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25 साल पहले दूरदर्शन पर आता था ये हॉरर शो, बच्चों को रात में अकेले जाने से लगता था डर

25 साल पहले दूरदर्शन पर आता था ये हॉरर शो, बच्चों को रात में अकेले जाने से लगता था डर

25 साल पहले दूरदर्शन पर आता था ये हॉरर शो, जिसे देखकर रात में अकेले टॉयलेट जाने से भी डरते थे बच्चे

मुंबई, 19 सितंबर 2026: आज के दौर में हॉरर कंटेंट देखने के लिए दर्शकों के पास OTT प्लेटफॉर्म और कई टीवी चैनल मौजूद हैं, लेकिन एक समय ऐसा भी था जब दूरदर्शन पर आने वाले डरावने कार्यक्रम लोगों के बीच खासा खौफ पैदा कर देते थे। ऐसा ही एक चर्चित शो था ‘आपबीती’, जिसे बी.आर. चोपड़ा से जोड़ा जाता है और जिसमें कथित तौर पर सच्ची घटनाओं पर आधारित डरावनी कहानियां दिखाई जाती थीं।

90 के दशक के आखिरी वर्षों और उसके आसपास हॉरर टेलीविजन का दौर तेजी से लोकप्रिय हो रहा था। उस समय इंटरनेट और OTT जैसी सुविधाएं आम नहीं थीं। ऐसे में टीवी पर रात में आने वाले हॉरर शो परिवारों और खासकर बच्चों के लिए अलग तरह का अनुभव हुआ करते थे।

👻 सच्ची घटनाओं से जुड़ी कहानियों ने बढ़ाया डर

‘आपबीती’ की कहानियों की खासियत यह थी कि इनके पीछे वास्तविक घटनाओं से प्रेरित होने का दावा किया जाता था। एपिसोड में रहस्यमय घटनाओं, डरावने अनुभवों और कथित पैरानॉर्मल घटनाओं को नाटकीय अंदाज में पेश किया जाता था।

यही वजह थी कि शो खत्म होने के बाद भी कई दर्शकों के मन में उसके दृश्य और घटनाएं घूमती रहती थीं। रात में घर के किसी दूसरे कमरे में जाना या अकेले बाहर निकलना बच्चों के लिए डरावना लगने लगता था।

📺 उस दौर में हॉरर शो देखना था अलग अनुभव

आज के दर्शक हॉरर फिल्में और वेब सीरीज कभी भी मोबाइल या OTT पर देख सकते हैं, लेकिन उस समय टीवी कार्यक्रमों का एक निश्चित समय होता था। रात में पूरा परिवार टीवी के सामने बैठता था और जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती थी, घर का माहौल भी गंभीर होता जाता था।

कई लोगों के लिए शो का सबसे डरावना हिस्सा कहानी से ज्यादा यह सोच होती थी कि “अगर ये घटना सच में हुई होगी तो?” सच्ची घटना पर आधारित होने का दावा डर को और बढ़ा देता था।

😨 बच्चों पर सबसे ज्यादा होता था असर

उस समय छोटे बच्चों के लिए हॉरर कंटेंट आज की तुलना में ज्यादा प्रभावशाली हो सकता था। सीमित टीवी चैनलों के दौर में एक ही कार्यक्रम को परिवार के कई सदस्य साथ देखते थे। हॉरर कहानी खत्म होने के बाद बच्चे अंधेरे कमरे में जाने या रात में अकेले उठने से बचते थे।

सोशल मीडिया के आने से पहले ऐसे टीवी शो अगले दिन स्कूल, मोहल्ले और दोस्तों के बीच चर्चा का विषय भी बन जाते थे। कौन-सा एपिसोड ज्यादा डरावना था और उसमें क्या हुआ—इन बातों पर खूब चर्चा होती थी।

🕰️ आज भी याद आता है दूरदर्शन का वो दौर

समय के साथ टेलीविजन का स्वरूप पूरी तरह बदल गया। सैकड़ों चैनल, YouTube और OTT प्लेटफॉर्म आने के बावजूद 90 के दशक के कई दर्शकों के लिए दूरदर्शन के हॉरर शो की याद अलग ही है।

हालांकि आज ऐसे कार्यक्रमों को देखकर डर कम और nostalgia यानी पुरानी यादें ज्यादा ताजा होती हैं। सोशल मीडिया पर भी पुराने टीवी शो और सीरियल के क्लिप्स वायरल होते रहते हैं, जिसके चलते नई पीढ़ी को भी उस दौर के कार्यक्रमों के बारे में जानने का मौका मिलता है।

नोट: ऐसे पुराने कार्यक्रमों के बारे में ऑनलाइन उपलब्ध जानकारी में प्रसारण वर्ष, चैनल और “सच्ची घटनाओं” पर आधारित होने जैसे दावों में अंतर मिल सकता है। इसलिए इन्हें प्रकाशित करते समय उपलब्ध अभिलेखीय स्रोतों से विवरण की पुष्टि करना उचित रहेगा।


Note: Content and images are for informational use only. For any concerns, contact us at info@rajasthaninews.com.

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