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आई-PAC छापा विवाद: अमित शाह के आवास के बाहर भारी प्रदर्शन, दिल्ली पुलिस ने महुआ मोइत्रा और टीएमसी सांसदों को हिरासत में लिया

आई-PAC छापा विवाद: अमित शाह के आवास के बाहर भारी प्रदर्शन, दिल्ली पुलिस ने महुआ मोइत्रा और टीएमसी सांसदों को हिरासत में लिया

9 जनवरी 2026 की सुबह दिल्ली के दिल में, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के ऑफिस के बाहर TMC (तृणमूल कांग्रेस) के सांसदों का तेज़, ऊँची आवाज़ों वाला विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया — और इसमें महुआ मोइत्रा, डेरेक ओ’ब्रायन, शताब्दी रॉय, कीर्ति आज़ाद, साकेत गोखले, प्रतिमा मंडल, बापी हलदर, डॉ. शर्मिला सरकार जैसे नेता शामिल थे।

सबका फोकस एक ही बात पर था — कोलकाता में I-PAC (Indian Political Action Committee) पर जबरदस्त प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी जिसे उन्होंने बताया सियासी दवाब वाला कदम।

जैसे ही सांसदों ने अमित शाह के कार्यालय के बाहर जमा होकर नारेबाज़ी शुरू की — “ED का दुरुपयोग बंद करो!”, “लोकतंत्र बचाओ!” — दिल्ली पुलिस ने तुरंत कंट्रोल मोड ऑन कर दिया। विरोध तेज हुआ तो पुलिस ने हस्तक्षेप करते हुए महुआ मोइत्रा और डेरेक O’ब्रायन को हिरासत में ले लिया और बाकी सांसदों को हटाने की कोशिश शुरू कर दी।

महुआ मोइत्रा ने मौके पर बोलते हुए आरोप लगाया कि ये छापेमारी सिर्फ राजनीति के लिए एजेंसियों का गलत इस्तेमाल है। अलग-अलग मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ उन्होंने कहा कि ED को “हमारे राजनीतिक दस्तावेज़, रणनीतिक डेटा और पार्टी से जुड़ी जानकारी तक पहुँचने के लिए भेजा गया है”, और यह चुनाव से पहले विपक्ष को दबाने की चाल है।

टीएमसी सांसद सताब्दी रॉय ने भी कहा कि “ये एजेंसियाँ चुनाव के समय पर हमेशा सक्रिय हो जाती हैं। ED और CBI का इस्तेमाल उनके लिए किया जाता है जो सत्ता में हैं — लेकिन वोटर कभी नहीं भूलता। जनता इसका जवाब वोट के ज़रिये देगी।”

शुरू में शांतिपूर्ण विरोध का दावा करने वाले सांसदों का प्रदर्शन थोड़ी ही देर में आंदोलन की गर्मी में बदल गया, और पुलिस ने उन्हें हटा दिया। कुछ सांसदों को पुलिस बल ने पकड़कर वहां से उठाया, और हिरासत में ले जाकर Parliament Street थाना ले जाया गया — यह पूरा सीन लाइव कैमरों में कैद हो गया।

इस प्रदर्शन की पृष्ठभूमि में जो बड़ा मसला है, वो है I-PAC पर ED का छापा। कल यानी 8 जनवरी को ED टीम ने कोलकाता के सॉल्टलेक स्थित I-PAC कार्यालयों और I-PAC डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर पर तलाशी अभियान चलाया था। यह फर्म TMC का चुनावी रणनीति सिस्टम संभालती रही है और राजनीतिक विश्लेषण के लिए जानी जाती है।

खासतौर से पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद कोलकाता में पहुंच गईं और उन्होंने भड़ास निकालते हुए कहा कि ED कर्मचारियों ने टीएमसी के दस्तावेज़ों और हार्ड-डिस्क के डाटा को जब्त करने की कोशिश की, जो पार्टी के चुनावी रणनीति से जुड़े हैं।

You Will Regret': TMC MP Mahua Moitra's Challenge To HM Amit Shah After ED  Raids I-PAC Chief Pratik Jain's House In Kolkata - Tripura Chronicle
आई-PAC छापा विवाद: अमित शाह के आवास के बाहर भारी प्रदर्शन, दिल्ली पुलिस ने महुआ मोइत्रा और टीएमसी सांसदों को हिरासत में लिया

ममता ने प्रेस से कहा कि “क्या ED का काम राजनीतिक डेटा जमा करना है?” और उन्होंने अमित शाह और केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने इसे असंवैधानिक और सियासी सफ़ाई अभियान बताया।

बीजेपी की तरफ़ से इसका जवाब आया कि ED का काम कोई भी कानून तोड़ने वाले मामलों की जांच करना है, और इसका लक्ष्य भ्रष्टाचार की जाँच करना है, न कि राजनीति करना। लेकिन टीएमसी नेताओं ने इसे साफ़ तौर पर राजनीतिक दबाव बताया।

अब झगड़ा सिर्फ़ चार दीवाली की पटाखे की तरह है — ये राजनीतिक, कानूनी, संवैधानिक मसलों का बकरा बन चुका है. अगले कुछ दिनों में टीएमसी ममता की अगुवाई में सड़कों से संसद तक इस मुद्दे को घेरने की तैयारी में है। वहीं केंद्र की BJP इसे कानूनी कार्रवाई और भ्रष्टाचार के खिलाफ़ ईमानदार मिशन कह रही है।

इसलिए पूरा डील अब केवल दिल्ली के सड़कों या कोलकाता के ऑफिस के बाहर का संघर्ष नहीं रहा — ये देश की राजनीति, चुनावी रणनीति और संवैधानिक एजेंसियों के इस्तेमाल पर बहस बनने जा रहा है।


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