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प्रेमानंद महाराज का दूसरा शिष्य कहां है? 3 महीने से लापता अनुज को लेकर आश्रम के बाहर परिवार का धरना

प्रेमानंद महाराज का दूसरा शिष्य कहां है? 3 महीने से लापता अनुज को लेकर आश्रम के बाहर परिवार का धरना

प्रेमानंद महाराज का दूसरा शिष्य कहां है? 3 महीने से लापता अनुज को लेकर आश्रम के बाहर परिवार का धरना

मथुरा/वृंदावन। संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम से जुड़े एक और मामले ने इन दिनों लोगों का ध्यान खींचा है। हाथरस जिले के सादाबाद निवासी अनुज चौधरी के परिवार का कहना है कि वह करीब तीन महीने से घर से दूर है। परिवार के अनुसार अनुज प्रेमानंद महाराज से दीक्षा लेने के लिए वृंदावन आया था और इसके बाद वापस घर नहीं लौटा।

मामला तब ज्यादा चर्चा में आया जब अनुज के परिजन 

राधा केलि कुंज आश्रम के बाहर धरने पर बैठ गए। परिवार ने आरोप लगाया कि वे लंबे समय से अनुज की तलाश कर रहे थे, लेकिन उन्हें उसके बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं मिल रही थी। पुलिस ने परिवार को जांच और तलाश में सहयोग का भरोसा दिया है।

क्या है पूरा मामला?

रिपोर्टों के मुताबिक, अनुज ने 26 जून 2026 को प्रेमानंद महाराज के आश्रम से दीक्षा ली थी। इसके बाद वह घर वापस आया था। परिवार का कहना है कि 3 जुलाई को वह संत के दर्शन करने की बात कहकर घर से निकला, लेकिन फिर वापस नहीं लौटा। इसके बाद परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की और पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई।

परिवार के मुताबिक, वे वृंदावन में आश्रम, मंदिरों और आसपास के इलाकों में लगातार उसकी तलाश करते रहे। परिजनों ने आरोप लगाया कि उन्हें आश्रम की ओर से अनुज के बारे में संतोषजनक जानकारी नहीं दी गई। इन आरोपों की पुलिस जांच कर रही है।

आश्रम की ओर से क्या सामने आया?

यहां मामले में एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। 2 अक्टूबर की रिपोर्टों के अनुसार, मीडिया और प्रशासन के दबाव के बीच आश्रम प्रबंधन की ओर से अनुज के आश्रम में मौजूद होने की बात स्वीकार किए जाने की खबर आई। एक रिपोर्ट में कहा गया कि उसे औपचारिकताओं के बाद परिवार को सौंपने की बात कही गई थी।

हालांकि, 3 अक्टूबर की दूसरी रिपोर्टों में परिवार के धरने और पुलिस की तलाश जारी रहने की बात भी सामने आई है। इसलिए अनुज की वर्तमान स्थिति और उसे वास्तव में परिवार के सुपुर्द किए जाने की पुष्टि को लेकर अलग-अलग रिपोर्टें हैं। इस बिंदु पर पुलिस की आधिकारिक पुष्टि को अंतिम आधार माना जाना चाहिए।

परिवार ने आश्रम के बाहर क्यों दिया धरना?

अनुज के परिवार का कहना है कि तीन महीने तक बेटे की कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने के कारण उनकी चिंता बढ़ती गई। शुक्रवार को परिवार और रिश्तेदार आश्रम के बाहर बैठ गए और अनुज की जानकारी तथा सुरक्षित वापसी की मांग की। बाद में वृंदावन पुलिस अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत की और तलाश में सहयोग का आश्वासन दिया।

पुलिस के अनुसार अनुज के लापता होने को लेकर हाथरस में मामला दर्ज है और उसकी तलाश की जा रही है। मथुरा और हाथरस पुलिस के बीच भी मामले को लेकर समन्वय की बात सामने आई है।

रसिक दुलारी शरण के मामले के बाद बढ़ी चर्चा

यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब प्रेमानंद महाराज से जुड़े एक अन्य शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की 25 सितंबर को हुई मौत को लेकर पुलिस जांच चल रही है। अनुज के परिवार ने इसी घटनाक्रम के बाद अपनी चिंता और ज्यादा बढ़ने की बात कही है।

हालांकि, दोनों घटनाओं के बीच कोई प्रत्यक्ष संबंध है, ऐसा पुलिस की ओर से स्थापित नहीं किया गया है। इसलिए दोनों मामलों को जोड़कर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना अभी उचित नहीं होगा।

अभी सबसे बड़ा सवाल क्या है?

अनुज चौधरी कहां है और उसकी वर्तमान स्थिति क्या है, इस पर उपलब्ध रिपोर्टों में पूरी तरह एक जैसी जानकारी नहीं है। कुछ रिपोर्टों में आश्रम के भीतर उसकी मौजूदगी स्वीकार किए जाने की बात है, जबकि 3 अक्टूबर की रिपोर्टों में परिवार के धरने और पुलिस द्वारा तलाश जारी रहने का उल्लेख है। ऐसे में मामले का अंतिम और विश्वसनीय निष्कर्ष पुलिस की आधिकारिक जांच तथा अनुज की पुष्टि के बाद ही सामने आएगा।


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