इंस्टाग्राम पर अमेरिकी लड़के से प्यार, ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर बिहार की युवती से 3 लाख की ठगी
- byAman Prajapat
- 08 January, 2026
पुराने जमाने में ठगी चिट्ठी से होती थी।
आज DM से होती है।
कल डराया जाता था पुलिस से,
आज “डिजिटल अरेस्ट” से।
बिहार की एक साधारण-सी लड़की, सपनों से भरी आँखें और हाथ में स्मार्टफोन। इंस्टाग्राम पर एक दिन अचानक मैसेज आता है—प्रोफाइल पर नीली आँखों वाला लड़का, नाम कुछ विदेशी, लोकेशन अमेरिका। बातें शुरू होती हैं। पहले “Hi”, फिर “How are you”, और देखते-देखते दिल की गहराइयों तक उतरने वाली मीठी बातें।
लड़की को लगता है—किस्मत खुल गई।
हकीकत? दरवाज़े पर खड़ा था साइबर अपराध।
💔 प्यार नहीं, प्लान था
जिसे लड़की “अमेरिकी बॉयफ्रेंड” समझ रही थी, वह असल में एक पूरा गैंग था—स्क्रिप्ट लिखी हुई, टाइमिंग परफेक्ट, इमोशन्स का पूरा गणित।
रोज़ गुड मॉर्निंग
रात में वीडियो कॉल (चेहरा धुंधला, नेटवर्क खराब)
भविष्य के सपने
शादी के वादे
सब कुछ इतना रियल कि शक की कोई गुंजाइश नहीं।
फिर कहानी ने करवट ली।
🚨 ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर
एक दिन अचानक कॉल आता है। आवाज़ सख्त। खुद को बताता है—
“हम इंटरनेशनल साइबर क्राइम डिपार्टमेंट से बोल रहे हैं।”
कहा गया कि उस अमेरिकी लड़के के नाम से भारत में मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध पार्सल पकड़ा गया है।
और चूंकि लड़की उससे लगातार संपर्क में थी—वह भी शक के घेरे में है।
डायलॉग सीधा दिल पर वार करता है:
“आपको डिजिटल अरेस्ट किया जा रहा है। अगर अभी सहयोग नहीं किया तो जेल तय है।”
डिजिटल अरेस्ट।
शब्द नया था, डर पुराना।
💸 तीन लाख की चुप्पी
डर में लड़की ने किसी से बात नहीं की।
माँ-बाप को नहीं बताया।
दोस्तों को नहीं कहा।
ठगों ने कहा—
“यह गोपनीय मामला है। किसी को बताया तो हालत और खराब होगी।”
कभी प्रोसेसिंग फीस,
कभी लीगल चार्ज,
कभी वेरिफिकेशन अमाउंट।
कुल मिलाकर—
₹3,00,000
UPI, बैंक ट्रांसफर, वॉलेट—जहाँ कहा गया, वहाँ भेजा गया।
और फिर…
अचानक सब अकाउंट बंद।
इंस्टाग्राम प्रोफाइल गायब।
नंबर स्विच ऑफ।
प्यार?
डिलीट।
पैसे?
उड़नछू।
🧠 जब समझ आया, बहुत देर हो चुकी थी
जब परिवार को बताया गया, तब जाकर पुलिस के पास पहुँची।
साइबर सेल ने केस दर्ज किया।
जांच शुरू हुई।
अधिकारियों ने साफ कहा—
“डिजिटल अरेस्ट नाम की कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं होती।”
यह सिर्फ डर का बिज़नेस है।
⚠️ साइबर पुलिस की चेतावनी
पुलिस ने लोगों को सख्त चेतावनी दी है:
कोई भी सरकारी एजेंसी फोन पर गिरफ्तारी नहीं करती
डिजिटल अरेस्ट जैसा कुछ कानून में नहीं
विदेशी प्रोफाइल से अचानक प्यार—90% स्कैम
पैसे की मांग = खतरे की घंटी

🛡️ कैसे बचें ऐसे स्कैम से? (सीधी बात, बिना घुमाए)
इंस्टा/फेसबुक पर अनजान लोगों से इमोशनल अटैचमेंट मत बनाओ
कोई भी “सरकारी अधिकारी” फोन पर पैसे मांगे—सीधा काटो
डर दिखाकर चुप रहने को कहे—यही सबसे बड़ा रेड फ्लैग
तुरंत 1930 पर साइबर हेल्पलाइन कॉल करो
परिवार से बात करो, शर्म नहीं—सुरक्षा ज़रूरी है
🧾 समाज के लिए सबक
यह सिर्फ एक लड़की की कहानी नहीं है।
यह उस समाज की कहानी है जहाँ
डिजिटल शिक्षा से पहले डिजिटल एक्सेस मिल गया।
आज प्यार ऑनलाइन है,
पर ठग उससे दो कदम आगे।
पुराने ज़माने में बुज़ुर्ग कहते थे—
“जल्दी भरोसा मत करो।”
डिजिटल दुनिया में यह लाइन सोने जैसी है।
✍️ निष्कर्ष (Tell it like it is)
यह प्यार नहीं था।
यह एक स्कैम था—ठंडा, प्लान्ड और बेरहम।
अगर यह खबर किसी एक को भी सावधान कर दे,
तो तीन लाख का दर्द
किसी और के लिए ढाल बन सकता है।
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राजस्थान में अपराधों...
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