सबसे बड़ा हमला! दो तेल टैंकरों पर अटैक, सप्लाई संकट से क्रूड में तूफानी तेजी
- bySanjay
- 13 January, 2026
क्या हुआ है?
ब्लैक सी क्षेत्र में कज़ाखिस्तान के तेल को एक्सपोर्ट करने वाले अहम रूट CPC (Caspian Pipeline Consortium) टर्मिनल के पास
दो ऑयल टैंकरों पर हमला हुआ है।
ये दोनों टैंकर CPC Blend कच्चा तेल लोड करने के लिए इंतज़ार कर रहे थे।
पहले से ही:
खराब मौसम
हालिया ड्रोन अटैक
की वजह से CPC की सप्लाई बाधित थी।
अब इस नए हमले ने तेल सप्लाई को लेकर डर (Supply Risk Premium) और बढ़ा दिया है।
बाजार में इतनी तेज़ी क्यों आई?
तेल की कीमतें आमतौर पर तीन चीज़ों पर उछलती हैं:
सप्लाई में रुकावट का खतरा
जियो-पॉलिटिकल टेंशन
शिपिंग और इंश्योरेंस रिस्क
इस घटना में तीनों फैक्टर मौजूद हैं:
CPC रूट से रोज़ाना बड़ी मात्रा में कज़ाख तेल जाता है
टैंकरों पर हमला → बीमा महंगा
जहाज मालिकों की हिचकिचाहट → लोडिंग में देरी
इसी कारण:
क्रूड में एक ही दिन में करीब 2% की उछाल
साल की सबसे तेज़ एक-दिनी तेजी बताई जा रही है
ब्रेंट क्रूड भी अहम लेवल के पास पहुंच गया
बड़ा सवाल: क्या जहाज मालिक CPC Blend उठाने से डरेंगे?
संभावना हाँ में है, कम से कम शॉर्ट टर्म में:
टैंकर ऑपरेटर्स:
हाई रिस्क एरिया में जाने से पहले
ज्यादा फ्रेट चार्ज और वॉर-इंश्योरेंस मांग सकते हैं
कुछ शिप्स वैकल्पिक रूट या कार्गो चुन सकते हैं
इससे:
CPC टर्मिनल पर कंजेशन
लोडिंग स्लो
और सप्लाई दबाव बढ़ सकता है
आगे क्या असर हो सकता है?
अगर हमले दोहराए गए:
क्रूड में और तेजी संभव
खासकर Brent और यूरोपीय मार्केट ज्यादा संवेदनशील
अगर स्थिति कंट्रोल में आई:
तेजी थोड़ी ठंडी पड़ सकती है
ट्रेडर्स अब:
ब्लैक सी सिक्योरिटी
शिपिंग इंश्योरेंस
OPEC+ की प्रतिक्रिया

पर कड़ी नजर रखेंगे
निष्कर्ष
👉 यह खबर सिर्फ एक हमला नहीं, बल्कि ग्लोबल ऑयल सप्लाई चेन के लिए बड़ा रेड फ्लैग है।
👉 बाजार ने तुरंत रिस्क को कीमतों में जोड़ दिया, इसलिए “तूफानी तेजी” देखने को मिली।
🇮🇳 भारत पर क्या असर होगा?
1️⃣ तेल आयात महंगा होगा
भारत अपनी 85% से ज्यादा तेल जरूरतें आयात करता है
क्रूड अगर 60–65 डॉलर से ऊपर टिकता है, तो:
सरकार का ऑयल इम्पोर्ट बिल बढ़ेगा
चालू खाता घाटा (CAD) पर दबाव आएगा
2️⃣ पेट्रोल–डीजल के दामों पर दबाव
अभी चुनाव/राजनीतिक कारणों से दाम कंट्रोल में हैं
लेकिन अगर:
क्रूड लंबे समय तक ऊंचा रहा
या जियो-पॉलिटिकल तनाव बढ़ा
तो:
तेल कंपनियों का मार्जिन घटेगा
बाद में पेट्रोल–डीजल महंगे होने का खतरा
3️⃣ महंगाई (Inflation) बढ़ने का खतरा
महंगा तेल =
ट्रांसपोर्ट महंगा
लॉजिस्टिक्स महंगा
खाद्य और FMCG पर असर
इससे:
CPI Inflation ऊपर जा सकती है
RBI के लिए ब्याज दरें घटाना मुश्किल
4️⃣ रुपया कमजोर पड़ सकता है
ज्यादा डॉलर में तेल खरीदना पड़ेगा
इससे:
INR पर दबाव
आयात और महंगे होंगे
5️⃣ शेयर बाजार पर असर
नकारात्मक असर:
OMCs (IOC, BPCL, HPCL) – मार्जिन दबाव
एविएशन (IndiGo, SpiceJet) – फ्यूल कॉस्ट बढ़ेगी
सकारात्मक असर:
ONGC, Oil India – ऊंचे क्रूड से फायदा
कुछ हद तक रिलायंस (रिफाइनिंग मार्जिन)
6️⃣ भारत की रणनीतिक राहत
अच्छी बात यह है कि:
भारत रूस से सस्ता तेल ले रहा है
Strategic Oil Reserves मौजूद हैं
इसलिए तुरंत बड़ा झटका नहीं, लेकिन
अगर संकट लंबा चला → असर बढ़ेगा
🔍 निष्कर्ष
👉 शॉर्ट टर्म: बाजार में घबराहट, कीमतों में उछाल
👉 मीडियम टर्म: महंगाई + रुपया + पेट्रोल पर दबाव
👉 लॉन्ग टर्म: सब कुछ इस पर निर्भर करेगा कि
ब्लैक सी तनाव कितना बढ़ता है
सप्लाई कितने दिन बाधित रहती है
Note: Content and images are for informational use only. For any concerns, contact us at info@rajasthaninews.com.
"Peter Dutton Affirm...
Related Post
Hot Categories
Recent News
Daily Newsletter
Get all the top stories from Blogs to keep track.





_1768405680.png)


