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PoK पर भारत का दावा: J&K विधानसभा की 24 सीटें क्यों हैं खाली? जानिए पूरा मामला

PoK पर भारत का दावा: J&K विधानसभा की 24 सीटें क्यों हैं खाली? जानिए पूरा मामला

PoK पर भारत के दावे का बड़ा संवैधानिक संकेत? जम्मू-कश्मीर विधानसभा की 24 सीटें आज भी क्यों हैं खाली

नई दिल्ली। पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoK) को लेकर भारत के दावे की चर्चा जब भी होती है, तब जम्मू-कश्मीर विधानसभा की 24 सीटों का जिक्र जरूर आता है। इन सीटों को पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर के हिस्से के लिए रखा गया है और इन पर अब तक चुनाव नहीं हुए हैं।

दरअसल, जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम में स्पष्ट प्रावधान है कि पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्र के भारतीय नियंत्रण में आने तक विधानसभा की 24 सीटें खाली रहेंगी और विधानसभा की कुल सदस्य संख्या तय करते समय इन सीटों को शामिल नहीं किया जाएगा।

24 सीटों का क्या है पूरा मामला?

जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम के तहत विधानसभा के लिए प्रत्यक्ष चुनाव से भरी जाने वाली सीटों की संख्या निर्धारित की गई है। 2023 के संशोधन के बाद यह संख्या 107 से बढ़कर 114 की गई। लेकिन कानून की धारा 14(4) के तहत पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्र से संबंधित 24 सीटों को खाली रखने का प्रावधान कायम है।

कानून में यह भी कहा गया है कि इन क्षेत्रों और सीटों को विधानसभा क्षेत्रों के परिसीमन में शामिल नहीं किया जाएगा, जब तक वह क्षेत्र पाकिस्तान के कब्जे से मुक्त नहीं हो जाता और वहां के लोग अपने प्रतिनिधि नहीं चुनते।

1947 में क्या हुआ था?

1947 में ब्रिटिश भारत के विभाजन के बाद जम्मू-कश्मीर रियासत के महाराजा हरि सिंह ने भारत के साथ Instrument of Accession (विलय पत्र) पर हस्ताक्षर किए। इसके बाद भारतीय सेना जम्मू-कश्मीर पहुंची और पाकिस्तान समर्थित कबायली हमले के खिलाफ सैन्य कार्रवाई हुई।

इसके बाद जम्मू-कश्मीर का एक हिस्सा पाकिस्तान के नियंत्रण में चला गया। भारत आज भी पूरे जम्मू-कश्मीर क्षेत्र पर अपने संवैधानिक दावे को कायम रखता है।

क्या 24 खाली सीटें भारत के दावे का सबूत हैं?

संवैधानिक दृष्टि से ये सीटें भारत के दावे को दर्शाने वाला महत्वपूर्ण प्रावधान हैं। भारत ने कानून में इन सीटों को खत्म करने के बजाय खाली रखने की व्यवस्था की है। यानी इन सीटों को भविष्य में उस क्षेत्र के प्रतिनिधित्व से जोड़ा गया है, जिसे भारत पाकिस्तान के कब्जे वाला अपना क्षेत्र मानता है।

हालांकि, “सबसे बड़ा सबूत” कहना एक राजनीतिक या संपादकीय व्याख्या है। 24 सीटों का प्रावधान स्वयं भारत के घरेलू कानून में दर्ज स्थिति को दिखाता है।

विधानसभा में इन सीटों पर चुनाव क्यों नहीं होते?

इन सीटों पर चुनाव इसलिए नहीं कराए जाते क्योंकि संबंधित क्षेत्र फिलहाल भारतीय प्रशासन के नियंत्रण में नहीं है। कानून के अनुसार जब तक पाकिस्तान के कब्जे वाला क्षेत्र भारतीय नियंत्रण में नहीं आता और वहां रहने वाले लोग अपने प्रतिनिधि नहीं चुनते, तब तक ये सीटें खाली रहेंगी।

इस व्यवस्था का उद्देश्य विधानसभा के क्षेत्रीय ढांचे में उस हिस्से के लिए जगह बनाए रखना है, जिसे भारत अपने दावे वाले जम्मू-कश्मीर का हिस्सा मानता है।

24 सीटों का मुद्दा फिर चर्चा में क्यों?

2026 में परिसीमन से जुड़े प्रस्तावों और PoK के लिए भविष्य में संवैधानिक-प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर चर्चा के कारण ये 24 सीटें फिर सुर्खियों में आईं। अप्रैल 2026 में प्रस्तावित Delimitation Bill को लेकर रिपोर्टों में भी इन 24 सीटों का उल्लेख किया गया था। प्रस्तावित व्यवस्था में पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्रों की स्थिति बदलने पर परिसीमन की प्रक्रिया से जुड़े प्रावधानों की चर्चा हुई।

PoK को लेकर भारत और पाकिस्तान का रुख अलग

कश्मीर भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से विवाद का विषय है। भारत का आधिकारिक रुख है कि पाकिस्तान के कब्जे वाला क्षेत्र जम्मू-कश्मीर का हिस्सा है, जबकि पाकिस्तान इस दावे को स्वीकार नहीं करता।

यही कारण है कि विधानसभा की 24 सीटें केवल राजनीतिक प्रतिनिधित्व का विषय नहीं हैं, बल्कि भारत की संवैधानिक और क्षेत्रीय दावेदारी के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण मानी जाती हैं।

निष्कर्ष

जम्मू-कश्मीर विधानसभा की 24 खाली सीटें भारत के संवैधानिक ढांचे में PoK को लेकर उसकी स्थिति को स्पष्ट रूप से दर्शाती हैं। कानून इन सीटों को भविष्य के प्रतिनिधित्व के लिए खाली रखता है और संबंधित क्षेत्र को परिसीमन से भी बाहर रखता है।

इसलिए 24 सीटों का मुद्दा जम्मू-कश्मीर और PoK से जुड़े सबसे महत्वपूर्ण संवैधानिक प्रावधानों में से एक है। हालांकि, इसे “भारत के दावे का सबसे बड़ा सबूत” कहना तथ्य के बजाय एक राजनीतिक/संपादकीय व्याख्या होगी।

PoK ​की 24 सीटों को आरक्षित रखा गया है, क्योंकि PoK भारत का है, हमारा है और  इसे हमसे कोई नहीं छीन सकता।, - श्री Amit Shah, पूरा देखें:  https://youtu.be/aXbNC1QOWhM | Bharatiya Janata Party (BJP) | ...

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