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हिंदुओं के लिए खुली धमकी?— BJP अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने TMC विधायक हमायूं कबीर के 'बाबरी मस्जिद' बयान पर उठाए सवाल

हिंदुओं के लिए खुली धमकी?— BJP अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने TMC विधायक हमायूं कबीर के 'बाबरी मस्जिद' बयान पर उठाए सवाल

राजनीति की आंधी में एक और तूफ़ान

भाई, राजनीति ka scene kabhi stable hota hi kaha hai? Aur jab baat धर्म, इतिहास, aur भावनाओं ko छू ले — toh hawa ekदम andhi ban jaati hai.
यही हुआ TMC MLA हुमायूँ कबीर के हालिया बयान के बाद.
बयान? बस ek लाइन.
पर उस ek लाइन ne पूरे राज्य ka तापमान बढ़ा दिया.

उन्होंने किसी कार्यक्रम me बोल दिया कि:

“अगर हम चाहें, तो बाबरी मस्जिद फिर वहीं बना सकते हैं।”

बस, yahi lafz kaafi the.
और BJP Bengal President सुकांत मजूमदार ekदम आग की तरह भड़क उठे.
उन्होंने इसे “हिंदुओं के ख़िलाफ़ खुली धमकी” बताया.

राजनीति toh apna raasta chalti hi hai,
लेकिन इस बार दांव बड़े गहरे थे — क्योंकि मुद्दा सिर्फ राजनीति nahi tha,
भावनाएँ,
इतिहास,
aur धार्मिक संवेदनशीलता sab ek frame me aa gaye.

Chalo, poora scene ekdum detail me break karte hain.

1️⃣ विवाद की शुरुआत: हुमायूँ कबीर की टिप्पणी

Scene yeh tha कि एक स्थानीय कार्यक्रम में, भीड़ के सामने कबीर ने ये बात casually bol di.
Unka vibe kuch aisa tha jaise वो अपनी पार्टी की ताकत ya influence ka dikhावा कर रहे हों.

लेकिन Bengal ka political climate already charged रहता है.
और जब ‘Babri Masjid’ jaise शब्द सामने aaye,
toh hawa ka direction turant badal gaya.

उनका तर्क था कि:

“Muslims दबे नहीं हैं,

unke पास power है,

और चाहें तो चीजें बदल सकते हैं।”

अब भाई, ऐसा बयान इंडिया में देना, वो भी चुनावों के माहौल में?
You already know — तूफान pakka.

2️⃣ बीजेपी का पलटवार: सुकांत मजूमदार की कड़ी प्रतिक्रिया

BJP President Sukanta Majumdar ne isko सीधे-सीधे हिंदुओं के खिलाफ धमकी कहा.

उनके शब्द काफी raw थे:

“ये बयान साफ़ बताता है कि TMC के नेता हिंदुओं को डराने की कोशिश कर रहे हैं।
ये एक खुलेआम धमकी है — और ये बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

Majumdar ने media ke सामने kaha:

ये टीएमसी की असली सोच है

ये communal politics है

ये हिंदुओं की भावनाओं से खिलवाड़ है

और अगर सरकार चुप रही, BJP सड़कों पर उतरेगी

उनका पूरा tone fiery tha — purana political warrior wala mood.

3️⃣ TMC का डैमेज कंट्रोल: ‘Statement को गलत तरीके से लिया गया’

TMC hamesha ki tarah defensive mode me aa gayi.
उन्होंने कहा:

Kabir का इरादा community tension बढ़ाना नहीं था

बयान को तोड़-मरोड़ कर viral किया गया

BJP इसे राजनीति के लिए उपयोग कर रही है

लेकिन bhai, fire once lit — bujhaana mushkil hota hai.

4️⃣ बाबरी मस्जिद—अयोध्या—राम मंदिर: एक गहरी पृष्ठभूमि

Ye controversy sirf ek बयान nahi tha.
Ye छू गया India ke सबसे भावुक chapters me se ek — Babri–Ram Mandir ka chapter.

Thoda flashback mode:

1992: Babri Masjid ka demolition

Saal दर saal legal battle

2019: Supreme Court का historic verdict

2024: Ram Mandir ka pran-pratistha

Isliye जब कोई leader casually ‘बाबरी मस्जिद फिर से बना देंगे’ bol deta hai —
तो yeh सिर्फ ek sentence nahi hota…
Yeh पुराना घाव फिर से छू देता hai.

Trinamool MLA's 'Babri Masjid' remark sparks political controversy
‘An Open Threat to Hindus’: BJP’s Sukanta Majumdar Slams TMC MLA Humayun Kabir Over Babri Masjid Remark

5️⃣ Bengal की राजनीति में धार्मिक बयान क्यों आग लगा देता है?

Bengal me ek ajeeb paradox hai:

Culture deep

Literature deep

Art deep
…par politics ekदम raw and aggressive.

Communal issues waha instantly escalate ho jaate hain.
Isliye हर बयान का असर double hota hai.

BJP और TMC ke बीच West Bengal में पहले se ही:

Sandeshkhali case

Rohingya narrative

Identity politics

Hindu vs Muslim vote bank

sab एक तरह ka silent war चल रहा था.

यह बयान उस युद्ध में petrol daalne jaisa था.

6️⃣ जनता की प्रतिक्रिया: सोशल मीडिया पर युद्ध

Bhailog, jitna तेज political reactions aaye, usse zyada तेज reaction public ka aaya.

Trending hashtags:

#HumayunKabir

#SukantaMajumdar

#BabriMasjid

#HinduThreat

#TMCPoitics

#WestBengalNews

Social media ek battlefield ban gaya.
Memes… rage… facts… half-facts…
sab mix ho gaya.

7️⃣ क्या ये वाकई ‘खुली धमकी’ थी? एक विश्लेषण

Dekho, politics me हर बयान ko context se dekha jata hai.
Par yahaan context bhi fragile tha.

क्यों लोग इसे धमकी मान रहे हैं:

Babri issue बहु-संवेदनशील है

बयान "हम चाहें तो फिर से बना देंगे" — overpower tone me tha

भीड़ के सामने कहा गया

timing suspicious thi

क्यों कुछ लोग कहते हैं कि यह सिर्फ political flex था:

नेता exaggeration में बोल देते हैं

actual action ka intention nahi tha

भाषा ज्यादा overt थी

BJP ने इसे spin kar diya

Sach kya hai?
Bhai, politics में sach half-truth, half-perception hota hai.
Jo zyada powerful narrative lagta hai — वही जीतता है.

8️⃣ भविष्य की राजनीति पर असर

This controversy can impact:

Muslim vote bank consolidation

Hindu polarization

Local TMC vs BJP competition

2026 Bengal elections narrative

Political strategist already bol rahe hain:

“Yeh बयान अगले कई महीनों tak मुद्दा बना रह सकता है.”

9️⃣ कानून और प्रशासन की भूमिका

Opposition demanded:

FIR

public apology

internal action from TMC

But administration mostly neutral tone me raha.


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