तापसी पन्नू का बड़ा बयान: ‘बेबी’ उस दौर में रिलीज़ हुई जब स्पाई फिल्में ट्रेंड में नहीं थीं’, इंटरनेट को दिखा ‘धुरंधर’ से कनेक्शन
- byAman Prajapat
- 24 January, 2026
बॉलीवुड में जब भी कोई कलाकार बीते दौर की किसी फिल्म या ट्रेंड पर खुलकर बात करता है, तो इंटरनेट उसे केवल बयान नहीं मानता — बल्कि इशारों में कही गई बातों के मायने ढूंढने लगता है। ऐसा ही कुछ हुआ है अभिनेत्री तापसी पन्नू के हालिया बयान के बाद, जिसमें उन्होंने अपनी सुपरहिट फिल्म ‘बेबी’ (2015) को लेकर बड़ा खुलासा किया।
तापसी ने कहा कि ‘बेबी उस वक्त रिलीज़ हुई थी, जब स्पाई फिल्में शुक्रवार का ट्रेंड नहीं हुआ करती थीं।’
यहीं से शुरू हुआ सोशल मीडिया का तूफान।
🎬 ‘बेबी’ और उसका दौर: जब स्पाई फिल्में रिस्क मानी जाती थीं
साल 2015 में रिलीज़ हुई अक्षय कुमार स्टारर फिल्म ‘बेबी’ आज भले ही एक कल्ट क्लासिक मानी जाती हो, लेकिन उस वक्त यह एक रिस्की प्रोजेक्ट थी।
ना कोई स्पाई यूनिवर्स था,
ना हर साल एजेंट-एजेंट खेलने का फैशन,
ना YRF और ना ही RAW-MI6 की होड़।
तापसी पन्नू ने इंटरव्यू में साफ कहा कि उस समय दर्शकों का फोकस:
रोमांटिक ड्रामा
मसाला एंटरटेनर
फैमिली फिल्में
पर ज़्यादा हुआ करता था। स्पाई थ्रिलर को “निश ऑडियंस” का जॉनर माना जाता था।
🎤 तापसी पन्नू का बयान: सीधी बात, नो बकवास
तापसी का अंदाज़ हमेशा से ऐसा रहा है —
सीधा, बेबाक और बिना फिल्टर।
उन्होंने कहा कि:
“आज अगर ‘बेबी’ रिलीज़ होती, तो शायद उसे और बड़ा ओपनिंग नंबर मिलता, क्योंकि अब स्पाई फिल्में ट्रेंड में हैं।”
यानी बात साफ है —
टाइमिंग फिल्म की किस्मत बदल देती है।
🔥 इंटरनेट ने क्यों जोड़ा ‘धुरंधर’ से नाम?
अब असली मसाला यहीं से शुरू होता है।
सोशल मीडिया यूज़र्स का मानना है कि तापसी का यह बयान सीधे-सीधे नहीं, बल्कि इशारों में हालिया चर्चित फिल्म ‘धुरंधर’ की तरफ है।
लोगों का कहना है:
‘धुरंधर’ को स्पाई ट्रेंड का फायदा मिला
‘बेबी’ को वही पहचान नहीं मिल पाई
आज का दौर कंटेंट से ज़्यादा ट्रेंड-ड्रिवन है
ट्विटर (X) और इंस्टाग्राम पर कमेंट्स की बाढ़ आ गई:
“तापसी ने बिना नाम लिए बहुत कुछ कह दिया”
“बेबी आज आती तो 300 करोड़ पार करती”
“धुरंधर ट्रेंड की सवारी है, बेबी कंटेंट की”
🧠 बॉलीवुड में बदला स्पाई फिल्मों का गेम
एक समय था जब स्पाई फिल्में अपवाद हुआ करती थीं, आज वही बॉलीवुड की रीढ़ बन चुकी हैं।
आज हमारे पास है:
स्पाई यूनिवर्स
सीक्वल और प्रीक्वल
क्रॉसओवर
कैमियो कल्चर
तापसी का बयान इसी बदलाव को दर्शाता है —
कंटेंट वही है, बस समय बदल गया है।
👩🎤 तापसी पन्नू और ‘बेबी’: एक यादगार किरदार
हालांकि ‘बेबी’ में तापसी का स्क्रीन टाइम सीमित था, लेकिन उनका किरदार:
स्ट्रॉन्ग था
रियलिस्टिक था
कहानी को आगे बढ़ाने वाला था
यही वजह है कि आज भी फिल्म की चर्चा होती है, जबकि उस दौर में वह बॉक्स ऑफिस के शोर में दब गई थी।

📲 सोशल मीडिया की राय: दो धड़ों में बंटा इंटरनेट
एक वर्ग तापसी का समर्थन कर रहा है:
“वो सच बोल रही हैं, ट्रेंड्स फिल्में बनाते हैं।”
दूसरा वर्ग कहता है:
“हर फिल्म को उसके समय में जज करना चाहिए।”
लेकिन एक बात सब मान रहे हैं —
तापसी पन्नू ने बहस छेड़ दी है।
🎯 निष्कर्ष: बयान छोटा, असर बड़ा
तापसी पन्नू का यह बयान सिर्फ एक रेट्रो एनालिसिस नहीं है, बल्कि यह बॉलीवुड की बदलती सोच पर एक करारा कमेंट है।
आज की सच्चाई यही है:
ट्रेंड राजा है
टाइमिंग क्वीन है
और कंटेंट… मेहनती सैनिक
‘बेबी’ अपने समय से आगे थी — और यही उसकी सबसे बड़ी जीत भी है, और सबसे बड़ा नुकसान भी।
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