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अनमोल बिश्नोई की क्राइम-कुंडली: मूसेवाला से सिद्दीकी मर्डर और सलमान घर हमले तक

अनमोल बिश्नोई की क्राइम-कुंडली: मूसेवाला से सिद्दीकी मर्डर और सलमान घर हमले तक

अनमोल बिश्नोई — नाम सुनते ही क्राइम की दुनिया में खौफ और साजिशों की खिड़कियाँ खुल जाती हैं। वह सिर्फ लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य नहीं है, बल्कि उसका “राजदार” माना जाता है, जो असल में संगठित अपराध की कंपनी को चला रहा है। उसकी कहानी उस पारंपरिक और हिंसक दुनिया की कविता है, जहाँ सत्ता, बदला और डर एक-दूसरे में घिरे हुए हैं।

पृष्ठभूमि और वंश

अनमोल बिश्नोई, कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का छोटा भाई है। लॉरेंस की जेल में बंदगी के बावजूद, अनमोल ने बाहरी दुनिया में ही अपने पैर बहुत गहराई तक पसार लिए हैं। उसकी आय और नेटवर्क सिर्फ भारत में सीमित नहीं — उसे विदेशों में भी अपने रिश्तेदारों और व्यापारों के जरिए चलाने की शक्ति मिली है। 

पुलिस और खुफिया एजेंसियों के दस्तावेजों में यह साफ है कि अनमोल न सिर्फ एक कड़क अपराधी है, बल्कि वह अपने गैंग की कमान का एक प्रमुख स्तंभ है।  

सिद्धू मूसेवाला की हत्या में भूमिका

सिद्धू मूसेवाला, जो पंजाबी संगीत का चमकता सितारा था, उसकी हत्या ने न सिर्फ पंजाब को बल्कि पूरे देश को झकझोर दिया था।  

पंजाब पुलिस की जांच और रिपोर्ट के अनुसार, अनमोल बिश्नोई इस साजिश में शुरुआती स्तर से ही शामिल था। वह फिज़िकल हाथों का नहीं हो सकता था, लेकिन उसने लॉजिस्टिक सपोर्ट, साज-सज्जा, और एस्कॉर्ट व्यवस्था का बंदोबस्त किया।  

कहते हैं कि हत्या से पहले ही अनमोल अपने ठिकानों को बदल चुका था — वह फर्जी पासपोर्ट का इस्तेमाल करके विदेश चला गया था।  

यह सब इस कदर गहराई से प्लान किया गया था कि उस पर गंभीर आरोप लगे — और पोलिस ने उसे इससे जोड़कर देखा।  

बाबा सिद्दीकी मर्डर: डर का माहौल बनाने की साजिश

उनकी कहानी और भी तेज-तर्रार मोड़ लेती है जब विषय आता है बाबा सिद्दीकी की हत्या का। बाबा सिद्दीकी, एनसीपी नेता और बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान के करीबी माने जाते थे।  

मुंबई क्राइम ब्रांच ने एक चार्जशीट पेश की है, जिसमें बताया गया है कि अनमोल बिश्नोई ने एक संगठित अपराध सिंडिकेट के जरिए सिद्दीकी की हत्या की साजिश की। 

इस चार्जशीट में करीब 4,590 पन्ने हैं — हाँ, इतना बड़ा और विस्तार से भरा मामला। 

पुलिस का कहना है कि अनमोल का मकसद सिर्फ हत्या नहीं था — वह एक डर का माहौल बनाना चाहता था, ताकि उसकी गैंग की वर्चस्वता और भी मजबूत हो सके। 

साजिश के पीछे तीन बड़े कारण बताए गए हैं: सलमान खान से सिद्दीकी की करीबी, अनुज थापन की आत्महत्या का बदला, और बिश्नोई गैंग का दबदबा।  

सबसे दिलचस्प खुलासों में से एक यह है कि मर्डर प्लानिंग की आखिरी बैठक अगस्त 2024 में नवी मुंबई के एक होटल में हुई थी, जिसमें अनमोल वीडियो कॉल के ज़रिए पुर्तगाल से जुड़ा था। NDTV India उसने बिलकुल आदेश दिया था — “बाबा सिद्दीकी किसी भी कीमत पर मारा जाना चाहिए।” 

पुलिस ने चार्जशीट में यह भी बताया है कि अनमोल ने अपने गैंग में डर और प्रतिष्ठा के लिए यह कदम उठाया था। 

सलमान खान के घर पर हमला: Moosewala जैसा प्लान

यहाँ पर कहानी और भी सनसनीखेज हो जाती है। सलमान खान के मुंबई स्थित घर के बाहर हुई फायरिंग का मामला सामने आया था, और पुलिस ने आरोप लगाया है कि इसे बिश्नोई गैंग ने उसी तरह प्लान किया था जैसे सिद्धू मूसेवाला की हत्या की गई थी।  

मुख्य बिंदु:

चार्जशीट में बताया गया है कि बिश्नोई गैंग ने फायरिंग की योजना बनाई थी और एक कॉन्ट्रैक्ट दिया था — लगभग ₹25 लाख समाचारों में बताया गया है।  

इस प्लानिंग में शामिल था एक व्हाट्सएप ग्रुप जिसमें 15-16 सदस्य थे। 

गैंग ने हथियारों का इंतजाम किया था — रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने पाकिस्तान से AK-47 जैसी आधुनिक बंदूकें सप्लाई की थीं।  

एक जिम्मेदार मॉनिटर (हैंडलर) भी सामने आया, जिसे “मामा” कहा जाता है। NDTV रिपोर्ट में कहा गया है कि यह मामा बिश्नोई गैंग का वह हैंडलर था जिसने शूटर्स को recrut किया था।  

चार्जशीट में यह भी कहा गया है कि कुछ शूटरों ने पहले खान के पनवेल फार्महाउस, फिल्म सिटी के आसपास और बैंड्रा स्थित घर का रेकॉनीसेंस किया था।  

How is Anmol Bishnoi linked to Baba Siddique murder, Salman Khan house  firing and Moosewala killing | India News
From Moosewala to Baba Siddique Murder Plot and the Salman Khan Attack: Inside Anmol Bishnoi’s Full Crime Trail

वापसी और गिरफ्तारी: अनमोल की कहानी का नया अध्याय

2025 की नवीनतम सूचनाएँ बिल्कुल झकझोर देने वाली हैं — अनमोल बिश्नोई को अमेरिका से भारत वापस लाया जा रहा है।  

खबर है कि उसे दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर लाया जाएगा, जहां विभिन्न सुरक्षा एजेंसियाँ और पुलिस टीमें तैनात होंगी। 

भारत लौटते ही उसके खिलाफ विभिन्न एजेंसियों की कस्टडी की तैयारियाँ चल रही हैं: NIA, पंजाब पुलिस और मुंबई पुलिस, सभी उसकी पूछताछ की योजना बना रही हैं। 

उसके ऊपर दर्ज मामलों की संख्या उल्लेखनीय है — लगभग 20 से अधिक केस विभिन्न राज्यों में दर्ज हैं। 

NIA ने पहले ही उस पर ₹10 लाख का इनाम घोषित किया हुआ था।  

क्राइम सिंडिकेट और वैश्विक जाल

अनमोल सिर्फ एक “मामूली गैंगस्टर” नहीं है — वह एक ग्लोबल क्राइम सिंडिकेट का ऑपरेटर बन चुका है।  

वह विदेशों में दौलत और धमकियों के नेटवर्क को संचालित करता रहा है। 

पुलिस और खुफिया एजेंसियों का कहना है कि वह अपने गैंग के धन को व्यापारों में लगाता रहा है — जिसमें कृषि, रियल एस्टेट और खेल क्लब शामिल हैं। 

बिश्नोई गैंग का विस्तार सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है — अनमोल की विदेशी निवेश योजनाएँ उसे अंतरराष्ट्रीय अपराधी नेटवर्क में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी बनाती हैं।  

चुनौतियाँ, सवाल और भविष्य की राह

इस पूरी कहानी में कई ऐसे सवाल हैं जो अभी हवा में महसूस हो रहे हैं — जैसे एक पुराना गीत, जिसकी धुन अभी पूरी तरह नहीं गायब हुई।

न्याय की अपेक्षा: अनमोल की गिरफ्तारी और भारत वापसी एक बड़ा कदम है, लेकिन क्या यह सिर्फ शुरुआत है? क्या वह सभी आरोपों का सामना कर पाएगा?

विशेष जांच की मांग: सिद्दीकी की हत्या के बाद उनकी पत्नी ने एसआईटी (विशेष जांच दल) की मांग की है।  

गैंगस्टर का असर: बिश्नोई गैंग की ताकत और पहुंच सिर्फ आपराधिक ही नहीं, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक बयार में भी है। इसका भविष्य क्या होगा?

अंतरराष्ट्रीय जुड़ाव: अनमोल की विदेशी सम्पर्क और निवेश यह बताता है कि यह मामला सिर्फ भारत की सीमाओं तक सीमित नहीं। क्राइम नेटवर्क का यह ग्लोबल विस्तार हमारे कानून-एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती है।

मीडिया और सार्वजनिक जागरूकता: ऐसे मामलों में रिपोर्टिंग और निष्पक्ष खबरों की अहमियत बहुत ज्यादा है। यह कहानी सिर्फ अपराध की नहीं — न्याय की, शक्ति की, और संदर्भ की भी है।

निष्कर्ष

अनमोल बिश्नोई की क्राइम-कुंडली एक महाकाव्य जैसी है — जिसमें सत्ता, बदला, भय और धन की जद्दोजहद में हर मोड़ पर कोरस गा रहा है। मूसेवाला की मौत, बाबा सिद्दीकी की हत्या और सलमान खान के घर हमले जैसे हाई-प्रोफाइल मामलों में उसका नाम जुड़ा होना सिर्फ दुर्घटनाओं की श्रृंखला नहीं, बल्कि बहुत सोच-समझकर रची गई एक रणनीति की गवाही है।

अब जब वह अमेरिका से भारत वापस आ गया है, तो यह देखना बाकी है कि उसकी कस्टडी कौन लेगा, उसकी पूछताछ कैसे होगी, और क्या वह उन आरोपों का सामना कर सकेगा जो उसकी गैंग और उसके “क्राइम कंपनी” की नींव तक पहुंचते हैं।

यह करामाती कहानी सिर्फ एक गैंगस्टर की कहानी नहीं है — यह आधुनिक अपराध की एक कविता है, जिसमे हर शब्द में खौफ है, हर साज़िश में शक्ति की आभा है, और हर खुलासा एक नई शुरुआत की संभावना लेकर आता है।


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