Follow Us:

Stay updated with the latest news, stories, and insights that matter — fast, accurate, and unbiased. Powered by facts, driven by you.

हिंदुस्तान जिंक की कमाई में जबरदस्त उछाल, तिमाही मुनाफा 142% बढ़कर ₹6,412 करोड़ पहुंचा

हिंदुस्तान जिंक की कमाई में जबरदस्त उछाल, तिमाही मुनाफा 142% बढ़कर ₹6,412 करोड़ पहुंचा

हिंदुस्तान जिंक की कमाई में जबरदस्त उछाल, तिमाही मुनाफा 142% बढ़कर ₹6,412 करोड़ पहुंचा

धातु कारोबार की प्रमुख कंपनी हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में शानदार वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी का शुद्ध मुनाफा पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 142 प्रतिशत बढ़कर ₹6,412 करोड़ पहुंच गया। जिंक और चांदी की बेहतर कीमतों, उत्पादन में बढ़ोतरी तथा लागत घटने से कंपनी के नतीजों को मजबूती मिली है।

कंपनी ने 30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही के वित्तीय नतीजे 19 अक्टूबर को जारी किए। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा ₹2,649 करोड़ था। इस बार मुनाफे में हुई बड़ी बढ़ोतरी ने धातु क्षेत्र की कंपनियों के प्रदर्शन को लेकर निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया है।

राजस्व भी पहुंचा रिकॉर्ड स्तर पर

हिंदुस्तान जिंक के कारोबार में बढ़ोतरी का असर उसकी कमाई पर भी दिखाई दिया। कंपनी का परिचालन से राजस्व सालाना आधार पर लगभग 77 प्रतिशत बढ़कर ₹15,093 करोड़ हो गया, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह ₹8,549 करोड़ था।

कंपनी का EBITDA यानी ब्याज, टैक्स और अन्य गैर-नकद खर्चों से पहले की परिचालन कमाई बढ़कर ₹9,285 करोड़ पहुंच गई। इसमें सालाना आधार पर लगभग 108 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। कंपनी का EBITDA मार्जिन भी पिछले वर्ष के 52 प्रतिशत से बढ़कर 62 प्रतिशत हो गया।

जिंक और चांदी की बिक्री से मिला फायदा

कंपनी के बेहतर प्रदर्शन के पीछे जिंक और चांदी की कीमतों में मजबूती महत्वपूर्ण रही। तिमाही के दौरान जिंक की बिक्री से राजस्व 54 प्रतिशत बढ़कर ₹8,224 करोड़ पहुंच गया। वहीं, चांदी की बिक्री से होने वाली कमाई में लगभग 141 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और यह ₹4,111 करोड़ रही।

चांदी का उत्पादन भी पिछले वर्ष की समान तिमाही की तुलना में 20 प्रतिशत बढ़कर 173 टन हो गया। इसके अलावा, खनन किए गए धातु का उत्पादन 5 प्रतिशत बढ़कर 2.71 लाख टन और परिष्कृत धातु का उत्पादन 7 प्रतिशत बढ़कर 2.64 लाख टन रहा।

इन आंकड़ों से पता चलता है कि कंपनी को केवल धातुओं की बेहतर कीमतों का ही नहीं, बल्कि उत्पादन में बढ़ोतरी का भी लाभ मिला।

उत्पादन लागत घटने से बढ़ी कमाई

हिंदुस्तान जिंक के नतीजों में एक और अहम बात उत्पादन लागत में कमी रही। कंपनी के अनुसार, रॉयल्टी को छोड़कर जिंक की प्रति टन उत्पादन लागत सालाना आधार पर 29 प्रतिशत घटकर 703 डॉलर रह गई।

बेहतर अयस्क गुणवत्ता, उत्पादन में वृद्धि, नवीकरणीय ऊर्जा के अधिक उपयोग और सह-उत्पादों से बेहतर कमाई ने लागत घटाने में योगदान दिया। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए जिंक उत्पादन की लागत का अनुमान भी घटाकर 825 से 850 डॉलर प्रति टन कर दिया है। पहले यह अनुमान 975 से 1,000 डॉलर प्रति टन था।

लागत में यह कमी कंपनी के मुनाफे को सहारा दे सकती है, हालांकि भविष्य में धातुओं की कीमतों और उत्पादन परिस्थितियों में बदलाव का असर भी देखने को मिलेगा।

आगे के कारोबार पर रहेगी नजर

हिंदुस्तान जिंक की इस तिमाही के नतीजे धातु क्षेत्र में मजबूत कीमतों और बेहतर परिचालन क्षमता के महत्व को सामने लाते हैं। कंपनी जिंक उत्पादन क्षमता बढ़ाने की परियोजना पर भी काम कर रही है। इससे आने वाले समय में उत्पादन और कारोबार के विस्तार की संभावनाएं जुड़ी हैं।

हालांकि, मौजूदा तिमाही में मुनाफे की तेज बढ़ोतरी का मतलब यह नहीं है कि आने वाली तिमाहियों में भी यही वृद्धि निश्चित रूप से जारी रहेगी। जिंक और चांदी की अंतरराष्ट्रीय कीमतें, ऊर्जा लागत, मांग और उत्पादन से जुड़े कारक भविष्य के नतीजों को प्रभावित कर सकते हैं।

निष्कर्ष: हिंदुस्तान जिंक ने सितंबर तिमाही में मुनाफे, राजस्व और परिचालन कमाई में मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की। जिंक और चांदी की बिक्री से बेहतर कमाई तथा उत्पादन लागत में गिरावट कंपनी के प्रदर्शन के प्रमुख आधार रहे


Note: Content and images are for informational use only. For any concerns, contact us at info@rajasthaninews.com.

Share: