Follow Us:

Stay updated with the latest news, stories, and insights that matter — fast, accurate, and unbiased. Powered by facts, driven by you.

“मां, ड्यूटी से आया हूं… अब खाना खाऊंगा” — 3 घंटे बाद शहीद हुए अग्निवीर करणसिंह राठौड़

“मां, ड्यूटी से आया हूं… अब खाना खाऊंगा” — 3 घंटे बाद शहीद हुए अग्निवीर करणसिंह राठौड़

“मां, ड्यूटी से आया हूं… अब खाना खाऊंगा”
तीन घंटे बाद आया शहादत का समाचार

कंचनपुर जोरावरनगर का लाल, मां भारती का सच्चा सपूत—
अग्निवीर करणसिंह राठौड़ देश की रक्षा करते हुए अमर हो गया।

शहादत से महज तीन घंटे पहले करणसिंह ने अपनी मां को फोन किया था। आवाज़ में रोज़ की तरह अपनापन था। कहा—
“मां, ड्यूटी से आया हूं… अब खाना खाऊंगा।”
मां को क्या पता था कि यह उसके बेटे की आखिरी आवाज़ होगी…

जब शहीद जवान की पार्थिव देह सिलीगुड़ी से दिल्ली, दिल्ली से जयपुर सैन्य अस्पताल होते हुए पुलिस थाना श्रीमाधोपुर लाई गई, तो पूरा गांव उमड़ पड़ा। हर आंख नम थी, हर दिल भारी।

गांव पहुंचते ही शहीद के सम्मान में तिरंगा रैली निकाली गई। “भारत माता की जय” और “करणसिंह अमर रहें” के नारों से आसमान गूंज उठा, लेकिन इन नारों के पीछे छिपा दर्द हर किसी को तोड़ रहा था।

राठौड़ों की ढाणी में पूरे राजकीय एवं सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। जैसे ही बहन निकेता कंवर ने अपने शहीद भाई की पार्थिव देह देखी, वह खुद को संभाल नहीं सकीं और बेहोश होकर गिर पड़ीं। वह भी देश की सेवा में BSF में तैनात हैं—एक ही परिवार, दो वर्दियां, एक शहादत…

मां का रो-रोकर कहना—
"बेटा कहकर गया था खाना खाएगा… मुझे क्या पता था कि वो अमर होने जा रहा है…"

आज करणसिंह राठौड़ हमारे बीच नहीं हैं,
लेकिन उनका बलिदान हर उस सांस में ज़िंदा रहेगा
जो आज़ादी में ली जा रही है।

🙏 शत-शत नमन वीर शहीद को
🇮🇳 करणसिंह राठौड़ अमर रहें
🇮🇳 भारत माता की जय

अग्निवीर करणसिंह राठौड़ देश की रक्षा करते हुए अमर हो गया।

Note: Content and images are for informational use only. For any concerns, contact us at info@rajasthaninews.com.

Share: