रामदास अठावले का अभिजीत दीपके को NDA में आने का ऑफर, RPI ज्वाइन करने की कही बात
- bypari rathore
- 19 August, 2026
अभिजीत दीपके को रामदास अठावले का सियासी ऑफर, NDA के साथ आने और RPI ज्वाइन करने की कही बात
नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को लेकर सियासी हलकों में चर्चा तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (अठावले) के प्रमुख रामदास अठावले ने दीपके को अपनी पार्टी में शामिल होने का प्रस्ताव दिया है। अठावले ने कहा कि अगर दीपके भविष्य में राजनीति में आना चाहते हैं और NDA की विचारधारा को स्वीकार करते हैं, तो वह RPI में शामिल हो सकते हैं।
'अभिजीत दीपके आंबेडकरवादी हैं'
रामदास अठावले ने अभिजीत दीपके की विचारधारा का जिक्र करते हुए उन्हें आंबेडकरवादी बताया। अठावले के मुताबिक, वह खुद बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की विचारधारा को आगे बढ़ाने की राजनीति करते हैं और दीपके भी इस विचारधारा से प्रभावित हैं।
अठावले ने यह भी कहा कि अगर दीपके राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाना चाहते हैं, तो भविष्य में RPI के साथ आ सकते हैं। उनके इस बयान को दीपके को मुख्यधारा की राजनीति में लाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
पेपर लीक और छात्रों के आंदोलन से चर्चा में आए दीपके
अभिजीत दीपके हाल के दिनों में छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर चर्चा में आए। उन्होंने नीट विवाद और पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर आंदोलन खड़ा किया, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं के समर्थन का दावा किया गया।
रामदास अठावले ने भी दीपके के आंदोलन को लेकर सकारात्मक टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि दीपके ने पेपर लीक के खिलाफ युवाओं को एकजुट करने और उन्हें जागरूक करने का काम किया। साथ ही उन्होंने छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का समर्थन नहीं करने की बात कही और मामले की जांच की जरूरत बताई।
संसद में भी अठावले ने किया दीपके का जिक्र
अभिजीत दीपके का जिक्र संसद में भी रामदास अठावले के भाषण के दौरान हुआ। अठावले ने अपने खास अंदाज में दीपके पर शायराना टिप्पणी करते हुए उनका नाम लिया। उन्होंने कहा कि दीपके उनके समाज से आते हैं और आंबेडकरवादी हैं।
अठावले ने यह भी कहा कि दीपके ने जिस मुद्दे को उठाया, वह महत्वपूर्ण था। हालांकि उन्होंने आंदोलन के दौरान संसद की ओर बढ़ने और पुलिस के साथ टकराव की स्थिति को लेकर भी अपनी बात रखी और शांतिपूर्ण आंदोलन की आवश्यकता पर जोर दिया।
NDA में शामिल होने का क्या मतलब?
अठावले का यह प्रस्ताव इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि उनकी पार्टी NDA का हिस्सा है। ऐसे में RPI में शामिल होने का मतलब NDA के राजनीतिक गठबंधन का हिस्सा बनना भी हो सकता है।
हालांकि अभी तक अभिजीत दीपके की ओर से RPI या NDA में शामिल होने को लेकर किसी अंतिम फैसले की जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए अठावले के बयान को फिलहाल राजनीतिक निमंत्रण या प्रस्ताव के तौर पर ही देखा जा रहा है, न कि दीपके के NDA में शामिल होने की पुष्टि के तौर पर।
आरक्षण के मुद्दे पर अठावले का रुख अलग
इसी बीच CJP आंदोलन से जुड़े आरक्षण विरोधी अभियानों को लेकर भी रामदास अठावले ने अपना रुख स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा था कि NDA सरकार आरक्षण खत्म करने की मांग का समर्थन नहीं करती और संविधान तथा बाबासाहेब आंबेडकर द्वारा दिए गए आरक्षण के अधिकार की रक्षा की जाएगी।
इससे यह भी साफ है कि दीपके को लेकर अठावले की सकारात्मक टिप्पणियों के बावजूद आरक्षण जैसे संवेदनशील मुद्दों पर राजनीतिक मतभेद की गुंजाइश बनी हुई है।

अब दीपके के जवाब पर नजर
रामदास अठावले के प्रस्ताव के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अभिजीत दीपके इस राजनीतिक ऑफर पर क्या रुख अपनाते हैं। क्या वह आंदोलन की राजनीति को आगे बढ़ाएंगे या भविष्य में किसी राजनीतिक दल के साथ जुड़कर सक्रिय राजनीति में प्रवेश करेंगे—इस पर फिलहाल तस्वीर साफ नहीं है।
अठावले की ओर से RPI में शामिल होने का प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब दीपके और CJP को लेकर युवाओं के बीच राजनीतिक चर्चा तेज है। ऐसे में उनका अगला कदम आने वाले दिनों में खासा महत्वपूर्ण हो सकता है।
फिलहाल इतना जरूर है कि रामदास अठावले के इस बयान ने अभिजीत दीपके को लेकर चल रही राजनीतिक चर्चाओं को एक नया मोड़ दे दिया है।
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