नॉर्वे का मेयर निकला भारत की सड़कों पर ऑटो लेकर! जैसलमेर से कोच्चि तक 4,300 KM का सफर, गुजरात में वीडियो वायरल
- bySanjay
- 10 October, 2026
नॉर्वे का मेयर निकला भारत की सड़कों पर ऑटो लेकर! जैसलमेर से कोच्चि तक 4,300 KM का सफर, गुजरात में वीडियो वायरल
नई दिल्ली। भारत में विदेशी पर्यटकों के घूमने के कई अनोखे अंदाज देखने को मिलते हैं, लेकिन इन दिनों नॉर्वे के एक नगर के मेयर की ऑटो-रिक्शा यात्रा सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। नॉर्वे के पोरसांगर नगर के मेयर जो इंग हेस्जेविक (Jo Inge Hesjevik) भारत में सामान्य पर्यटक की तरह कार या किसी लग्जरी वाहन के बजाय रंगीन ऑटो-रिक्शा से लंबी यात्रा कर रहे हैं। राजस्थान के जैसलमेर से केरल के फोर्ट कोच्चि तक प्रस्तावित इस सफर की दूरी करीब 4,300 किलोमीटर बताई गई है।
इस यात्रा से जुड़ा एक वीडियो गुजरात के लिमड़ी इलाके में सामने आया। वीडियो में एक स्थानीय व्यक्ति विदेशी यात्रियों से बातचीत करता दिखाई देता है। बातचीत के दौरान उसे पता चलता है कि ऑटो-रिक्शा से भारत घूम रहा व्यक्ति नॉर्वे के पोरसांगर नगर का मेयर है। इसके बाद इस मुलाकात का वीडियो सोशल मीडिया पर फैलने लगा और लोगों की दिलचस्पी इस अनोखी यात्रा में बढ़ गई। <Cite refs={["turn286647search0","turn286647search3","turn286647search4"]}/>
गुजरात के लिमड़ी में कैसे सामने आया मेयर का वीडियो?
वायरल वीडियो गुजरात के लिमड़ी क्षेत्र में रिकॉर्ड किया गया था। रिपोर्टों के अनुसार, स्थानीय निवासी चिंतन मातिया की मुलाकात ऑटो-रिक्शा से यात्रा कर रहे विदेशी पर्यटकों से हुई। बातचीत के दौरान उन्हें जानकारी मिली कि उनके सामने मौजूद व्यक्ति नॉर्वे के पोरसांगर नगर के मेयर जो इंग हेस्जेविक हैं।
स्थानीय व्यक्ति ने इस मुलाकात का वीडियो इंस्टाग्राम पर साझा किया। वीडियो में वह मेयर की पहचान बताते हुए उनके भारत में ऑटो-रिक्शा से घूमने पर आश्चर्य जताता है। वहीं, हेस्जेविक मुस्कुराते हुए नजर आते हैं। इस छोटी-सी मुलाकात ने लोगों का ध्यान इसलिए खींचा क्योंकि एक विदेशी नगर प्रमुख भारत की सड़कों पर ऑटो-रिक्शा से लंबा सफर कर रहा था।
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने उनके यात्रा करने के तरीके पर प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ लोगों ने इसे रोमांचक यात्रा बताया, जबकि कई यूजर्स ने सार्वजनिक पद पर बैठे लोगों के आम पर्यटकों की तरह घूमने के अंदाज पर चर्चा की। <Cite refs={["turn286647search3","turn286647search4","turn286647search5"]}/>
जैसलमेर से फोर्ट कोच्चि तक करीब 4,300 किलोमीटर का सफर
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, हेस्जेविक ने अपने साथी Øyvind Hesjevik के साथ 26 सितंबर 2026 को राजस्थान के जैसलमेर से यात्रा शुरू की थी। उनका निर्धारित गंतव्य केरल का फोर्ट कोच्चि था। इस यात्रा की कुल नियोजित दूरी लगभग 4,300 किलोमीटर बताई गई है।
यह सफर ‘रिक्शा रन इंडिया’ नाम के एडवेंचर कार्यक्रम का हिस्सा है। इसमें प्रतिभागी ऑटो-रिक्शा से लंबी दूरी तय करते हुए देश के विभिन्न हिस्सों से गुजरते हैं। इस तरह की यात्रा में केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचना ही उद्देश्य नहीं होता, बल्कि रास्ते में आने वाले शहरों, स्थानीय लोगों, खानपान और अलग-अलग क्षेत्रों की संस्कृति को करीब से अनुभव करना भी शामिल होता है।
28 सितंबर को साझा किए गए एक यात्रा अपडेट में हेस्जेविक ने बताया था कि वे लगभग 1,400 किलोमीटर की दूरी तय कर चुके थे और करीब 2,900 किलोमीटर का सफर बाकी था। बाद के अपडेट में उन्होंने गोवा से सुरक्षित गुजरने का जिक्र किया और यात्रा के दौरान वाहन को हुए कुछ नुकसान का भी हल्के-फुल्के अंदाज में उल्लेख किया। <Cite refs={["turn286647search0","turn286647search1","turn286647search2"]}/>
आखिर ऑटो-रिक्शा से ही क्यों कर रहे हैं भारत की यात्रा?
इस यात्रा की खास बात यही है कि इसमें प्रतिभागियों ने पारंपरिक पर्यटन के बजाय ऑटो-रिक्शा से लंबी दूरी तय करने का रास्ता चुना है। भारत में ऑटो-रिक्शा रोजमर्रा के परिवहन का आम साधन है, लेकिन इसी वाहन से हजारों किलोमीटर की अंतरराज्यीय यात्रा करना एक अलग तरह का अनुभव है।
‘रिक्शा रन इंडिया’ इसी तरह के रोमांचक सफर के लिए जाना जाता है। इसमें यात्रियों को बदलते रास्तों, मौसम, सड़क की परिस्थितियों और स्थानीय परिवेश के बीच यात्रा करनी पड़ती है। सामान्य पर्यटन की तुलना में इस तरह के सफर में रोजमर्रा की छोटी-छोटी परिस्थितियों से भी सामना होता है।
हेस्जेविक और उनके साथी के यात्रा अपडेट से पता चलता है कि रास्ते में उन्हें सड़क की चुनौतियों और वाहन में टूट-फूट जैसी परेशानियों का भी सामना करना पड़ा। इसके बावजूद वे अपनी यात्रा जारी रखे हुए थे। यही वजह है कि यह सफर केवल एक वायरल वीडियो तक सीमित नहीं रहा, बल्कि लोगों के लिए भारत में चल रहे एक अनोखे एडवेंचर की कहानी बन गया।
सोशल मीडिया पर लोगों की दिलचस्पी क्यों बढ़ी?
वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने मेयर के यात्रा करने के तरीके पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ यूजर्स ने उनके सहज व्यवहार और स्थानीय लोगों से बातचीत करने की सराहना की। वहीं, कुछ लोगों ने इस घटना की तुलना भारत में सार्वजनिक पदों पर बैठे नेताओं के आमतौर पर इस्तेमाल किए जाने वाले वाहनों और सुरक्षा व्यवस्थाओं से की।
हालांकि, सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणियां लोगों की व्यक्तिगत प्रतिक्रियाएं हैं। उनसे किसी देश के सभी नेताओं या अधिकारियों के व्यवहार के बारे में सामान्य निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। इस खबर की वास्तविक दिलचस्पी इस बात में है कि एक निर्वाचित नगर प्रमुख ने भारत की यात्रा के लिए ऐसा साधन चुना, जो आम लोगों के दैनिक जीवन का हिस्सा है।
इस घटना ने यह भी दिखाया कि सोशल मीडिया पर कभी-कभी किसी बड़ी योजना या औपचारिक कार्यक्रम के बजाय एक छोटी-सी स्थानीय मुलाकात भी व्यापक ध्यान आकर्षित कर सकती है। गुजरात में रिकॉर्ड किया गया वीडियो इसी तरह चर्चा में आया।
भारत की संस्कृति को करीब से देखने का अलग तरीका
जैसलमेर से फोर्ट कोच्चि तक का प्रस्तावित रास्ता राजस्थान, गुजरात और देश के दूसरे क्षेत्रों से होकर गुजरने वाली लंबी यात्रा है। ऐसे सफर में यात्रियों को अलग-अलग इलाकों के खानपान, भाषाओं, मौसम और स्थानीय जीवनशैली से रूबरू होने का अवसर मिलता है।
ऑटो-रिक्शा से यात्रा करने के कारण यात्रियों का रास्ते के आसपास के माहौल से सीधा संपर्क भी बना रहता है। रास्ते में स्थानीय लोगों से बातचीत, भोजन के लिए रुकना और विभिन्न स्थानों पर पड़ाव लेना इस तरह के एडवेंचर का हिस्सा हो सकता है। हालांकि, इस यात्रा के हर पड़ाव या अनुभव के बारे में अलग-अलग दावे करने से पहले संबंधित अपडेट की पुष्टि जरूरी है।
हेस्जेविक की यात्रा इस लिहाज से भी चर्चा में है कि भारत को देखने का उनका तरीका सामान्य पर्यटन से अलग है। उनके सफर की जानकारी और गुजरात में हुई मुलाकात के वीडियो ने लोगों को इस यात्रा के बारे में जानने का अवसर दिया है।
क्या यात्रा पूरी हो चुकी है?
इस खबर के संबंध में प्रकाशित रिपोर्टों में 26 सितंबर से 9 अक्टूबर 2026 तक के निर्धारित यात्रा कार्यक्रम का उल्लेख किया गया है। वहीं, 9 अक्टूबर की एक रिपोर्ट में उनके 11 अक्टूबर तक भारत में रहने की संभावना बताई गई थी। इसलिए केवल निर्धारित तारीख के आधार पर यह निश्चित नहीं कहा जा सकता कि वे फोर्ट कोच्चि पहुंच चुके हैं या यात्रा के सभी चरण पूरे हो चुके हैं। इसके लिए उनका नवीनतम आधिकारिक अपडेट देखना जरूरी है। <Cite refs={["turn286647search2","turn286647search3"]}/>
निष्कर्ष
नॉर्वे के पोरसांगर नगर के मेयर जो इंग हेस्जेविक की भारत में ऑटो-रिक्शा यात्रा इन दिनों चर्चा में है। जैसलमेर से फोर्ट कोच्चि तक करीब 4,300 किलोमीटर का निर्धारित सफर, गुजरात के लिमड़ी में स्थानीय व्यक्ति से मुलाकात और उस मुलाकात का वायरल वीडियो इस खबर की मुख्य वजह हैं।
यह घटना भारत में एडवेंचर पर्यटन और देश को अलग अंदाज में देखने के अनुभव की ओर भी ध्यान खींचती है। फिलहाल इस यात्रा की चर्चा का केंद्र उनका रंगीन ऑटो-रिक्शा, लंबा रास्ता और गुजरात में सामने आया वीडियो है।
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देखिए सुष्मिता सेन...
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