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विदेशी निवेशकों की बिकवाली से लड़खड़ाया शेयर बाजार, सेंसेक्स 455 अंक टूटा, निवेशकों में चिंता

विदेशी निवेशकों की बिकवाली से लड़खड़ाया शेयर बाजार, सेंसेक्स 455 अंक टूटा, निवेशकों में चिंता

शेयर बाजार भी आखिर इंसान जैसा ही होता है—
जैसे ही भरोसा डगमगाता है, कदम पीछे हट जाते हैं।
आज कुछ ऐसा ही नज़ारा भारतीय शेयर बाजार में देखने को मिला, जब विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और वैश्विक ट्रेड को लेकर बढ़ती अनिश्चितता ने बाजार की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया।

📉 सेंसेक्स में तेज गिरावट

कारोबारी सत्र के दौरान बीएसई सेंसेक्स 455 अंकों की भारी गिरावट के साथ बंद हुआ। एक समय तो बाजार इतना कमजोर दिखा कि निवेशकों की स्क्रीन लाल रंग में डूबी नज़र आई। निफ्टी भी इस गिरावट से अछूता नहीं रहा और प्रमुख स्तरों से नीचे फिसल गया।

🌍 विदेशी निवेशकों की बड़ी भूमिका

मार्केट के जानकार साफ कहते हैं—

“जब विदेशी निवेशक पैसा निकालते हैं, तो बाजार कांपता है।”

पिछले कुछ सत्रों से FII (Foreign Institutional Investors) भारतीय बाजार से लगातार पूंजी निकाल रहे हैं।
इसके पीछे कारण साफ हैं:

अमेरिका और यूरोप में ब्याज दरों को लेकर सख्ती

डॉलर की मजबूती

उभरते बाजारों से जोखिम कम करने की रणनीति

🔄 ट्रेड से जुड़ी वैश्विक चिंताएं

वैश्विक स्तर पर ट्रेड टेंशन फिर से सुर्खियों में है।

आयात-निर्यात पर संभावित प्रतिबंध

सप्लाई चेन में रुकावट

कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव

इन सबका सीधा असर भारतीय बाजार की सेंटीमेंट पर पड़ा है। निवेशक फिलहाल “wait and watch” मोड में चले गए हैं।

🏦 किन सेक्टर्स पर पड़ी सबसे ज्यादा मार

आज की गिरावट में सबसे ज्यादा दबाव इन सेक्टर्स में दिखा:

आईटी सेक्टर – ग्लोबल क्लाइंट्स की अनिश्चितता

बैंकिंग और फाइनेंशियल स्टॉक्स – मुनाफावसूली

मेटल और ऑटो – वैश्विक मांग पर सवाल

हालांकि, कुछ डिफेंसिव स्टॉक्स ने नुकसान को थोड़ा संभालने की कोशिश जरूर की, लेकिन माहौल पूरी तरह निगेटिव ही रहा।

😟 निवेशकों की भावना पर असर

रिटेल निवेशकों के लिए आज का दिन भारी रहा।
जो लोग शॉर्ट-टर्म मुनाफे की उम्मीद में थे, उन्हें झटका लगा।
लेकिन पुराने खिलाड़ी जानते हैं—

“मार्केट गिरता है, तभी असली मौके बनते हैं।”

🧠 एक्सपर्ट्स क्या कह रहे हैं?

विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट लॉन्ग-टर्म में पैनिक की वजह नहीं, बल्कि शॉर्ट-टर्म करेक्शन है।
अगर विदेशी निवेशकों की बिकवाली थमती है और ग्लोबल संकेत सुधरते हैं, तो बाजार दोबारा पटरी पर लौट सकता है।

Sensex declines 455 points on foreign fund outflows, trade-related concerns  - The Hindu
विदेशी निवेशकों की बिकवाली से लड़खड़ाया शेयर बाजार, सेंसेक्स 455 अंक टूटा, निवेशकों में चिंता

📊 आगे की राह कैसी दिखती है?

आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय होगी:

वैश्विक बाजारों के संकेत

कच्चे तेल की चाल

डॉलर-रुपया की स्थिति

विदेशी निवेशकों का मूड

जब तक इन मोर्चों पर स्पष्टता नहीं आती, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है

✍️ निष्कर्ष

आज की गिरावट एक चेतावनी है—
कि बाजार सिर्फ आंकड़ों से नहीं, भावनाओं से भी चलता है।
विदेशी निवेशक जब पीछे हटते हैं, तो घरेलू निवेशकों को धैर्य की असली परीक्षा देनी पड़ती है।

पुराने लोग कहते हैं,

“बाजार में डर भी ज़रूरी है, तभी समझदारी जन्म लेती है।”

फिलहाल, भारतीय शेयर बाजार उसी मोड़ पर खड़ा है।


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