एकतरफा प्यार में पार्षद का बेटा बना हैवान, बीच सड़क लड़की को जिंदा जलाया — इंसानियत हुई शर्मसार
- byAman Prajapat
- 24 January, 2026
भारत की गलियों में आज भी मोहब्बत से ज़्यादा हक़ जताने की बीमारी फैल चुकी है। प्यार नहीं मिला तो जान ले लो — यही सोच इस दिल दहला देने वाली घटना की जड़ है, जहां एकतरफा प्यार ने एक इंसान को हैवान बना दिया।
यह मामला सिर्फ एक हत्या नहीं है, यह हमारे समाज के उस सड़े हुए हिस्से का आईना है जहां औरत की “ना” को इज़्ज़त नहीं, चुनौती समझा जाता है।
🔥 क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, आरोपी एक स्थानीय पार्षद का बेटा है, जिसे पीड़िता से एकतरफा प्यार था। लड़की कई बार साफ शब्दों में मना कर चुकी थी, दूरी बना चुकी थी, लेकिन आरोपी की मर्दानगी को यह “ना” बर्दाश्त नहीं हुई।
दिनदहाड़े, भीड़-भाड़ वाली सड़क पर आरोपी ने लड़की पर ज्वलनशील पदार्थ डाला और उसे जिंदा जला दिया। लड़की आग की लपटों में घिरी मदद की गुहार लगाती रही, लेकिन कुछ पल के लिए पूरा समाज मूकदर्शक बन गया।
😔 चिल्लाती रही इंसानियत
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लड़की सड़क पर जलती रही, चीखती रही, और लोग डर, हैरानी या वीडियो बनाने में उलझे रहे। सवाल सीधा है —
क्या हम इतने संवेदनहीन हो चुके हैं?
🏥 अस्पताल में मौत से जंग
गंभीर रूप से झुलसी पीड़िता को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन शरीर का बड़ा हिस्सा जल चुका था। आखिरकार उसने दम तोड़ दिया।
उसकी मौत के साथ ही मर गई —
एक बेटी
किसी की दोस्त
किसी का भरोसा
और समाज की आत्मा
👮♂️ पुलिस की कार्रवाई
घटना के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती जांच में साफ है कि यह पूर्व नियोजित अपराध था। आरोपी के खिलाफ IPC की गंभीर धाराएं लगाई गई हैं, जिनमें हत्या और महिला उत्पीड़न शामिल है।
हालांकि सवाल यह भी है कि —
क्या कानून का डर इतना कमजोर हो चुका है कि रसूखदारों के बच्चे खुलेआम हैवानियत कर रहे हैं?
⚖️ सत्ता और रसूख का सवाल
आरोपी का पार्षद का बेटा होना इस मामले को और भी गंभीर बनाता है। लोग पूछ रहे हैं —
क्या अगर आरोपी आम आदमी होता, तो पुलिस इतनी “संयमित” होती?
क्या राजनीतिक रसूख न्याय की राह में रोड़ा बनेगा?
इतिहास गवाह है कि कई मामलों में ताकतवर परिवारों के बच्चे कानून को खिलौना समझते हैं।
🚨 महिला सुरक्षा पर फिर सवाल
हर बार की तरह इस घटना के बाद भी नेता बयान देंगे, मोमबत्तियां जलेंगी, सोशल मीडिया पर गुस्सा उबलेगा — और फिर सब शांत।
लेकिन हकीकत यही है कि —
आज भी लड़की का “ना” सबसे बड़ा अपराध बन जाता है।
एकतरफा प्यार के नाम पर:
एसिड अटैक
पीछा करना
धमकी
और अब जिंदा जलाना
ये सब प्यार नहीं, बीमार मानसिकता है।

🧠 समाज को आईना दिखाता अपराध
यह घटना हमें साफ बताती है कि समस्या सिर्फ कानून की नहीं है, बल्कि परवरिश, सोच और संस्कारों की है।
जब लड़कों को बचपन से सिखाया जाता है कि “मना करना लड़की का नखरा है”, तब ऐसे दरिंदे पैदा होते हैं।
✊ अब चुप रहना गुनाह है
यह वक्त है कि समाज तय करे —
क्या हम अब भी “लड़का है, गलती हो जाती है” कहेंगे?
या सच में महिलाओं की आज़ादी और सुरक्षा को गंभीरता से लेंगे?
पीड़िता अब नहीं रही, लेकिन अगर आज भी हम चुप रहे, तो कल कोई और जलेगी।
🕯️ इंसाफ की मांग
देशभर में इस घटना को लेकर आक्रोश है। लोग आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा, फास्ट-ट्रैक कोर्ट और राजनीतिक दबाव से मुक्त जांच की मांग कर रहे हैं।
इंसाफ सिर्फ सजा नहीं होता,
इंसाफ होता है — दोबारा ऐसा न होने देना।
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राजस्थान में अपराधों...
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