Follow Us:

Stay updated with the latest news, stories, and insights that matter — fast, accurate, and unbiased. Powered by facts, driven by you.

महात्मा गांधी की हत्या: 2 या 3 गोलियां? 78 साल बाद फिर क्यों उठे सवाल

महात्मा गांधी की हत्या: 2 या 3 गोलियां? 78 साल बाद फिर क्यों उठे सवाल

🔴 Mahatma Gandhi Assassination: 78 साल बाद फिर उठे सवाल

बापू को 2 गोलियां लगी थीं या 3? कितनी देर तक जीवित थे गांधी जी?

30 जनवरी 1948, दिल्ली की उस शाम को चली गोलियों ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को हमसे छीन लिया। यह घटना सिर्फ एक हत्या नहीं थी, बल्कि आज़ाद भारत की आत्मा पर गहरा आघात थी।
लेकिन हैरानी की बात यह है कि 78 साल बाद भी गांधी जी की हत्या से जुड़े कई सवाल आज तक पूरी तरह साफ नहीं हो पाए हैं।

🔫 कितनी गोलियां चली थीं?

नाथूराम गोडसे ने अपने बयान में कहा था कि उसने 2 गोलियां चलाईं

जबकि पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक गांधी जी को 3 गोलियां लगी थीं

👉 सवाल यह है कि अगर मामला इतना गंभीर था, तो यह तय क्यों नहीं किया गया कि गोलियां दो थीं या तीन?

⏱️ कितनी देर तक जीवित थे बापू?

कुछ प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, गोली लगने के बाद भी गांधी जी कुछ समय तक जीवित थे।
लेकिन:

उन्हें अस्पताल नहीं ले जाया गया

मौके पर ही उन्हें मृत घोषित कर दिया गया

👉 अगर कुछ मिनटों की भी संभावना थी, तो medical help क्यों नहीं दी गई?

🧪 पोस्टमार्टम क्यों नहीं हुआ?

इतनी बड़ी राष्ट्रीय और ऐतिहासिक घटना के बावजूद:

पोस्टमार्टम नहीं किया गया

जिससे गोली, चोट और मृत्यु के सटीक कारणों की पुष्टि हो सकती थी

👉 यह आज भी सबसे बड़ा और अनुत्तरित सवाल बना हुआ है।

💣 हत्या से पहले भी हुआ था हमला

बहुत कम लोग जानते हैं कि:

गांधी जी की हत्या से 13 दिन पहले उन पर बम से हमला हुआ था

मुख्य आरोपी मदनलाल पाहवा को गिरफ्तार भी किया गया था

इसके बावजूद:

सुरक्षा व्यवस्था में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ

🛡️ बापू की सुरक्षा कैसी थी?

गांधी जी उस समय:

देश के सबसे बड़े नेता थे

लेकिन उनके पास न्यूनतम सुरक्षा थी

👉 क्या यह लापरवाही थी या गांधी जी की अपनी सोच?

Mahatma Gandhi को मौत का पूर्वाभास हो गया था, 1948 से पहले भी हुए हत्या के  प्रयास
 इतिहास का अधूरा अध्याय

🏛️ 78 साल बाद क्यों उठे सवाल?

अब भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी द्वारा उठाए गए सवालों ने इस पूरे मामले पर फिर से बहस छेड़ दी है।
उन्होंने संकेत दिया कि:

ऐतिहासिक तथ्यों की दोबारा समीक्षा होनी चाहिए

और कई पहलुओं पर स्पष्टता जरूरी है

❓ सबसे बड़ा सवाल

👉 गांधी जी की हत्या का सबसे बड़ा लाभार्थी कौन था?
यह सवाल आज भी इतिहास, राजनीति और समाज के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

🧠 निष्कर्ष

महात्मा गांधी की हत्या केवल एक व्यक्ति की मौत नहीं थी, बल्कि एक विचारधारा पर हमला था।
लेकिन जब तक इससे जुड़े सवालों के जवाब पूरी पारदर्शिता से सामने नहीं आते, तब तक यह घटना इतिहास का अधूरा अध्याय बनी रहेगी। 


Note: Content and images are for informational use only. For any concerns, contact us at info@rajasthaninews.com.

Share: