के लिए मेडल जीतने वाले 500 युवा खिलाड़ियों को राज्य सरकार की ओर से नौकरी देने की घोषणा भी की। रिपोर्ट के अनुसार नियुक्ति प्रक्रिया निर्धारित नियमों के तहत और पारदर्शी तरीके से किए जाने की बात कही गई है।
माफिया के खिलाफ सरकार का दावा
योगी सरकार लगातार उत्तर प्रदेश में माफिया और अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई को अपनी प्रमुख उपलब्धियों में गिनाती रही है। हाल की एक रिपोर्ट के मुताबिक सरकार का दावा है कि एंटी-भू-माफिया अभियान के तहत पिछले करीब साढ़े नौ वर्षों में 84,005 हेक्टेयर जमीन कब्जामुक्त कराई गई है। सरकार के अनुसार इस अभियान में बड़ी संख्या में शिकायतें दर्ज हुईं और चिन्हित भू-माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई की गई।
यह आंकड़े सरकार के दावे पर आधारित हैं और इन्हें सरकार की कार्रवाई के संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
युवाओं के लिए क्या है असली चुनौती?
मुख्यमंत्री के बयान को अगर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से अलग करके देखें तो युवाओं के सामने कई स्तरों पर चुनौतियां हैं। नशे की उपलब्धता, अपराधी नेटवर्क, गलत संगत, डिजिटल लत, बेरोजगारी और कौशल की कमी जैसी समस्याएं युवाओं के भविष्य को प्रभावित कर सकती हैं।
ऐसे में सिर्फ माफिया या नशे के खिलाफ कार्रवाई ही पर्याप्त नहीं होगी। युवाओं को अच्छी शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास, खेल सुविधाएं और नशा मुक्ति एवं पुनर्वास की प्रभावी व्यवस्था उपलब्ध कराना भी उतना ही जरूरी है।
सरकार के सामने बड़ी जिम्मेदारी
सीएम योगी का यह बयान ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश में युवाओं और आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक चर्चा भी तेज है। ऐसे में उनके बयान में कानून-व्यवस्था के साथ-साथ युवा नीति और खेलों पर सरकार का फोकस दिखाई देता है।
नई युवा नीति की घोषणा के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही होगा कि इसमें युवाओं के लिए रोजगार, शिक्षा, खेल, कौशल विकास और नशे से बचाव को लेकर क्या ठोस प्रावधान किए जाते हैं।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माफिया प्रवृत्ति और नशे को युवा शक्ति के लिए बड़ा खतरा बताते हुए युवाओं से खेल और सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ने की अपील की है। साथ ही उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए पूर्ववर्ती सरकारों पर युवाओं की अनदेखी का आरोप लगाया और जल्द नई युवा नीति लाने की बात कही।
अब इस बयान की असली परीक्षा नीतियों और उनके जमीन पर असर से होगी। अगर माफिया और नशे के खिलाफ कार्रवाई के साथ युवाओं को रोजगार, खेल, शिक्षा और कौशल विकास के पर्याप्त अवसर मिलते हैं, तो युवा शक्ति को सकारात्मक दिशा देने की सरकार की कोशिश ज्यादा प्रभावी साबित हो सकती है।

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