अमेरिका में चार बचपन के टीकों पर बड़ा फैसला: फ्लू वैक्सीन समेत सिफारिशों में कटौती
- byAman Prajapat
- 06 January, 2026
जो अमेरिका हमेशा से अपने बच्चों को रोगों से बचाने वाला वैक्सीन प्रोग्राम चिल्ला-चिल्ला कर बताता था, वही देश अब उलटा मोड़ ले रहा है। हां, वही CDC (Centers for Disease Control and Prevention) ने अपने बचपन के टीकाकरण शेड्यूल से *चार बड़े-बड़े टीकों की ‘सार्वभौमिक सिफारिश’ यानी कि हर बच्चे को जरूरी है वाली गाइडलाइन को निकाल दिया है।
यह अफसोस वाली खबर नहीं, बल्कि एक राजनीतिक और स्वास्थ्य नीति में बड़ा बदलाव है — और इसे सुनकर जो वैक्सीन एक्सपर्ट्स बैठे हैं, वे बिल्कुल खुश नहीं हैं। चलो, बात को एक-एक करके खोलते हैं:
🧠 १. बदलते नियम का क्या मतलब है?
पहले तक अमेरिका में CDC कहता था कि सब बच्चों को नीचे दिए गए रोगों के खिलाफ ये टीके लगने चाहिए:
🦠 इन्फ्लूएंजा (फ़्लू)
🦠 रोटावायरल संक्रमण
🦠 मेनिंगोकोकल बीमारी
🦠 हेपेटाइटिस A
अब CDC ने सीधा ये कह दिया कि अब ये टीके हर बच्चे के लिए नहीं हैं, और माता-पिता को डॉक्टर्स के साथ shared clinical decision-making यानी मिलकर डिस्कशन करके फैसला करना चाहिए कि इन्हें लेना है या नहीं।
सीधे शब्दों में — अमेरिका ने ये सुझाव बड़े पैमाने पर हटाकर कंडीशनल यानी शर्तों पर डाल दिया।
📉 २. सिफारिश क्यों हटाई गई?
बोलें तो यह निर्णय अचानक नहीं आया। इसके पीछे केstract का दावा है कि अमेरिकी स्वास्थ्य विभाग ने 20 विकसित देशों के वैक्सीन शेड्यूल देखे और पाया कि अमेरिका काफी “आउटलेयर” यानि अलग था। उनको लगा कि इतना हाई-वॉल्टेज one-size-fits-all टीकाकरण जरूरी नहीं है और इसे बढ़ा-चढ़ाकर बताया गया है।
लेकिन सच्चाई यह भी है कि इस निर्णय में
👉 CDC की नियमित विशेषज्ञ समिति की सलाह पूरा नहीं ली गई,
👉 Health Secretary का रोल बहुत बड़ा रहा, और
👉 इसके पीछे राजनीतिक समर्थन भी शामिल रहा — जैसा कि राष्ट्रपति और HHS के बयान में भी दिखा।
⚠️ ३. वैक्सीन एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं?
अब सबसे दमदार बात — जो डॉक्टर्स और पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट्स हैं, उनका रिएक्शन भारी नाखुश रहा।
उनका कहना है कि ये चार टीके बच्चों को अस्पताल भेजने वाली और रोग फैलने वाली बीमारियों से बचाते थे, और इन्हें सामान्य सिफारिश से हटाना जोखिम भरा है।
विशेषकर:
फ़्लू (इन्फ्लुएंजा) — हर साल कई बच्चों को हॉस्पिटल में डाल देता है और जान का खतरा भी बढ़ाता है।
रोटावायरस — बच्चों में डायरिया और डिहाइड्रेशन की वजह से अस्पताल जाने वाले मामलों को काफी कम कर देता था।
मेनिंगोकोकल बीमारी — दिमाग को संक्रमित करने वाला जानलेवा रोग हो सकता है।
हेपेटाइटिस A — यकृत को प्रभावित करती है, अस्पताल में भर्ती और लिवर डैमेज का खतरा बढ़ाती है।
डॉक्टर्स कहते हैं कि टीके हटाने से कम टीकाकरण होगा, जिससे ये बीमारियां फिर से फैल सकती हैं।
👨👩👧👦 ४. माता-पिता के लिए इसका असर
अगर तुम एक अमेरिकी परिवार होते, तो अब फ्लू और इन दूसरे चार वैक्सीन के बारे में डॉक्टर से बैठकर shared decision-making करना पड़ेगा — जिसका मतलब है कि:
✔️ तुम दोनों (माँ-पिता) और
✔️ बच्चा देखने वाला डॉक्टर
सब मिलकर चर्चा करेंगे कि टीका लेना चाहिए या नहीं
इसके आधार पर निर्णय लेना पड़ेगा।
लेकिन इसका उल्टा असर यह भी हो सकता है कि कुछ पैरेंट्स डॉक्टर से डिस्कस कर बिना टीके लेना छोड़ दें, और इससे बीमारी फैलने का खतरा बढ़ जाए।
🧪 ५. जो टीके अब भी हर बच्चे के लिए हैं
यूएस सरकार ने माना है कि कुछ टीके अभी भी सार्वभौमिक सिफारिश के लायक हैं। इनमें शामिल हैं:
MMR (मीजल्स, मम्प्स, रुबेला)
पोलियो
डिप्थीरिया-टेनेटस-परटुसिस
चिकनपॉक्स (Varicella)
HPV (अब 1 डोज़)
और कई और core टीके।
ध्यान देना: HPV के लिए पहले दो या तीन डोज़ चाहिए थे, अब CDC सिर्फ एक डोज़ की सिफारिश कर रहा है, जो WHO की गाइडलाइन के साथ मिलता-जुलता है।

🏥 ६. पेट का सवाल — क्या बीमा लगेगा?
कुछ लोग पूछ रहे हैं कि अगर सिफारिश हट गई तो बीमा कवरेज भी हट जाएगा क्या?
नहीं, CDC और HHS ने कहा है कि जो टीके पहले से कवर थे, वे अब भी कवर रहेंगे, चाहे सिफारिश बदल गई हो या न।
📊 ७. विशेषज्ञों का बड़ा डर
वैज्ञानिक समुदाय सबसे ज्यादा यही डरता है कि बिना विशेषज्ञ पैनल के निर्णय लिए गए ये बदलाव वैज्ञानिक दृष्टिकोण से कम substantiate हैं। और इससे बच्चों में रोग फिर से फैल सकता है, खासकर फ्लू और रोटावायरस जैसे फैलने वाले रोगों में।
🧭 ८. क्या यह बदलाव सिर्फ अमेरिका तक ही है?
देखो दोस्त, दुनिया के ज़्यादातर विकसित देशों में अलग-अलग शेड्यूल होते हैं। कुछ देशों में फ्लू वैक्सीन आम तौर पर सभी बच्चों को नहीं दी जाती है। लेकिन उन्हें स्वास्थ्य प्रणाली के बड़े फर्क के साथ समझा जाता है — जैसे यूनिवर्सल हेल्थकेयर।
सीधे शब्दों में — हम नहीं कह रहे कि अमेरिका वाला तरीका सही है या गलत, बस यह एक बेहद बड़ा नीति-स्तर का बदलाव है जिसे विशेषज्ञ बहुत गंभीरता से देख रहे हैं।
🧠 निष्कर्ष
यूएस ने अपने childhood vaccination schedule से चार बड़े टीकों की सामान्य सिफारिश हटा दी है, और उसे अब parents + doctors decision-making के ज़िम्मे छोड़ दिया है।
यह एक जीवंत, बहस भरा, हेल्थ पॉलिसी बदलाव है — जिसमें स्वास्थ्य विशेषज्ञ, पैरेंट्स, और सरकारी अधिकारी सबके अलग-अलग विचार हैं। कुल मिलाकर, बच्चों की सुरक्षा, बीमारी का प्रसार, और चिकित्सा विज्ञान के सिद्धांतों के बीच टकराव यहाँ पूरा खुलकर सामने आया है।
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