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जयपुर में ₹5 करोड़ की 251 लग्जरी घड़ियों की चोरी, 4 बदमाश हरियाणा रोडवेज बस से फरार; 120 पुलिसकर्मी जांच में जुटे

जयपुर में ₹5 करोड़ की 251 लग्जरी घड़ियों की चोरी, 4 बदमाश हरियाणा रोडवेज बस से फरार; 120 पुलिसकर्मी जांच में जुटे

जयपुर में ₹5 करोड़ की 251 लग्जरी घड़ियों की चोरी, चार आरोपी हरियाणा रोडवेज बस से फरार

जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में करोड़ों रुपये की लग्जरी घड़ियों की चोरी के मामले में पुलिस को जांच के दौरान एक अहम सुराग मिला है। टोंक रोड स्थित राडो के द वॉच फैक्ट्री शोरूम से करीब ₹5 करोड़ कीमत की 251 लग्जरी घड़ियां चोरी होने के बाद आरोपी अलग-अलग रास्तों से जयपुर से बाहर निकलने की कोशिश में लगे थे। ताजा पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह के चार सदस्य सिंधी कैंप पहुंचे और वहां से हरियाणा रोडवेज की बस में सवार होकर फरार हो गए।

पुलिस अब बस के रूट, CCTV फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के जरिए आरोपियों के आगे के मूवमेंट का पता लगाने में जुटी है। वहीं, गिरोह के कुछ अन्य सदस्यों के ट्रेन के जरिए भागने की आशंका भी जताई जा रही है। पुलिस ने रेलवे स्टेशन और आसपास के CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगालना शुरू कर दिया है।

36 मिनट में शोरूम से 251 घड़ियां गायब

पुलिस जांच के अनुसार वारदात गुरुवार तड़के हुई थी। करीब 13 बदमाशों के गिरोह ने टोंक रोड स्थित घड़ी शोरूम को निशाना बनाया। बदमाशों ने शटर तोड़कर शोरूम में प्रवेश किया और वहां रखी महंगी घड़ियों को बैगों में भर लिया।

सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि पूरी वारदात को करीब 36 मिनट में अंजाम दिया गया। इसके बाद आरोपी अलग-अलग रास्तों से मौके से फरार हो गए। चोरी हुई घड़ियों की संख्या करीब 251 और उनकी कीमत लगभग ₹5 करोड़ बताई गई है।

CCTV से मिला बड़ा सुराग

पुलिस ने जयपुर से बाहर जाने वाले रास्तों पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज को खंगालना शुरू किया। जांच के दौरान पुलिस को एक आरोपी की गतिविधि से जुड़ा अहम सुराग मिला।

फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति लंगड़ाते हुए दिखाई दिया। उसके दो साथी उसे सहारा देते नजर आए। पुलिस को आशंका है कि वारदात के दौरान या शोरूम से निकलते समय इस आरोपी को चोट लगी हो सकती है। अब पुलिस इस सुराग के जरिए उसकी पहचान और उसके संभावित इलाज से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही है।

चार आरोपी सिंधी कैंप पहुंचे, फिर हरियाणा रोडवेज की बस पकड़ी

जांच में सबसे महत्वपूर्ण जानकारी यह सामने आई है कि गिरोह के चार सदस्य सिंधी कैंप बस स्टैंड पहुंचे थे। वहां से उन्होंने हरियाणा रोडवेज की बस पकड़ी और जयपुर से बाहर निकल गए।

अब पुलिस बस के संभावित रूट और रास्ते में लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग को जोड़ रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बस से उतरने के बाद आरोपी किस दिशा में गए और उनके साथ चोरी की गई घड़ियों में से कितना सामान था।

इसके साथ ही पुलिस को आशंका है कि गिरोह के कुछ अन्य सदस्य ट्रेन के जरिए अलग-अलग दिशाओं में फरार हुए होंगे। इसलिए रेलवे स्टेशन और आसपास के CCTV भी जांच का हिस्सा बनाए गए हैं।

120 पुलिसकर्मी जांच में लगाए गए

मामले की गंभीरता को देखते हुए जयपुर पुलिस ने जांच का बड़ा नेटवर्क तैयार किया है। रिपोर्ट के अनुसार CST, ईस्ट DST और अलग-अलग थानों के करीब 120 पुलिसकर्मी आरोपियों की तलाश में लगाए गए हैं।

इनमें करीब 30 पुलिसकर्मी सिर्फ CCTV फुटेज की जांच कर रहे हैं। अब तक 1,100 से ज्यादा CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली जा चुकी है।

इसके अलावा तकनीकी जांच के लिए भी पुलिसकर्मियों की टीम काम कर रही है। पुलिस आरोपियों की पहचान, उनके मूवमेंट और संभावित संपर्कों को जोड़ने की कोशिश कर रही है।

जांच दिल्ली और नेपाल तक पहुंची

पुलिस जांच में चोरी की गई लग्जरी घड़ियों को दूसरे बाजारों में खपाने की आशंका भी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस को शक है कि चोरी का माल नेपाल में खपाने की कोशिश की जा सकती है।

इसी वजह से जांच का दायरा जयपुर से बाहर बढ़ाया गया है। पुलिस की टीमें दिल्ली, गाजियाबाद और नेपाल तक संभावित सुरागों की तलाश कर रही हैं। एक टीम को नेपाल भेजे जाने की भी जानकारी सामने आई है।

अब तक 6 आरोपियों की पहचान

पुलिस के मुताबिक अब तक गिरोह से जुड़े 6 संदिग्धों की पहचान की जा चुकी है। हालांकि वारदात में करीब 13 लोगों के शामिल होने की बात सामने आई है।

पुलिस अब अलग-अलग आरोपियों की भूमिका और उनके आपसी संपर्कों की जांच कर रही है। CCTV फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों को जोड़कर पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती

इस मामले में सबसे बड़ी चुनौती चोरी हुई महंगी घड़ियों की बरामदगी और पूरे गिरोह तक पहुंचना है। आरोपी वारदात के बाद अलग-अलग रास्तों से निकलने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं।

सिंधी कैंप से हरियाणा रोडवेज बस पकड़ने वाले चार आरोपियों की जानकारी पुलिस के लिए महत्वपूर्ण सुराग बनी है। इसके अलावा घायल नजर आए संदिग्ध की पहचान भी जांच में अहम कड़ी साबित हो सकती है।

फिलहाल पुलिस CCTV, तकनीकी साक्ष्य और अलग-अलग स्थानों से मिले इनपुट को जोड़कर जांच आगे बढ़ा रही है। अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी या चोरी की पूरी खेप की बरामदगी की पुष्टि नहीं हुई है।

📌 एक नजर में पूरा मामला

  • स्थान: टोंक रोड, जयपुर
  • शोरूम: राडो/द वॉच फैक्ट्री
  • चोरी: करीब 251 लग्जरी घड़ियां
  • अनुमानित कीमत: करीब ₹5 करोड़
  • गिरोह: करीब 13 बदमाश
  • पहचान: 6 संदिग्धों की पहचान की जानकारी
  • भागने का सुराग: 4 आरोपी सिंधी कैंप से हरियाणा रोडवेज बस में सवार हुए
  • CCTV जांच: 1,100 से ज्यादा कैमरे
  • पुलिस बल: करीब 120 पुलिसकर्मी
  • जांच का दायरा: जयपुर के अलावा दिल्ली, गाजियाबाद और नेपाल तक
  • वर्तमान स्थिति: पुलिस आरोपियों और चोरी की घड़ियों की तलाश में जुटी है। 

जयपुर की इस हाई-प्रोफाइल चोरी में अब सिंधी कैंप से हरियाणा जाने वाली बस का सुराग पुलिस के लिए अहम कड़ी बन गया है। आने वाले समय में CCTV और तकनीकी जांच से आरोपियों के अगले ठिकाने और चोरी की घड़ियों के बारे में और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।


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