अफगानिस्तान ने पाकिस्तान से आने वाली दवाओं पर लगाया पूर्ण प्रतिबंध, भारत की ओर बढ़ी नजर
- bypari rathore
- 09 February, 2026
अफगानिस्तान ने पाकिस्तान से आने वाली दवाओं पर लगाया पूर्ण प्रतिबंध, अब भारत की ओर बढ़ी काबुल की नजर
काबुल/इस्लामाबाद:
अफगानिस्तान में सत्ता संभाल रहे तालिबान प्रशासन ने पाकिस्तान को बड़ा आर्थिक और कूटनीतिक झटका देते हुए पाकिस्तान से आयात होने वाली दवाओं पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। इस फैसले के बाद अफगानिस्तान अब अपनी दवा जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहा है।
टोलो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, अफगानिस्तान के वित्त मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल कयूम नासिर ने जानकारी दी कि यह प्रतिबंध सोमवार से तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। तालिबान प्रशासन ने साफ कहा है कि पाकिस्तान से न केवल आधिकारिक तौर पर आने वाली दवाओं, बल्कि तस्करी (स्मगलिंग) के जरिए आने वाले सभी मेडिकल उत्पादों पर भी रोक रहेगी।
तस्करी पर सख्ती, सामान होगा नष्ट
तालिबान सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि अवैध रास्तों से दवाएं लाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि कोई व्यक्ति या समूह स्मगलिंग में पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज होगा और जब्त किए गए सामान को पूरी तरह नष्ट कर दिया जाएगा।
पाकिस्तान के बजाय वैकल्पिक व्यापार मार्ग
वित्त मंत्रालय ने अफगान व्यापारियों को निर्देश दिया है कि वे पाकिस्तान पर निर्भर रहने के बजाय अन्य देशों और वैकल्पिक व्यापारिक रास्तों की तलाश करें। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब अफगानिस्तान-पाकिस्तान के संबंध पहले से ही तनावपूर्ण दौर से गुजर रहे हैं।
भारत ने दिया भरोसा
इस पूरे घटनाक्रम के बीच भारत ने अफगानिस्तान को भरोसा दिलाया है कि वह उसकी दवा और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा करने में हरसंभव मदद करेगा। भारत पहले भी अफगानिस्तान को मानवीय सहायता के तहत दवाएं, गेहूं और अन्य आवश्यक सामग्री भेजता रहा है।
पाकिस्तान के लिए बड़ा झटका
विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रतिबंध पाकिस्तान के लिए एक बड़ा आर्थिक नुकसान साबित हो सकता है, क्योंकि अफगानिस्तान लंबे समय से पाकिस्तानी दवाओं का एक प्रमुख बाजार रहा है। इसके साथ ही यह फैसला क्षेत्रीय राजनीति में भारत की भूमिका को और मजबूत करता हुआ दिखाई दे रहा है।
बदलते क्षेत्रीय समीकरण
तालिबान सरकार का यह कदम संकेत देता है कि अफगानिस्तान अब अपने व्यापारिक और कूटनीतिक विकल्पों में विविधता लाना चाहता है और पाकिस्तान पर निर्भरता कम करने की रणनीति अपना रहा है। आने वाले समय में भारत-अफगानिस्तान व्यापारिक संबंधों में और मजबूती देखने को मिल सकती है।
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