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गोवा टूरिज्म का नया फोकस! ईस्टर्न इंडिया से कनेक्टिविटी, MICE और डेस्टिनेशन वेडिंग पर जोर; बीच से आगे बढ़ेगा पर्यटन मॉडल

गोवा टूरिज्म का नया फोकस! ईस्टर्न इंडिया से कनेक्टिविटी, MICE और डेस्टिनेशन वेडिंग पर जोर; बीच से आगे बढ़ेगा पर्यटन मॉडल

गोवा टूरिज्म का नया फोकस, अब सिर्फ बीच नहीं; ईस्टर्न इंडिया से लेकर MICE और डेस्टिनेशन वेडिंग तक पर नजर

गोवा को आमतौर पर देश-विदेश के पर्यटकों के बीच समुद्र तट, नाइटलाइफ और छुट्टियों के लिए लोकप्रिय डेस्टिनेशन के तौर पर देखा जाता है। लेकिन अब गोवा पर्यटन अपनी पहचान को सिर्फ बीच हॉलिडे डेस्टिनेशन तक सीमित नहीं रखना चाहता। राज्य पर्यटन विभाग की हालिया गतिविधियों में बिजनेस ट्रैवल, MICE, डेस्टिनेशन वेडिंग और नए घरेलू बाजारों पर विशेष ध्यान दिखाई दे रहा है।

इसी रणनीति के तहत ईस्टर्न इंडिया, खासकर पश्चिम बंगाल और कोलकाता जैसे बाजारों को गोवा के लिए महत्वपूर्ण स्रोत बाजार के रूप में देखा जा रहा है। जुलाई 2026 में कोलकाता में आयोजित TTF के दौरान गोवा पर्यटन ने इसी दिशा में अपनी पहुंच मजबूत करने पर जोर दिया था।

कोलकाता से गोवा कनेक्टिविटी बनी अहम कड़ी

गोवा पर्यटन की रणनीति में एयर कनेक्टिविटी को महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है। TTF Kolkata 2026 के दौरान गोवा के पर्यटन मंत्री रोहन ए. खौंटे ने कोलकाता और गोवा के बीच सीधी उड़ान कनेक्टिविटी का उल्लेख किया था।

रिपोर्ट के मुताबिक, कोलकाता से गोवा की सीधी IndiGo उड़ान लगभग तीन घंटे में गंतव्य तक पहुंचती है। इससे केवल सामान्य पर्यटकों के लिए ही नहीं, बल्कि कारोबारी यात्राओं, कॉन्फ्रेंस, इंसेंटिव ट्रैवल और शादी समारोहों के लिए भी गोवा तक पहुंच आसान हो सकती है।

ईस्टर्न इंडिया से आने वाले यात्रियों को आकर्षित करने के लिए गोवा पर्यटन अब राज्य के समुद्र तटों के अलावा वहां की संस्कृति, खान-पान, प्रकृति और अन्य अनुभवों को भी प्रमोट कर रहा है।

MICE Tourism पर बढ़ता जोर

गोवा पर्यटन की नई रणनीति का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा MICE Tourism है। MICE का मतलब Meetings, Incentives, Conferences and Exhibitions है। यह ऐसा पर्यटन क्षेत्र है जिसमें कंपनियां और संस्थाएं मीटिंग, कॉन्फ्रेंस, बिजनेस इवेंट और प्रोत्साहन यात्राओं के लिए किसी डेस्टिनेशन का चयन करती हैं।

सितंबर 2026 में World Tourism Day के अवसर पर गोवा पर्यटन ने एक stakeholders' meet आयोजित की थी। इस दौरान पर्यटन मंत्री ने Goa MICE Bureau को आगे बढ़ाने की घोषणा की। इसका उद्देश्य राज्य को हाई-वैल्यू कॉरपोरेट ट्रैवल और कन्वेंशन गतिविधियों के लिए मजबूत डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करना है।

गोवा सरकार ने Indian Convention Promotion Bureau के साथ साझेदारी का भी उल्लेख किया है, ताकि बड़े कॉरपोरेट और कन्वेंशन आयोजनों को राज्य में आकर्षित किया जा सके।

डेस्टिनेशन वेडिंग भी बड़ी प्राथमिकता

गोवा लंबे समय से शादी समारोहों के लिए लोकप्रिय रहा है, लेकिन अब पर्यटन विभाग इसे एक व्यवस्थित और हाई-वैल्यू टूरिज्म सेगमेंट के रूप में आगे बढ़ाने पर जोर दे रहा है।

समुद्र तट, रिसॉर्ट, होटल और प्राकृतिक लोकेशन गोवा को डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए आकर्षक बनाते हैं। ईस्टर्न इंडिया जैसे बड़े घरेलू बाजार से शादी समारोहों के लिए पर्यटकों को आकर्षित करना स्थानीय होटल, इवेंट मैनेजमेंट, ट्रांसपोर्ट, फूड और अन्य पर्यटन व्यवसायों के लिए अतिरिक्त मांग पैदा कर सकता है।

केंद्र सरकार की पर्यटन नीति में भी MICE और wedding tourism को विशेष पर्यटन उत्पादों के रूप में बढ़ावा दिया जा रहा है। पर्यटन मंत्रालय ने MICE के लिए “Meet in India” और डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए “India Says I Do” जैसी पहलें शुरू की हैं।

बीच से आगे बढ़कर अनुभव आधारित पर्यटन

गोवा पर्यटन का एक और महत्वपूर्ण लक्ष्य पर्यटकों को केवल समुद्र तटों तक सीमित नहीं रखना है। पर्यटन विभाग अब ऐसे अनुभवों को भी सामने ला रहा है जो पर्यटकों को गोवा की अलग पहचान से जोड़ सकें।

इसमें संस्कृति, स्थानीय खान-पान, प्रकृति, ग्रामीण क्षेत्र, विरासत और अन्य अनुभव आधारित गतिविधियां शामिल हो सकती हैं। इससे पर्यटकों के गोवा में ठहरने की अवधि और खर्च को बढ़ाने की संभावना भी बनती है।

राज्य की पर्यटन रणनीति में सालभर पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में भी गतिविधियां चल रही हैं। सरकारी स्तर पर MICE और हाई-वैल्यू टूरिज्म को बढ़ाने की कोशिश इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा दिखाई देती है।

गोवा को सालभर का टूरिज्म डेस्टिनेशन बनाने की कोशिश

गोवा का पर्यटन लंबे समय तक मुख्य रूप से छुट्टियों और पीक सीजन पर निर्भर रहा है। अब राज्य पर्यटन विभाग का फोकस ऐसे सेगमेंट विकसित करने पर है, जिनसे अलग-अलग मौसम में पर्यटकों की मांग बनी रहे।

MICE कॉन्फ्रेंस, कॉरपोरेट इवेंट और इंसेंटिव ट्रैवल के जरिए ऑफ-पीक अवधि में भी होटल और पर्यटन सेवाओं की मांग बढ़ाई जा सकती है। वहीं डेस्टिनेशन वेडिंग और अन्य अनुभव आधारित पर्यटन नए ग्राहक वर्गों को गोवा से जोड़ सकते हैं।

सितंबर में आयोजित World Tourism Day stakeholders' meet में पर्यटन विभाग ने MICE और हाई-वैल्यू टूरिज्म को लेकर इसी दिशा में रणनीति पर चर्चा की थी।

ईस्टर्न इंडिया क्यों है महत्वपूर्ण?

ईस्टर्न इंडिया गोवा के लिए एक बड़ा घरेलू बाजार बन सकता है। कोलकाता जैसे बड़े शहर से एयर कनेक्टिविटी के अलावा पूर्वी भारत के यात्रियों के लिए गोवा का समुद्र तट, मौसम, होटल और विवाह समारोहों की सुविधाएं आकर्षण का केंद्र हैं।

गोवा पर्यटन की कोशिश अब इस बाजार को केवल सामान्य छुट्टियों के लिए नहीं, बल्कि कॉरपोरेट ट्रैवल, बिजनेस इवेंट, कॉन्फ्रेंस और डेस्टिनेशन वेडिंग जैसे ज्यादा खर्च वाले पर्यटन सेगमेंट के लिए भी विकसित करने की है।

होटल और पर्यटन कारोबार को मिल सकता है फायदा

अगर MICE और डेस्टिनेशन वेडिंग जैसे सेगमेंट तेजी से बढ़ते हैं, तो इसका फायदा केवल होटल कारोबार तक सीमित नहीं रहेगा। एयरलाइंस, टैक्सी और ट्रांसपोर्ट, इवेंट कंपनियां, कैटरिंग, फोटोग्राफी, स्थानीय गाइड, मनोरंजन और अन्य पर्यटन सेवाओं में भी मांग बढ़ सकती है।

यही वजह है कि गोवा पर्यटन अब पर्यटकों की संख्या के साथ-साथ पर्यटक किस तरह की यात्रा कर रहे हैं और कितना खर्च कर रहे हैं, इस पर भी ध्यान देता दिखाई दे रहा है।

आगे क्या है गोवा की रणनीति?

गोवा पर्यटन की मौजूदा दिशा से संकेत मिलता है कि राज्य आने वाले समय में खुद को केवल समुद्र तट वाले पर्यटन स्थल के रूप में नहीं, बल्कि लेजर + बिजनेस + MICE + वेडिंग + अनुभव आधारित पर्यटन के मिश्रित डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करना चाहता है।

ईस्टर्न इंडिया में प्रचार, बेहतर एयर कनेक्टिविटी, MICE Bureau की दिशा में काम और डेस्टिनेशन वेडिंग को बढ़ावा देने की कोशिशें इसी बदलाव का हिस्सा हैं। अगर ये पहलें सफल रहती हैं, तो गोवा के पर्यटन कारोबार को सालभर अधिक विविध और हाई-वैल्यू पर्यटक बाजार मिल सकते हैं।


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