दिल्ली में कड़ाके की ठंड का कहर: तापमान 3.2 डिग्री तक गिरा, ‘खराब’ AQI के बीच IMD ने घने कोहरे की चेतावनी जारी की
- byAman Prajapat
- 12 January, 2026
❄️ राजधानी दिल्ली में ठंड का असली चेहरा
दिल्ली की सर्दी इस बार सिर्फ़ सर्द नहीं, सख़्त है। वो वाली ठंड जो हड्डियों में उतर जाती है, जो सुबह अलार्म नहीं—हिम्मत मांगती है। राजधानी का न्यूनतम तापमान 3.2 डिग्री सेल्सियस तक गिर चुका है, जो इस सीज़न के सबसे निचले स्तरों में से एक माना जा रहा है। सड़कें सुनी हैं, चेहरे ढके हैं और सांस के साथ भाप निकल रही है—ये सर्दी अब एहसास नहीं, ऐलान है।
🌫️ खराब हवा ने बढ़ाई मुश्किल
ठंड अकेली नहीं आई। उसके साथ ज़हर बनी हवा भी चली आई। दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज किया गया है। मतलब साफ़ है—सांस लेना भी अब समझदारी मांगता है। ठंडी हवा में प्रदूषक कण नीचे ही फंसे हुए हैं, जिससे बच्चों, बुज़ुर्गों और सांस के मरीजों के लिए हालात और बिगड़ गए हैं।
साफ़ कहें तो—कंबल ओढ़ो या मास्क, दोनों ज़रूरी हो गए हैं।
🌁 IMD की चेतावनी: घना कोहरा रहेगा कायम
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने पहले ही इशारा कर दिया है—घना कोहरा आने वाले दिनों में भी दिल्ली और पूरे उत्तर भारत को अपनी गिरफ्त में रखेगा। सुबह और देर रात दृश्यता बेहद कम रहने की संभावना है। इसका सीधा असर—
🚗 सड़क यातायात
✈️ उड़ानें
🚆 ट्रेन सेवाएं
पहले भी देखा गया है कि जब कोहरा आता है, तो दिल्ली की रफ्तार खुद-ब-खुद स्लो मोड में चली जाती है।
🧊 उत्तर भारत पूरी तरह कोल्ड वेव की चपेट में
दिल्ली अकेली नहीं है। पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और बिहार तक ठंड की लहर फैल चुकी है। कई इलाकों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 4–6 डिग्री नीचे दर्ज किया गया है। पहाड़ी क्षेत्रों से आ रही बर्फीली हवाएं मैदानों को फ्रीज़र बना रही हैं।
ये वही ठंड है जिसमें—
खेतों में ओस नहीं, बर्फ जमती है
हाथ आग सेकते हैं, मोबाइल भी ठंडा पड़ जाता है
सुबह उठना नहीं, जंग जीतना लगता है
🚨 स्वास्थ्य विशेषज्ञों की साफ़ चेतावनी
डॉक्टर साफ़ शब्दों में कह रहे हैं—लापरवाही भारी पड़ेगी।
इस मौसम में बढ़ रहे हैं:
सर्दी-खांसी
अस्थमा अटैक
हार्ट से जुड़ी दिक्कतें
बच्चों में इंफेक्शन
सलाह सीधी है:
👉 गर्म कपड़े पहनें
👉 सुबह की सैर टालें
👉 धुएं और खुले अलाव से दूरी रखें
👉 पानी पीते रहें, भले प्यास न लगे
🏫 स्कूलों और दफ्तरों पर असर
ठंड और कोहरे के चलते कई इलाकों में स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। अभिभावक चिंतित हैं, बच्चे अलाव के पास बैठे हैं और ऑफिस जाने वालों की सबसे बड़ी दुआ—“बस आज वर्क फ्रॉम होम मिल जाए।”
🛑 प्रशासन अलर्ट मोड पर
दिल्ली सरकार और नगर निगम ने रैन बसेरों की संख्या बढ़ाई है। बेघर लोगों के लिए कंबल और हीटर की व्यवस्था की जा रही है। लेकिन ज़मीनी हकीकत यही कहती है—सर्दी हर किसी के लिए बराबर नहीं होती।
🔮 आगे क्या कहता है मौसम?
IMD के मुताबिक:
अगले 2–3 दिन तक ठंड से राहत नहीं
न्यूनतम तापमान और गिर सकता है
कोहरा और AQI दोनों बने रहेंगे
मतलब साफ़ है—दिल्ली को अभी और सहना होगा।
🧣 आखिर में…
दिल्ली की सर्दी हमेशा मशहूर रही है। लेकिन इस बार वो रोमांटिक नहीं, रियल है। ये वो ठंड है जो सिस्टम की कमज़ोरियों को उजागर करती है—हवा, सड़क, स्वास्थ्य और इंसानियत सबकी परीक्षा लेती है।
सावधान रहिए, सुरक्षित रहिए—क्योंकि ये मौसम मज़ाक नहीं कर रहा।
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