फेसबुक फ्रेंड ने रचा खौफनाक हनीट्रैप, गुरुग्राम के कारोबारी से 6 करोड़ रुपये की ठगी, निजी पलों को बनाया हथियार
- byAman Prajapat
- 23 January, 2026
🔥 सोशल मीडिया की चमक, अंदर छिपा खतरनाक सच
जिस फेसबुक को लोग दोस्ती, बिजनेस और रिश्ते बनाने का जरिया मानते हैं, वही आज अपराधियों का सबसे बड़ा हथियार बनता जा रहा है। गुरुग्राम से सामने आया यह मामला डिजिटल युग की उसी डरावनी हकीकत को उजागर करता है, जहाँ एक कारोबारी की एक क्लिक ने उसे 6 करोड़ रुपये की चपत लगवा दी।
👤 कैसे हुई पहचान? फेसबुक से शुरू हुई कहानी
गुरुग्राम के एक प्रतिष्ठित कारोबारी की पहचान फेसबुक पर एक महिला प्रोफाइल से हुई। प्रोफाइल आकर्षक थी, बातचीत सभ्य और भरोसेमंद। धीरे-धीरे चैटिंग ने दोस्ती का रूप लिया और दोस्ती ने निजी बातचीत का।
कारोबारी को क्या पता था कि स्क्रीन के उस पार बैठा व्यक्ति कोई आम फेसबुक यूजर नहीं, बल्कि एक शातिर ठग गिरोह का हिस्सा है।
🕸️ हनीट्रैप का जाल: भावनाओं से खेल
बातचीत बढ़ी, वीडियो कॉल शुरू हुई, निजी पल रिकॉर्ड किए गए। यहीं से खेल पलटा।
कुछ ही दिनों में कारोबारी के पास धमकी भरे मैसेज आने लगे —
“अगर पैसे नहीं दिए, तो वीडियो वायरल कर देंगे।”
इज्जत, परिवार और समाज के डर ने कारोबारी को चुप करा दिया।
💰 6 करोड़ रुपये कैसे ऐंठे गए?
ब्लैकमेलिंग की शुरुआत छोटे अमाउंट से हुई —
पहले कुछ लाख, फिर करोड़ों।
अलग-अलग बैंक खातों, डिजिटल वॉलेट्स और क्रिप्टो ट्रांजैक्शन के जरिए कुल 6 करोड़ रुपये आरोपियों तक पहुंचा दिए गए।
कारोबारी को लगातार यही डर दिखाया गया कि एक गलती उसकी पूरी जिंदगी बर्बाद कर सकती है।
🚔 पुलिस तक कैसे पहुंचा मामला?
जब ब्लैकमेलिंग की हदें पार हो गईं और आरोपी और पैसों की मांग करने लगे, तब कारोबारी ने हिम्मत जुटाई और पुलिस से संपर्क किया।
साइबर सेल की जांच में सामने आया कि —
✔️ फेसबुक प्रोफाइल फर्जी थी
✔️ वीडियो कॉल रिकॉर्डिंग के लिए सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया गया
✔️ ठगी एक संगठित गिरोह द्वारा की जा रही थी
🧠 जांच में सामने आए चौंकाने वाले खुलासे
एक ही महिला प्रोफाइल से कई लोगों को फंसाया गया
कॉल सेंटर स्टाइल में काम कर रहा था गिरोह
कुछ आरोपी दूसरे राज्यों से ऑपरेट कर रहे थे
डिजिटल सबूत मिटाने के लिए VPN और फर्जी सिम का इस्तेमाल
⚖️ कानूनी धाराएं और कार्रवाई
पुलिस ने आरोपियों पर IPC और IT Act की कई धाराएं लगाईं, जिनमें शामिल हैं —
धोखाधड़ी
ब्लैकमेलिंग
साइबर अपराध
आपराधिक साजिश
कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि बाकी की तलाश जारी है।

🚨 यह मामला क्यों है खतरनाक चेतावनी?
यह केस सिर्फ एक कारोबारी की कहानी नहीं है, बल्कि हर उस इंसान के लिए चेतावनी है जो सोशल मीडिया पर आंख बंद कर भरोसा कर लेता है।
आज हनीट्रैप सिर्फ फिल्मी शब्द नहीं रहा —
यह एक प्रोफेशनल क्राइम मॉडल बन चुका है।
🛡️ हनीट्रैप से बचने के लिए जरूरी सावधानियां
✔️ अनजान प्रोफाइल से निजी बातचीत न करें
✔️ वीडियो कॉल पर निजी हरकतों से बचें
✔️ कोई धमकी मिले तो तुरंत पुलिस से संपर्क करें
✔️ शर्म या डर में चुप न रहें
✔️ सोशल मीडिया प्राइवेसी सेटिंग मजबूत रखें
📢 समाज के लिए सबक
इज्जत का डर अपराधियों की सबसे बड़ी ताकत है।
अगर पीड़ित शुरू में ही आवाज उठाए, तो न सिर्फ पैसे बचते हैं बल्कि अपराधियों का नेटवर्क भी टूटता है।
✍️ निष्कर्ष
गुरुग्राम का यह हनीट्रैप केस डिजिटल इंडिया की उस सच्चाई को दिखाता है जहाँ टेक्नोलॉजी जितनी तेज है, अपराध उससे भी एक कदम आगे है।
समय है सतर्क होने का, क्योंकि ऑनलाइन दुनिया में एक गलत भरोसा, जिंदगी भर का पछतावा बन सकता है।
Note: Content and images are for informational use only. For any concerns, contact us at info@rajasthaninews.com.
राजस्थान में अपराधों...
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