भारत के दावे के कुछ घंटे बाद पाकिस्तान ने मोहम्मद आसिफ को किया पेश, ‘मारे गए’ LeT कमांडर की पहचान पर बड़ा विवाद
- bySanjay
- 03 October, 2026
भारत के दावे के कुछ घंटे बाद पाकिस्तान ने मोहम्मद आसिफ को मीडिया के सामने किया पेश, पहचान को लेकर आमने-सामने दावे

नई दिल्ली/इस्लामाबाद। जम्मू-कश्मीर के बडगाम में लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के कमांडर हाशिम मूसा उर्फ आसिफ फौजी के मारे जाने के भारत के दावे के एक दिन बाद भारत और पाकिस्तान की ओर से उसकी पहचान को लेकर बिल्कुल अलग-अलग दावे सामने आए हैं। भारत के गृह मंत्रालय ने 30 सितंबर को कहा था कि सुरक्षा बलों ने एक खुफिया-आधारित संयुक्त अभियान में मूसा उर्फ आसिफ फौजी को मार गिराया।
इसके अगले दिन, 1 अक्टूबर को पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) ने एक व्यक्ति को मीडिया के सामने पेश किया और उसकी पहचान मोहम्मद आसिफ के रूप में बताई। पाकिस्तान का दावा है कि यह व्यक्ति पाकिस्तान सेना का पूर्व SSG जवान है और जीवित है। इस घटनाक्रम के बाद बडगाम में मारे गए व्यक्ति की पहचान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।
भारत ने क्या दावा किया था?
भारत के गृह मंत्रालय के अनुसार, बडगाम जिले के खांसाहिब इलाके में सुरक्षा बलों ने खुफिया जानकारी के आधार पर अभियान चलाया था। मंत्रालय ने मारे गए व्यक्ति की पहचान मूसा उर्फ आसिफ फौजी के रूप में की और कहा कि वह लश्कर-ए-तैयबा का वरिष्ठ कमांडर था। सरकार के मुताबिक, सुरक्षा बल लंबे समय से उसकी तलाश कर रहे थे।
भारतीय अधिकारियों के अनुसार, मूसा उस चार सदस्यीय LeT समूह का अंतिम सदस्य था, जिसे जम्मू-कश्मीर में 2022 के बाद कई बड़े हमलों से जोड़ा गया था। गृह मंत्रालय ने कहा कि समूह के अन्य तीन सदस्यों को अलग-अलग अभियानों में पहले ही मार गिराया गया था।
पाकिस्तान ने किसे मीडिया के सामने पेश किया?
पाकिस्तान के सैन्य प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मोहम्मद आसिफ नाम के व्यक्ति को पत्रकारों के सामने पेश किया। पाकिस्तान के अनुसार, वह पूर्व पाकिस्तानी सैनिक है और 2023 में सेना से रिटायर हुआ था।
मीडिया के सामने आसिफ ने कहा कि उसे दोस्तों से फोन आने के बाद पता चला कि सोशल मीडिया और भारतीय मीडिया में उसके मारे जाने की खबरें चल रही हैं। उसने दावा किया कि वह उस समय अपने घर पर था।
पाकिस्तानी रिपोर्टों के मुताबिक, आसिफ ने बताया कि उसने 2000 में पाकिस्तान सेना ज्वाइन की थी और बाद में 2005 में स्पेशल सर्विसेज ग्रुप (SSG) में शामिल हुआ। उसके अनुसार उसने 2023 में सेना से रिटायरमेंट ली।
आखिर विवाद किस बात पर है?
विवाद मुख्य रूप से मारे गए व्यक्ति की पहचान को लेकर है। भारत की आधिकारिक स्थिति यह है कि बडगाम अभियान में मारा गया व्यक्ति मूसा उर्फ आसिफ फौजी था। दूसरी ओर, पाकिस्तान का कहना है कि जिस मोहम्मद आसिफ को भारत ने उस व्यक्ति के रूप में बताया, वह अलग व्यक्ति है और जीवित है।
इसलिए फिलहाल उपलब्ध सार्वजनिक सूचनाओं के आधार पर यह कहना जल्दबाजी होगी कि दोनों पक्षों में से किसका पहचान संबंधी दावा अंतिम रूप से सही है। स्वतंत्र रूप से सत्यापित पहचान संबंधी निर्णायक जानकारी अभी सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं हुई है।
पाकिस्तान की प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या कहा गया?
पाकिस्तानी सैन्य प्रवक्ता ने भारत के दावे को खारिज करते हुए कहा कि पेश किया गया मोहम्मद आसिफ पूर्व SSG कमांडो है। पाकिस्तान ने इस घटनाक्रम को भारत के दावे पर सवाल उठाने के लिए इस्तेमाल किया। हालांकि, पाकिस्तान की ओर से लगाए गए आरोपों के समर्थन में भी स्वतंत्र सत्यापन योग्य सभी साक्ष्य सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
भारत की ओर से क्या स्थिति है?
भारत की ओर से गृह मंत्रालय ने 30 सितंबर को जारी बयान में बडगाम अभियान और मूसा उर्फ आसिफ फौजी के मारे जाने की जानकारी दी थी। उस बयान में ऑपरेशन को लंबे समय से चल रहे आतंकवाद विरोधी अभियान का हिस्सा बताया गया था।
पाकिस्तान द्वारा मोहम्मद आसिफ को मीडिया के सामने पेश किए जाने के बाद इस पहचान विवाद पर भारत की ओर से तत्काल सार्वजनिक रूप से कोई विस्तृत जवाब उपलब्ध नहीं था, जिसके कारण दोनों देशों के आधिकारिक दावों में अंतर बना हुआ है।
अब आगे क्या?
बडगाम मुठभेड़ में मारे गए व्यक्ति की वास्तविक पहचान को लेकर सामने आए विरोधाभासी दावों ने मामले को और जटिल बना दिया है। एक तरफ भारत सुरक्षा बलों के अभियान में LeT कमांडर मूसा उर्फ आसिफ फौजी के मारे जाने की बात कह रहा है, वहीं पाकिस्तान एक जीवित मोहम्मद आसिफ को सामने रखकर इस पहचान को चुनौती दे रहा है।
फिलहाल इस मामले का सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि बडगाम में मारा गया व्यक्ति वास्तव में कौन था। इसका स्पष्ट उत्तर स्वतंत्र पहचान सत्यापन या आगे सामने आने वाले आधिकारिक साक्ष्यों से ही मिल सकेगा।
Note: Content and images are for informational use only. For any concerns, contact us at info@rajasthaninews.com.
GST कटौती का बड़ा फा...
Related Post
Hot Categories
Recent News
Daily Newsletter
Get all the top stories from Blogs to keep track.








