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ट्रेन में सोने का भी है रेलवे का नियम! रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक ही मिलेगी Sleeping Berth की सुविधा

ट्रेन में सोने का भी है रेलवे का नियम! रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक ही मिलेगी Sleeping Berth की सुविधा

🚆 ट्रेन में मनमर्जी से नहीं सो सकते यात्री! जानिए रेलवे का पूरा Sleeping Rule

ट्रेन में सफर करते समय अक्सर यात्रियों के बीच सीट पर सोने को लेकर बहस हो जाती है। खासकर तब, जब कोई यात्री दिन में भी सीट पर लेटकर सोना शुरू कर देता है और दूसरे यात्रियों को बैठने की जगह नहीं मिलती। ऐसे मामलों के लिए रेलवे के नियमों में बैठने और सोने के लिए अलग समय व्यवस्था दी गई है।

🛏️ रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक सोने की सुविधा

भारतीय रेलवे के आरक्षण नियमों के अनुसार, रिजर्व की गई बर्थ का उद्देश्य रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक सोने की सुविधा देना है। बाकी समय यानी सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक यात्रियों को सीटिंग व्यवस्था के अनुसार यात्रा करनी होती है।

🪑 दिन में Lower Berth पर क्या होगा?

अगर आपके पास Lower Berth है तो दिन के समय वह सीटिंग के लिए इस्तेमाल की जाती है। ऐसे में सिर्फ यह कहकर कि आपकी सीट Lower Berth है, आप पूरे दिन उस पर लेटकर नहीं रह सकते। दूसरे यात्रियों को बैठने की सुविधा देना भी जरूरी है।

रेलवे के Commercial Manual में भी Sleeper Coach में रात के समय sleeping accommodation और बाकी समय sitting accommodation का प्रावधान बताया गया है।

🌙 रात में कब तक परेशान नहीं किया जाना चाहिए?

Northern Railway के Operating Manual के मुताबिक, आरक्षित accommodation में सफर करने वाले यात्रियों को रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक टिकट चेक करने के लिए सामान्य तौर पर नहीं जगाया जाना चाहिए। हालांकि, बिना टिकट या किसी अनियमित यात्रा का संदेह होने जैसी परिस्थितियों में अपवाद हो सकता है।

⚠️ Middle Berth को लेकर भी नियम

Middle Berth खोलने को लेकर भी समय की व्यवस्था है। रात में सोने के समय इसका इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन दिन में इसे बंद रखकर नीचे की सीट को लंबे समय तक बाधित नहीं किया जाना चाहिए।

👉 आसान भाषा में समझें

सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक: बैठने की व्यवस्था
रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक: सोने की व्यवस्था
रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक: सामान्यतः टिकट चेकिंग के लिए यात्रियों को नहीं जगाया जाना चाहिए।

इसलिए अगली बार ट्रेन में कोई यात्री दिनभर बर्थ पर कब्जा करके सो रहा हो, तो उसे रेलवे की निर्धारित seating/sleeping व्यवस्था के बारे में बताया जा सकता है।


Note: Content and images are for informational use only. For any concerns, contact us at info@rajasthaninews.com.

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