16000 फीट की ऊंचाई पर दौड़ी दुनिया की सबसे ऊंची मोनोरेल, भारतीय सेना ने किया कमाल
- bypari rathore
- 16 November, 2025
16000 फीट की ऊंचाई पर दौड़ी दुनिया की सबसे ऊंची मोनोरेल, भारतीय सेना ने किया कमाल
अरुणाचल प्रदेश की बर्फीली कामेंग घाटी में भारतीय सेना ने पहली बार 16,000 फीट की ऊंचाई पर मोनोरेल सिस्टम सफलतापूर्वक चलाकर इतिहास रच दिया। यह दुनिया का सबसे ऊंचाई पर चलने वाला मोनोरेल सिस्टम माना जा रहा है। जहां सांस लेना मुश्किल हो जाता है, तापमान खून जमा देता है और हर ओर सिर्फ बर्फ ही बर्फ दिखाई देती है—ऐसे इलाके में रेल का चलना किसी चमत्कार से कम नहीं।
कठिन हालात जहां कदम रखना भी चुनौती
कामेंग घाटी में बर्फीले तूफान, जम चुकी बर्फ, खड़ी चट्टानें और बेहद कम ऑक्सीजन जैसी कठिन परिस्थितियाँ सामान्य आवाजाही को लगभग नामुमकिन बना देती हैं। कई बार सैनिक चौकियों तक पहुंचने के लिए पैदल या पोर्टर्स पर निर्भर रहना पड़ता था, जिसमें समय और जोखिम दोनों अधिक थे।
लेकिन अब इस इलाके में मोनोरेल सिस्टम तैनात होने से रसद पहुँचाना कहीं आसान और तेज़ हो गया है।
मोनोरेल की खासियतें
एक बार में 300 किलो से अधिक भार ले जाने की क्षमता
दिन-रात, तूफान, बर्फबारी और खराब मौसम में भी संचालन
अग्रिम पोस्टों तक राशन, हथियार, ईंधन, इंजीनियरिंग उपकरण पहुँचाने में सक्षम
कठिन इलाकों में घायल सैनिकों की निकासी (Casualty Evacuation) में भी मदद
सेना की Gajraj Corps द्वारा स्वदेशी तकनीक से विकसित
यह सिस्टम भारतीय सेना की उच्च-ऊंचाई में लॉजिस्टिक क्षमता को नई दिशा देता है।

रणनीतिक महत्व
भारत-चीन सीमा के नजदीक स्थित कामेंग सेक्टर में यह मोनोरेल सिस्टम सेना को तेज़ सप्लाई, बेहतर तैयारी और कठिन परिस्थितियों में भी सक्रिय रहने की क्षमता प्रदान करेगा। इससे सीमावर्ती क्षेत्रों में भारत की सामरिक मजबूती और तेजी से बढ़ेगी।
Note: Content and images are for informational use only. For any concerns, contact us at info@rajasthaninews.com.
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