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जोधपुर एयरबेस पर गरजे लड़ाकू विमान! तरंग शक्ति-2026 में 8 देशों की वायुसेनाएं शामिल, राजनाथ सिंह ने दिया बड़ा संदेश

जोधपुर एयरबेस पर गरजे लड़ाकू विमान! तरंग शक्ति-2026 में 8 देशों की वायुसेनाएं शामिल, राजनाथ सिंह ने दिया बड़ा संदेश

जोधपुर एयरबेस पर गरजे लड़ाकू विमान! 8 देशों की वायुसेनाओं के अभ्यास में राजनाथ सिंह ने दिया आत्मनिर्भरता पर जोर

tarang shakti 2026 f35 rafale f16 jodhpur air exercise - Prabhasakshi

 

जोधपुर, राजस्थान। राजस्थान के जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन पर आयोजित बहुराष्ट्रीय वायु अभ्यास ‘तरंग शक्ति-2026’ में भारत सहित आठ देशों की वायुसेनाओं ने हिस्सा लिया। 10 अक्टूबर को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी अभ्यास के कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने बदलती युद्ध तकनीक, स्वदेशी रक्षा उत्पादन और मित्र देशों के साथ सैन्य सहयोग के महत्व पर जोर दिया।

 

यह अभ्यास केवल लड़ाकू विमानों के प्रदर्शन तक सीमित नहीं है। इसका प्रमुख उद्देश्य अलग-अलग देशों की वायुसेनाओं के बीच तालमेल बढ़ाना, संचालन संबंधी अनुभव साझा करना और आधुनिक सैन्य तकनीकों को समझना है।

तरंग शक्ति-2026 में कौन-कौन से देश शामिल?

भारतीय रक्षा मंत्रालय के अनुसार, भारत के साथ सात विदेशी देशों की वायुसेनाओं ने इस अभ्यास में भाग लिया। इसके अलावा 32 देशों के प्रतिनिधि पर्यवेक्षक के रूप में जुड़े। अभ्यास 26 सितंबर से 12 अक्टूबर 2026 तक निर्धारित है।

 

Tejas: IAF inducts HAL’s ‘Made in India’ Light Combat Aircraft – 10 special facts about the LCA - business-gallery News | The Financial Express

 

 

भारत

तेजस लड़ाकू विमान और प्रचंड हल्का लड़ाकू हेलीकॉप्टर जैसे स्वदेशी प्लेटफॉर्म।

Luke AFB's 7 Squadrons Demonstrate Integrated Airpower

 

 

अमेरिका

F-35 Lightning II जैसे आधुनिक लड़ाकू विमान।

Thales S.A.: Solid Defense And Avionics Growth Solidify Margin Forecast (OTCMKTS:THLEF) | Seeking Alpha

 

 

फ्रांस

राफेल लड़ाकू विमान।

अन्य भागीदार देश: ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, संयुक्त अरब अमीरात, श्रीलंका और बांग्लादेश।

 

राजनाथ सिंह ने आधुनिक युद्ध की बदलती तस्वीर पर क्या कहा?

रक्षा मंत्री ने कहा कि भविष्य की सैन्य शक्ति केवल लड़ाकू विमानों और हथियारों की संख्या से तय नहीं होगी। सूचना को तेजी से समझने, सही निर्णय लेने और प्रभावी कार्रवाई करने की क्षमता भी महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने ड्रोन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), इलेक्ट्रॉनिक युद्ध और लंबी दूरी तक सटीक हमला करने वाली तकनीकों की बढ़ती भूमिका पर जोर दिया।

 

उनके संबोधन में रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का मुद्दा भी प्रमुख रहा। उन्होंने कहा कि भारत को महत्वपूर्ण हथियारों और तकनीकों के विकास तथा निर्माण में अपनी क्षमता मजबूत करनी चाहिए। साथ ही, मित्र देशों के साथ तकनीकी सहयोग और भरोसेमंद साझेदारी भी आवश्यक है।

भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह अभ्यास?

पहला — आपसी तालमेल: अलग-अलग देशों के पायलट और मिशन योजनाकार संयुक्त प्रशिक्षण के दौरान एक-दूसरे की प्रक्रियाओं को समझ सकते हैं।

दूसरा — स्वदेशी तकनीक: तेजस और प्रचंड जैसे भारतीय प्लेटफॉर्म देश में विकसित विमानन और रक्षा तकनीक की क्षमताओं को सामने रखते हैं।

तीसरा — अंतरराष्ट्रीय सहयोग: ऐसे अभ्यास भारत और भागीदार देशों के बीच पेशेवर संबंध मजबूत करने तथा अनुभव साझा करने का अवसर देते हैं।

चौथा — भविष्य की तैयारी: आधुनिक युद्ध में ड्रोन, AI, निगरानी, संचार और सटीक निर्णयों का महत्व बढ़ रहा है। ऐसे अभ्यास इन बदलती जरूरतों को समझने में मदद करते हैं।

 

आगे क्या होगा?

अभ्यास का निर्धारित समापन 12 अक्टूबर 2026 को होना है। इसके बाद आधिकारिक रूप से जारी होने वाली जानकारी से इसकी गतिविधियों, भागीदारी और प्रशिक्षण से मिले अनुभवों का अधिक स्पष्ट आकलन किया जा सकेगा।

 

निष्कर्ष: जोधपुर में आयोजित तरंग शक्ति-2026 राजस्थान के लिए महत्वपूर्ण रक्षा समाचार है। इसने भारतीय वायुसेना की प्रशिक्षण गतिविधियों, स्वदेशी विमानन तकनीक और अंतरराष्ट्रीय सैन्य सहयोग को एक साथ चर्चा में ला दिया


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