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Rajasthan Nikay Chunav 2026: नामांकन के आखिरी दिन घमासान, BJP-कांग्रेस में टिकट को लेकर बगावत

Rajasthan Nikay Chunav 2026: नामांकन के आखिरी दिन घमासान, BJP-कांग्रेस में टिकट को लेकर बगावत

Rajasthan Nikay Chunav 2026: नामांकन के आखिरी दिन घमासान, BJP-कांग्रेस में टिकट को लेकर बगावत; जयपुर में भी सियासी पारा हाई

जयपुर। राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव 2026 को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। प्रदेश के 309 नगरीय निकायों के 10,245 वार्डों के लिए नामांकन दाखिल करने का आज 31 अगस्त को आखिरी दिन है। जैसे-जैसे नामांकन की समयसीमा खत्म हो रही है, भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने नाराज दावेदारों और संभावित बागियों को संभालने की बन गई है।

जयपुर में सबसे ज्यादा सियासी हलचल

राजधानी जयपुर नगर निगम चुनाव को लेकर दोनों प्रमुख दलों में टिकट वितरण को लेकर काफी खींचतान देखने को मिली। BJP ने सोमवार को जयपुर के लिए अपनी उम्मीदवार सूची जारी की, जबकि कांग्रेस ने भी नामांकन प्रक्रिया के बीच अपनी सूची जारी की है।

BJP के सामने टिकट वितरण के बाद नाराज दावेदारों को मनाने की चुनौती है। पार्टी को आशंका है कि टिकट नहीं मिलने वाले कुछ नेता निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतर सकते हैं।

कांग्रेस में भी टिकट बंटवारे को लेकर असंतोष सामने आया है। पार्टी नेता आरआर तिवारी के विरोध और धरने की खबरों ने संगठन के भीतर चल रही नाराजगी को उजागर किया है।

BJP में टिकट को लेकर विवाद

जयपुर में BJP की उम्मीदवार सूची सामने आने के बाद कुछ सीटों पर पार्टी के भीतर असंतोष की खबरें हैं। टिकट वितरण को लेकर पहले से ही पार्टी कार्यकर्ताओं और दावेदारों में नाराजगी थी।

एक मामले में विधायक कालीचरण सराफ और पुनीत कर्णावत को लेकर पार्टी सिंबल से जुड़ा विवाद भी सामने आया है। इस घटनाक्रम ने उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं।

BJP के लिए चुनौती सिर्फ उम्मीदवार उतारने की नहीं, बल्कि चुनाव तक संगठन को एकजुट रखने की भी है।

कांग्रेस में भी बगावत के सुर

कांग्रेस के सामने भी टिकट वितरण के बाद असंतोष को नियंत्रित करने की चुनौती है। जयपुर में पार्टी के अंदर टिकट को लेकर विरोध सामने आया है और कुछ नेताओं ने चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।

पार्टी ने जयपुर में मजबूत प्रदर्शन के लिए 'मिशन 100' का लक्ष्य रखा है। ऐसे में टिकट वितरण के बाद होने वाली बगावत कांग्रेस के लिए चुनावी चुनौती बन सकती है।

नामांकन के आखिरी दिन कई जगह तनाव

निकाय चुनाव के नामांकन के अंतिम दिन राजस्थान के कई हिस्सों से विवाद और तनाव की खबरें सामने आई हैं।

सीकर के फतेहपुर में नामांकन के दौरान हिंसक झड़प की खबर आई, जिसमें छह लोग घायल हुए और दो घायलों को सीकर रेफर किया गया। घटना के बाद पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी।

यह घटनाक्रम बताता है कि स्थानीय निकाय चुनाव में टिकट और उम्मीदवार चयन को लेकर मुकाबला कितना कड़ा है।

309 निकायों में होगा चुनाव

राजस्थान में इस बार 309 नगरीय निकायों के लिए चुनाव प्रक्रिया चल रही है। इनमें नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिकाएं शामिल हैं।

नामांकन प्रक्रिया 27 अगस्त से शुरू हुई थी और 31 अगस्त को समाप्त हो रही है। नामांकन पत्रों की जांच के बाद उम्मीदवारों को 3 सितंबर तक नाम वापस लेने का मौका मिलेगा। इसके बाद चुनाव मैदान की अंतिम तस्वीर साफ होगी।

9 और 11 सितंबर को होगी वोटिंग

राजस्थान निकाय चुनाव में मतदान दो चरणों में कराया जाएगा।

9 सितंबर 2026 और 11 सितंबर 2026 को अलग-अलग निकाय क्षेत्रों में मतदान होगा। राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार संबंधित जिलों में मतदान की तारीख पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जा सकता है।

इस बार बागियों पर रहेगी नजर

निकाय चुनाव में सबसे दिलचस्प मुकाबला सिर्फ BJP और कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशियों के बीच नहीं होगा। टिकट नहीं मिलने से नाराज दावेदार निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतरते हैं तो कई वार्डों में मुकाबला त्रिकोणीय या बहुकोणीय हो सकता है।

स्थानीय चुनाव में उम्मीदवार की व्यक्तिगत पकड़, वार्ड स्तर का संगठन, जातीय समीकरण और स्थानीय मुद्दे अक्सर बड़े राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित करते हैं। इसलिए टिकट वितरण के बाद बागियों की भूमिका दोनों पार्टियों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।

जयपुर में BJP ने उतारे 8 मुस्लिम उम्मीदवार

जयपुर नगर निगम चुनाव में BJP की उम्मीदवार सूची का एक खास पहलू यह भी है कि पार्टी ने 8 मुस्लिम उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। यह कदम इसलिए चर्चा में है क्योंकि पिछले दो जयपुर निकाय चुनावों में BJP के मुस्लिम उम्मीदवारों की संख्या बहुत कम रही थी।

पार्टी की इस रणनीति को जयपुर के अलग-अलग वार्डों में सामाजिक और चुनावी समीकरण साधने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

अब आगे क्या होगा?

31 अगस्त को नामांकन खत्म होने के बाद चुनाव प्रक्रिया का अगला महत्वपूर्ण चरण नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी होगा। 3 सितंबर के बाद यह साफ हो जाएगा कि कितने प्रत्याशी वास्तव में चुनाव मैदान में रहेंगे।

इसके बाद BJP, कांग्रेस और अन्य दलों के साथ निर्दलीय उम्मीदवारों का प्रचार अभियान तेज होगा। 9 और 11 सितंबर को मतदान के बाद नतीजे राजस्थान की स्थानीय राजनीति में नई तस्वीर पेश कर सकते हैं।

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निष्कर्ष

राजस्थान निकाय चुनाव 2026 में नामांकन के आखिरी दिन सियासी पारा अपने चरम पर है। जयपुर से लेकर सीकर और दूसरे निकाय क्षेत्रों तक टिकट वितरण, बगावत और उम्मीदवार चयन को लेकर घमासान जारी है।

अब असली चुनौती BJP और कांग्रेस के सामने टिकट से नाराज नेताओं को मनाने और बागियों को रोकने की है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी के अधिकृत उम्मीदवारों के खिलाफ मैदान में उतरने वाले बागी कितने वार्डों में चुनावी समीकरण बदलते हैं।


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