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भारत ने पार किया 52% नॉन-फॉसिल पावर कैपेसिटी का आंकड़ा, 2030 लक्ष्य से पहले बड़ी उपलब्धि

भारत ने पार किया 52% नॉन-फॉसिल पावर कैपेसिटी का आंकड़ा, 2030 लक्ष्य से पहले बड़ी उपलब्धि

भारत ने स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए अपने कुल स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता में 52% से अधिक नॉन-फॉसिल फ्यूल (गैर-जीवाश्म ईंधन) का हिस्सा दर्ज कर लिया है। देश की कुल नॉन-फॉसिल क्षमता अब 272 गीगावॉट (GW) तक पहुंच चुकी है, जो कि 2030 के निर्धारित लक्ष्यों से काफी पहले प्राप्त कर ली गई है। यह उपलब्धि भारत की ऊर्जा परिवर्तन (Energy Transition) यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।

यह प्रगति मुख्य रूप से सौर, पवन, जलविद्युत और परमाणु ऊर्जा स्रोतों के तेज विस्तार का परिणाम है। भारत ने पिछले कुछ वर्षों में सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना में उल्लेखनीय वृद्धि की है, खासकर राजस्थान, गुजरात और तमिलनाडु जैसे राज्यों में बड़े पैमाने पर परियोजनाएं शुरू की गई हैं। इसके साथ ही पवन ऊर्जा उत्पादन में भी लगातार वृद्धि देखी गई है।

इस उपलब्धि को भारत की अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं से भी जोड़ा जा रहा है। United Nations Framework Convention on Climate Change (UNFCCC) के तहत भारत ने अपने राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (NDCs) में 2030 तक बिजली उत्पादन क्षमता का बड़ा हिस्सा गैर-जीवाश्म स्रोतों से प्राप्त करने का लक्ष्य तय किया था। अब 52% का आंकड़ा पार करना दर्शाता है कि भारत इस दिशा में निर्धारित समय से पहले आगे बढ़ रहा है।

ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, 272 GW की यह क्षमता भारत को दुनिया के अग्रणी स्वच्छ ऊर्जा उत्पादक देशों में शामिल करती है। यह उपलब्धि न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि ऊर्जा सुरक्षा और आयातित ईंधन पर निर्भरता कम करने में भी सहायक है।

विशेषज्ञों का मानना है कि नॉन-फॉसिल ऊर्जा का बढ़ता हिस्सा कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने में मदद करेगा। इससे जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने और सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को हासिल करने में भी सहायता मिलेगी। साथ ही, हरित ऊर्जा क्षेत्र में निवेश और रोजगार के नए अवसर भी बढ़ेंगे।

भारत की यह उपलब्धि दर्शाती है कि नीति-निर्माण, निवेश और तकनीकी नवाचार के समन्वय से बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। सरकार की विभिन्न योजनाएं, जैसे उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (PLI) और ग्रीन हाइड्रोजन मिशन, भविष्य में इस हिस्सेदारी को और मजबूत करेंगी।

कुल मिलाकर, 52% नॉन-फॉसिल पावर क्षमता का आंकड़ा पार करना भारत की स्वच्छ ऊर्जा प्रतिबद्धता का मजबूत प्रमाण है। यह उपलब्धि न केवल 2030 के लक्ष्यों की दिशा में अग्रिम कदम है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत की पर्यावरणीय नेतृत्व भूमिका को भी सुदृढ़ करती है।

India Hits 50% Non-Fossil Fuel Capacity, Surpasses Japan in Solar PV
भारत ने पार किया 52% नॉन-फॉसिल पावर कैपेसिटी का आंकड़ा, 2030 लक्ष्य से पहले बड़ी उपलब्धि

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