अगले सात वर्षों में भारत के बिजली क्षेत्र में 500 अरब डॉलर के निवेश की संभावना: मनोहर लाल
- byAman Prajapat
- 16 January, 2026
भारत की धरती पर ऊर्जा हमेशा से सभ्यता की रीढ़ रही है — दीये से लेकर डैम तक, और अब सोलर पार्क से स्मार्ट ग्रिड तक। इसी कड़ी में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने एक बड़ा और सीधा बयान दिया है: भारत का बिजली क्षेत्र अगले सात वर्षों में लगभग 500 अरब डॉलर के निवेश के लिए तैयार है।
यह कोई हवा-हवाई दावा नहीं है। यह उस सच्चाई का ऐलान है जो ज़मीन पर बन रही है — ट्रांसमिशन लाइनों की लंबी कतारें, सोलर पैनलों से चमकते खेत, और गांव-गांव तक पहुंचती 24x7 बिजली।
⚡ भारत का बिजली क्षेत्र: एक परंपरा से भविष्य तक
भारत में बिजली का इतिहास आज़ादी के बाद बड़े बांधों और कोयला आधारित संयंत्रों से शुरू हुआ। भाखड़ा नांगल, दामोदर घाटी — ये सिर्फ प्रोजेक्ट नहीं थे, ये राष्ट्र-निर्माण के प्रतीक थे। आज वही परंपरा नए अवतार में खड़ी है, जहां रिन्यूएबल एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन और स्मार्ट डिस्ट्रिब्यूशन भविष्य की धुरी बन चुके हैं।
मनोहर लाल के मुताबिक, भारत का पावर सेक्टर अब केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें ट्रांसमिशन, डिस्ट्रीब्यूशन, स्टोरेज और डिजिटल मैनेजमेंट जैसे कई स्तर शामिल हो चुके हैं।
💰 500 अरब डॉलर का निवेश: पैसा कहां लगेगा?
इस विशाल निवेश क्षमता के पीछे ठोस खाके हैं:
1️⃣ बिजली उत्पादन (Generation)
सौर ऊर्जा पार्क
पवन ऊर्जा परियोजनाएं
हाइब्रिड पावर प्लांट
परमाणु ऊर्जा का विस्तार
2️⃣ ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर
हाई-वोल्टेज ट्रांसमिशन लाइनें
ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर
इंटर-स्टेट ग्रिड कनेक्टिविटी
3️⃣ वितरण प्रणाली (Distribution)
स्मार्ट मीटरिंग
AT&C लॉस में कमी
निजी निवेश के लिए डिस्कॉम सुधार
4️⃣ ऊर्जा भंडारण (Energy Storage)
बैटरी स्टोरेज सिस्टम
पंप्ड हाइड्रो स्टोरेज
ग्रीन हाइड्रोजन स्टोरेज
🌱 रिन्यूएबल एनर्जी: असली गेमचेंजर
भारत ने साफ कह दिया है — भविष्य हरा होगा या नहीं होगा। 2030 तक 500 GW नॉन-फॉसिल क्षमता का लक्ष्य सिर्फ कागज़ पर नहीं है। मनोहर लाल ने बताया कि सरकार ने:
सोलर और विंड टैरिफ को प्रतिस्पर्धी बनाया है
भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया आसान की है
विदेशी निवेशकों के लिए नीतिगत स्थिरता दी है
आज भारत दुनिया के सबसे तेज़ी से बढ़ते रिन्यूएबल एनर्जी मार्केट्स में से एक है।
🏗️ नीतिगत सुधार: निवेशकों के लिए खुला मैदान
सरकार ने यह समझ लिया है कि पैसा वहीं आता है जहां भरोसा हो। इसी सोच के साथ:
इज ऑफ डूइंग बिज़नेस सुधारा गया
सिंगल-विंडो क्लीयरेंस को बढ़ावा मिला
PPP मॉडल को ताकत दी गई
डिस्कॉम रिफॉर्म्स पर ज़ोर दिया गया
मनोहर लाल का साफ कहना है कि अब पावर सेक्टर में निवेश करना पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित और लाभदायक है।

🌍 रोजगार और विकास का इंजन
500 अरब डॉलर का निवेश सिर्फ आंकड़ा नहीं है। यह:
लाखों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियां
MSME सेक्टर को बूस्ट
ग्रामीण और शहरी भारत में समान विकास
टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और स्किल डेवलपमेंट
जैसे पुराने ज़माने में रेल लाइनें शहर बसाती थीं, वैसे ही आज बिजली परियोजनाएं नए आर्थिक केंद्र बना रही हैं।
🔮 आने वाले सात साल: भारत की ऊर्जा कहानी
अगले सात साल भारत के लिए निर्णायक हैं। मांग बढ़ेगी, उद्योग बढ़ेंगे, डेटा सेंटर और EV चार्जिंग नेटवर्क बिजली की भूख बढ़ाएंगे। मनोहर लाल के अनुसार, सरकार इस मांग को संकट नहीं बल्कि अवसर मान रही है।
यही वजह है कि आज भारत का पावर सेक्टर निवेशकों के लिए एक खुला न्योता है — साफ नीयत, मजबूत नीति और लंबी सोच के साथ।
✨ निष्कर्ष
भारत का बिजली क्षेत्र एक बार फिर इतिहास के मोड़ पर खड़ा है। फर्क सिर्फ इतना है कि अब लड़ाई अंधेरे से नहीं, बल्कि भविष्य की रफ्तार से है। 500 अरब डॉलर का निवेश अवसर इस बात का संकेत है कि भारत सिर्फ ऊर्जा उपभोक्ता नहीं, बल्कि ऊर्जा नेतृत्वकर्ता बनने की राह पर है।
सीधी बात — जिसने अभी इस सेक्टर को समझ लिया, वही आने वाले दशक का खिलाड़ी होगा।
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