“शिवसेना कोई पार्टी नहीं, एक विचारधारा है, इसे मिटाया नहीं जा सकता” — बीजेपी पर बरसे उद्धव ठाकरे
- byAman Prajapat
- 24 January, 2026
महाराष्ट्र की राजनीति एक बार फिर उबाल पर है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर सीधा और तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “शिवसेना सिर्फ एक राजनीतिक दल नहीं है, यह एक विचारधारा है, और किसी भी साजिश से इसे खत्म नहीं किया जा सकता।”
यह बयान ऐसे समय आया है जब महाराष्ट्र की राजनीति में सत्ता, पहचान और विरासत को लेकर घमासान लगातार जारी है।
🔥 उद्धव ठाकरे का सीधा संदेश
एक जनसभा को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा:
“पार्टी तोड़ सकते हो, नाम छीन सकते हो, चुनाव चिन्ह ले सकते हो…
लेकिन शिवसेना की आत्मा, उसकी विचारधारा और उसका संघर्ष नहीं छीन सकते।”
उनका यह बयान बीजेपी और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे गुट पर सीधा वार माना जा रहा है।
🧠 ‘शिवसेना एक विचारधारा है’ — इसका मतलब क्या है?
उद्धव ठाकरे ने साफ कहा कि शिवसेना सिर्फ सत्ता के लिए नहीं बनी थी।
यह पार्टी बालासाहेब ठाकरे के विचार, मराठी अस्मिता, हिंदुत्व और जनहित के संघर्ष से पैदा हुई थी।
उनके मुताबिक:
शिवसेना डर से नहीं चलती
सत्ता से नहीं झुकती
और अवसरवाद से नहीं बनती
⚔️ बीजेपी पर आरोप: ‘तोड़ो और राज करो’ की राजनीति
उद्धव ठाकरे ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि वह राजनीतिक दलों को तोड़कर सत्ता हथियाने की नीति पर काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि:
पहले शिवसेना को तोड़ा गया
फिर नाम और निशान छीना गया
अब विचारधारा को खत्म करने की कोशिश हो रही है
लेकिन यह लड़ाई आसान नहीं होगी।
🧱 बालासाहेब ठाकरे की विरासत का हवाला
उद्धव ठाकरे ने अपने पिता और शिवसेना संस्थापक बालासाहेब ठाकरे का जिक्र करते हुए कहा:
“शिवसेना सत्ता के गलियारों में पैदा नहीं हुई थी,
यह सड़कों पर संघर्ष से निकली है।”
उन्होंने कहा कि बालासाहेब की शिवसेना आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है।
🏛️ महाराष्ट्र की राजनीति में बढ़ता टकराव
यह बयान ऐसे समय आया है जब:
विधानसभा चुनाव नजदीक हैं
शिवसेना के दो गुट आमने-सामने हैं
और बीजेपी अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने में लगी है
उद्धव ठाकरे का यह हमला साफ संकेत देता है कि आने वाले दिनों में राजनीति और तीखी होगी।
📊 राजनीतिक विश्लेषकों की राय
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि:
उद्धव ठाकरे भावनात्मक कार्ड खेल रहे हैं
शिवसेना की मूल पहचान को फिर से स्थापित करने की कोशिश है
यह बयान कार्यकर्ताओं में जोश भरने का काम करेगा
विशेषज्ञों के अनुसार यह बयान चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा है।

🗳️ कार्यकर्ताओं में जोश, समर्थकों में उत्साह
इस बयान के बाद:
शिवसेना (UBT) समर्थकों में जोश देखा गया
सोशल मीडिया पर उद्धव ठाकरे के बयान वायरल हुए
#ShivSenaIsIdeology ट्रेंड करने लगा
यह साफ है कि उद्धव ठाकरे अभी पीछे हटने के मूड में नहीं हैं।
🧩 बीजेपी की रणनीति पर सवाल
हालांकि बीजेपी की ओर से इस बयान पर सीधी प्रतिक्रिया नहीं आई,
लेकिन अंदरखाने चर्चा तेज हो गई है कि उद्धव ठाकरे का यह बयान जनभावनाओं को छू रहा है।
📌 आगे क्या?
आने वाले समय में:
महाराष्ट्र की राजनीति और गरमाएगी
शिवसेना बनाम बीजेपी की लड़ाई और तेज होगी
जनता तय करेगी कि असली शिवसेना कौन है
एक बात तय है—यह लड़ाई सिर्फ सत्ता की नहीं, पहचान और विचारधारा की है।
🔚 निष्कर्ष
उद्धव ठाकरे का यह बयान सिर्फ एक राजनीतिक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि एक चेतावनी है।
चेतावनी उन ताकतों के लिए जो यह मान बैठी हैं कि
पार्टी तोड़कर विचारधारा को भी तोड़ा जा सकता है।
जैसा कि खुद उद्धव ठाकरे ने कहा —
“शिवसेना जिंदा थी, जिंदा है और जिंदा रहेगी।”
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