RBI ने जारी किए 244 Consolidated Master Directions: पुरानी गाइडलाइनों को हटाकर घटाया Compliance का बोझ
- byAman Prajapat
- 29 November, 2025
🔥 RBI का बड़ा फैसला: कंप्लायंस का जंगल साफ, 244 नई Master Directions हुई जारी
सुन भाई, ये जो RBI ने 244 consolidated Master Directions drop की हैं न, ये किसी सामान्य अपडेट जैसा मामला नहीं है। ये वैसा move है जैसे पुरानी किताबों की धूल झाड़कर एक साफ-सुथरा आधुनिक ग्रंथ तैयार किया गया हो— पर vibe अभी भी पुरानी, सच्ची, और rooted रखकर।
RBI ने literally पूरा regulatory ecosystem streamline कर दिया। पहले जहाँ बैंकों और NBFCs को अलग-अलग circulars, notifications, corrigendums और पता नहीं किन-किन पुरानी गाइडलाइंस में रास्ता ढूंढना पड़ता था, अब उन्हें एक साफ, consolidated version मिल गया है— मतलब कम confusion, कम compliance pressure, और ज़्यादा clarity।
🌱 क्यों किया RBI ने ऐसा?
सीधी बात— financial institutions रो रहे थे कि compliance ऐसे है जैसे 90s के टाइम का कोई बड़ा syllabus…
हर थोड़े-थोड़े दिन में नया circular, कहीं कोई पुराना rule अभी भी live, कहीं कोई deadline mismatch।
RBI ने देखा कि ये सब industry की growth को slow कर रहा है।
तो सोचा —
"चलो, पुराने पन्ने फाड़ते हैं, नए साफ पन्नों पर नियम लिखते हैं।"
और बस, शुरू हो गया ये साफ-सफाई अभियान।
📘 क्या-क्या बदला?
RBI ने:
पुरानी overlapping guidelines हटाईं
similar rules को merge किया
contradictory circulars को खत्म किया
सालों पुरानी अप्रासंगिक directions को retire किया
हर section को एक fresh master direction में बदल दिया
अब बैंकिंग institutions को literally ऐसे लगता है जैसे 20GB की messy files को compress करके एक clean ZIP file दे दी गई हो।
🧭 कौन-कौन से सेक्टर इस बदलाव से प्रभावित होंगे?
Commercial Banks
Cooperative Banks
NBFCs
Microfinance Institutions
Payment Banks
Small Finance Banks
Housing Finance Companies
Foreign Exchange dealing institutions
Fintech कंपनियाँ
Digital lending प्लेटफ़ॉर्म
Basically, पूरा financial jungle reset हुआ है।

🛠️ इस consolidation के core objectives क्या हैं?
1. Regulation को simple बनाना
पहले guidelines ऐसी थीं जैसे किसी पुराने घर के टेढ़े-मेढ़े आलमारी में ठूँसी हुई फाइलें।
अब clean, indexed Master Directions हैं।
2. Compliance cost कम करना
Companies को अब छोटी-छोटी बातों पर consultants नहीं रखने पड़ेंगे।
नियम साफ हैं, रास्ता साफ है।
3. Regulatory certainty देना
Industry को पता हो कि कौन सा rule कब लागू होता है, कब खत्म होता है।
4. Consumer protection मजबूत करना
Clear rules → कम loopholes → कम fraud → ज़्यादा भरोसा।
📜 इन 244 Master Directions में क्या-क्या cover है?
(एक rough idea दे रहा हूँ क्योंकि पूरी लिस्ट literally बहुत बड़ी है)
KYC norms
Lending guidelines
NBFC licensing rules
Forex management
Payment systems
Digital lending नियम
Cybersecurity compliance
Priority sector lending
Capital adequacy
Risk management norms
Customer grievance redressal
Fraud management
और भी दर्जनों टॉपिक्स हैं जिनपर अब साफ, unified rulebook है।
⏳ पुरानी guidelines का क्या हुआ?
भाई, RBI ने इतने circulars और notifications repeal कर दिए कि जैसे हम पुराने WhatsApp chats delete करते हैं।
Undated, repeated, contradictory— सब उड़ गए।
🌄 ये कदम भारत की अर्थव्यवस्था के लिए कितना बड़ा है?
Straight-up बोलूं तो ये ऐसा step है जो किसी भी developing economy को mature, stable और globally competitive बनाता है।
क्योंकि regulatory clarity = investment confidence ↑
और investment confidence = growth ↑
Impact:
बैंक अब कम confusion में होंगे
Fintech को smooth playground मिलेगा
Compliance officers पर load कम
Borrowers के लिए rules स्पष्ट
Government को ज्यादा transparency
💬 Experts क्या कह रहे हैं?
कई economists कह रहे हैं कि ये RBI का decade का सबसे strategic cleanup है।
Fintech founders तो literally खुशियाँ मना रहे हैं—
कह रहे हैं कि अब regulatory maze नहीं रहेगा।
Note: Content and images are for informational use only. For any concerns, contact us at info@rajasthaninews.com.
जयपुर मे सोने और चां...
Related Post
Hot Categories
Recent News
Daily Newsletter
Get all the top stories from Blogs to keep track.





_1764510754.jpg)



