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Accenture के बेहतर रेवेन्यू आउटलुक से भारतीय IT शेयरों में तेजी, Nifty IT शुरुआती कारोबार में 1.6% चढ़ा

Accenture के बेहतर रेवेन्यू आउटलुक से भारतीय IT शेयरों में तेजी, Nifty IT शुरुआती कारोबार में 1.6% चढ़ा

Accenture के आउटलुक से भारतीय IT सेक्टर में लौटा भरोसा

भारतीय IT कंपनियों के शेयरों में सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 को शुरुआती कारोबार में तेजी देखने को मिली। इस तेजी की बड़ी वजह वैश्विक IT और कंसल्टिंग कंपनी Accenture की बेहतर रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस रही। Accenture ने आने वाले वित्त वर्ष के लिए 3% से 6% रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान दिया है, जो बाजार की उम्मीदों से बेहतर माना गया। इसके बाद निवेशकों में भारतीय IT कंपनियों के कारोबार और वैश्विक टेक्नोलॉजी खर्च को लेकर कुछ भरोसा बढ़ा।

शुरुआती कारोबार में Nifty IT इंडेक्स करीब 1.6% तक ऊपर गया। हालांकि बाद में तेजी कुछ कम हुई और दिन के दौरान IT शेयरों में उतार-चढ़ाव भी देखने को मिला। Reuters के अनुसार सुबह करीब 10:34 बजे Nifty IT की बढ़त घटकर लगभग 0.4% रह गई थी। यानी बाजार में शुरुआती उत्साह के साथ-साथ निवेशकों की सावधानी भी बनी रही।

TCS, Wipro और Persistent Systems में खरीदारी

Accenture के सकारात्मक संकेत का असर कई प्रमुख भारतीय IT कंपनियों पर दिखाई दिया। शुरुआती कारोबार में Persistent Systems, Mphasis, Wipro और Tata Consultancy Services (TCS) प्रमुख लाभ पाने वाले शेयरों में रहे। Reuters के मुताबिक इन कंपनियों में क्रमशः लगभग 3.1%, 1.1%, 2.1% और 2.1% तक की तेजी दर्ज हुई।

इसके अलावा Infosys, HCL Technologies और Tech Mahindra जैसे बड़े IT शेयर भी निवेशकों के रडार पर रहे। बाजार की नजर अब इस बात पर है कि Accenture के मजबूत संकेतों का असर भारतीय कंपनियों के आगामी तिमाही नतीजों और उनके भविष्य के रेवेन्यू आउटलुक में कितना दिखाई देता है।

Accenture के नतीजों ने क्यों बढ़ाया भरोसा?

Accenture के ताजा प्रदर्शन को भारतीय IT सेक्टर के लिए इसलिए महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि कंपनी का कारोबार दुनियाभर के बड़े कॉरपोरेट ग्राहकों और टेक्नोलॉजी सर्विसेज से जुड़ा है। कंपनी ने वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में 18.68 अरब डॉलर का रेवेन्यू दर्ज किया, जो बाजार के अनुमान से ज्यादा रहा। कंपनी ने पूरे अगले वित्त वर्ष के लिए 3% से 6% रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान भी दिया।

Accenture के चौथी तिमाही के नए बुकिंग्स भी लगभग 22.17 अरब डॉलर रहे और इसमें सालाना आधार पर करीब 4% की वृद्धि बताई गई। कंपनी के मजबूत ऑर्डर और रेवेन्यू संकेतों ने निवेशकों को यह संकेत दिया कि कंपनियां टेक्नोलॉजी पर खर्च पूरी तरह रोक नहीं रही हैं।

AI को लेकर बदल रही है बाजार की सोच

भारतीय IT कंपनियों के लिए पिछले कुछ समय से सबसे बड़ी चर्चा Artificial Intelligence यानी AI को लेकर रही है। एक तरफ निवेशकों को चिंता है कि AI ऑटोमेशन के कारण पारंपरिक IT सर्विसेज की मांग और कीमतों पर दबाव आ सकता है। दूसरी तरफ कंपनियां और ब्रोकरेज अब AI को नए कारोबार के अवसर के रूप में भी देख रहे हैं।

Accenture के हालिया संकेतों से यह धारणा मजबूत हुई है कि AI केवल पारंपरिक IT काम को कम करने वाली तकनीक नहीं है, बल्कि कंपनियों के लिए नए डिजिटल सिस्टम, डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर और AI एप्लीकेशन तैयार करने की मांग भी पैदा कर रही है। Accenture ने भी AI से जुड़े काम को अपने विकास के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में बताया है।

भारतीय IT कंपनियों के लिए क्या संकेत?

Accenture का आउटलुक भारतीय IT कंपनियों के लिए एक तरह का सकारात्मक संकेत माना जा रहा है, खासकर उन कंपनियों के लिए जिनका बड़ा कारोबार अमेरिका और यूरोप के कॉरपोरेट ग्राहकों से आता है।

बाजार विश्लेषकों के मुताबिक अगर वैश्विक कंपनियां अपने टेक्नोलॉजी बजट को फिर से बढ़ाती हैं और छोटे-छोटे प्रोजेक्ट बड़े कॉन्ट्रैक्ट में बदलने लगते हैं, तो भारतीय IT कंपनियों को इसका फायदा मिल सकता है। Accenture ने भी छोटे सौदों में बढ़ोतरी और जीते गए सौदों को रेवेन्यू में बदलने की बेहतर स्थिति की ओर संकेत किया है।

लेकिन सेक्टर के सामने चुनौतियां अभी खत्म नहीं

हालांकि Accenture के बेहतर आउटलुक से IT शेयरों में तेजी आई, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि भारतीय IT सेक्टर की सभी चुनौतियां समाप्त हो गई हैं। कंपनियों के सामने अभी भी वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, ग्राहकों के खर्च में सावधानी और AI के कारण पारंपरिक IT सेवाओं की कीमतों पर संभावित दबाव जैसी चुनौतियां मौजूद हैं।

Economic Times के अनुसार भारतीय IT कंपनियों के आगामी तिमाही प्रदर्शन को लेकर अभी भी सावधानी बरती जा रही है और कुछ ब्रोकरेज कंपनियां कमजोर या सीमित वृद्धि की आशंका जता रही हैं। इसलिए Accenture का मजबूत आउटलुक सकारात्मक संकेत जरूर है, लेकिन भारतीय कंपनियों के वास्तविक नतीजों को अलग-अलग देखना जरूरी होगा।

शुरुआती तेजी के बाद IT इंडेक्स में उतार-चढ़ाव

5 अक्टूबर के कारोबार में Nifty IT की कहानी केवल तेजी तक सीमित नहीं रही। शुरुआती कारोबार में इंडेक्स करीब 1.6% ऊपर पहुंचा, लेकिन बाद में बढ़त कम हुई और दोपहर तक IT शेयरों में मिश्रित कारोबार देखने को मिला। Business Standard के अनुसार दोपहर 12:32 बजे Nifty IT करीब 0.60% नीचे था, जबकि HCL Technologies और Infosys में गिरावट और TCS तथा Coforge में बढ़त दर्ज की जा रही थी।

इससे साफ है कि निवेशक Accenture के संकेतों को सकारात्मक मान रहे हैं, लेकिन भारतीय IT कंपनियों के अपने तिमाही नतीजों और आगे की गाइडेंस का इंतजार भी कर रहे हैं।

आगे भारतीय IT शेयरों के लिए क्या रहेगा फोकस?

अब बाजार की नजर भारतीय IT कंपनियों के आने वाले तिमाही नतीजों पर रहेगी। निवेशक यह देखेंगे कि क्या Accenture में दिखाई दे रही मांग और डील कन्वर्जन की मजबूती TCS, Infosys, Wipro, HCLTech, Tech Mahindra और अन्य कंपनियों के कारोबार में भी दिखाई देती है।

इसके साथ ही AI से जुड़े नए कारोबार, बड़े कॉन्ट्रैक्ट, क्लाइंट टेक्नोलॉजी बजट और डॉलर में रेवेन्यू ग्रोथ जैसे आंकड़े भी महत्वपूर्ण होंगे।

कुल मिलाकर, 5 अक्टूबर 2026 को Accenture के बेहतर रेवेन्यू आउटलुक ने भारतीय IT सेक्टर को शुरुआती कारोबारी सत्र में मजबूत सहारा दिया। Nifty IT में करीब 1.6% की शुरुआती तेजी ने निवेशकों का ध्यान एक बार फिर IT शेयरों की ओर खींचा। हालांकि बाद में तेजी कम हुई और कारोबार मिश्रित रहा। ऐसे में Accenture का अपडेट सेक्टर के लिए सकारात्मक संकेत जरूर है, लेकिन आने वाले भारतीय IT नतीजे यह तय करेंगे कि यह तेजी केवल बाजार की तत्काल प्रतिक्रिया है या IT सेक्टर में व्यापक सुधार की शुरुआत।


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