Varanasi Airport Firing: फ्लाइट में लाइसेंसी गन ले जाने के क्या हैं नियम? जानें कितनी गोलियां ले जा सकते हैं
- bypari rathore
- 16 August, 2026
Varanasi Airport Firing: फ्लाइट में लाइसेंसी गन ले जाने के क्या हैं नियम? कितनी गोलियां रख सकते हैं, कैसे होती है चेकिंग?
वाराणसी एयरपोर्ट पर रविवार को एक लाइसेंसी पिस्टल से अचानक गोली चलने की घटना सामने आने के बाद हवाई सफर में हथियार ले जाने के नियमों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, सिक्योरिटी स्क्रीनिंग के दौरान गोली चलने से दो स्क्रीनिंग कर्मचारी घायल हुए। मामले की जांच की जा रही है।
ऐसे में सवाल है कि आखिर कोई यात्री लाइसेंसी बंदूक लेकर फ्लाइट में सफर कैसे कर सकता है? क्या उसे पहले एयरलाइन को बताना पड़ता है? बंदूक और कारतूस कहां रखे जाते हैं? और कितनी गोलियां ले जाने की अनुमति होती है?
क्या लाइसेंसी बंदूक लेकर फ्लाइट में जा सकते हैं?
हां, भारत में लाइसेंसी हथियार को लेकर हवाई यात्रा पूरी तरह प्रतिबंधित नहीं है। लेकिन इसके लिए एयरलाइन, विमानन सुरक्षा और हथियार लाइसेंस से जुड़े नियमों का पालन करना जरूरी है।
BCAS यानी Bureau of Civil Aviation Security की गाइडलाइन में firearms और ammunition को व्यक्ति के साथ या hand baggage में ले जाने वाली प्रतिबंधित वस्तुओं में रखा गया है। इसका मतलब है कि लाइसेंसी हथियार को सामान्य hand baggage या अपने पास लेकर विमान के केबिन में नहीं ले जाया जा सकता।
Air India की मौजूदा baggage guidelines के मुताबिक bona fide regular passengers लाइसेंस में दर्ज licensed arms और लाइसेंस के मुताबिक cartridges ले जा सकते हैं। हथियार को security check से पहले declare करना जरूरी है।
बंदूक को कैसे ले जाना होता है?
लाइसेंसी firearm को cabin baggage में लेकर जाना अनुमति प्राप्त तरीका नहीं है। उसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत checked/registered baggage के जरिए ले जाना होता है और security screening से पहले इसकी घोषणा करनी होती है।
यात्रा से पहले संबंधित एयरलाइन से उसके मौजूदा नियमों की पुष्टि करना जरूरी है, क्योंकि documentation, declaration और ammunition की शर्तें एयरलाइन के हिसाब से अलग हो सकती हैं।
कितनी गोलियां ले जा सकते हैं?
यहां एक बात समझना बहुत जरूरी है। सभी यात्रियों के लिए एक ही संख्या लागू होती है, ऐसा नहीं है।
Air India की गाइडलाइन के अनुसार cartridges की मात्रा arms licence में अनुमत मात्रा के मुताबिक होनी चाहिए और कुल वजन 5 किलोग्राम gross weight से ज्यादा नहीं होना चाहिए।
वहीं Air India Express अपनी मौजूदा FAQ में एक यात्री के लिए एक firearm और 50 rounds of ammunition की सीमा बताती है।
इसलिए यात्री को अपनी एयरलाइन की मौजूदा शर्तों और अपने arms licence—दोनों को देखना चाहिए। सिर्फ यह मान लेना सही नहीं है कि हर एयरलाइन में 50 गोलियां ही ले जा सकते हैं।
एयरपोर्ट पर हथियार की चेकिंग कैसे होती है?
हथियार को लेकर यात्री को security screening से पहले इसकी जानकारी/घोषणा करनी होती है। इसके बाद निर्धारित security और airline procedure के तहत firearm और ammunition की जांच होती है। BCAS के मुताबिक एयरपोर्ट पर baggage की screening की जाती है और जरूरत पड़ने पर physical search भी हो सकती है।
यही वजह है कि हथियार को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही गंभीर सुरक्षा जोखिम पैदा कर सकती है।
क्या बंदूक खाली यानी unloaded होनी चाहिए?
हथियार को विमान यात्रा के लिए निर्धारित सुरक्षित स्थिति में रखना जरूरी है। बंदूक को loaded हालत में लेकर security screening पर पहुंचना बेहद गंभीर लापरवाही हो सकती है।
वाराणसी की घटना में भी सामने आई शुरुआती जानकारी के मुताबिक यात्री ने हथियार को unloaded बताया था, लेकिन screening के दौरान गोली चल गई। मामले की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हथियार की स्थिति क्या थी और घटना किस तरह हुई।
इसलिए यात्री को सिर्फ यह कह देना कि “गन खाली है” पर्याप्त नहीं है। उसे एयरलाइन और airport security की निर्धारित प्रक्रिया का पूरी तरह पालन करना होता है।
लाइसेंस होने का मतलब यह नहीं कि एयरपोर्ट पर मनमाने तरीके से गन ले जा सकते हैं
किसी व्यक्ति के पास वैध arms licence होना अपने आप में फ्लाइट के केबिन में हथियार ले जाने की अनुमति नहीं देता।
हथियार के लिए Arms licence के नियमों के साथ-साथ aviation security और airline के नियम भी लागू होते हैं। भारत के Arms Act में भी arms और ammunition से जुड़े लाइसेंस और परिवहन के लिए कानूनी प्रावधान हैं।
यात्रियों को क्या सावधानी रखनी चाहिए?
अगर कोई लाइसेंसी हथियार लेकर हवाई यात्रा करने वाला है तो उसे यात्रा से पहले संबंधित एयरलाइन से नियमों की पुष्टि करनी चाहिए। हथियार को hand baggage में नहीं रखना चाहिए, निर्धारित तरीके से declare करना चाहिए और अपने arms licence तथा जरूरी दस्तावेज साथ रखने चाहिए।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हथियार को लेकर एयरपोर्ट पहुंचने के बाद कोई प्रयोग, खोलने या उसकी स्थिति बदलने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। सभी प्रक्रियाएं निर्धारित security staff के निर्देश के अनुसार ही पूरी करनी चाहिए।
वाराणसी की घटना ने क्यों बढ़ाई चिंता?
वाराणसी एयरपोर्ट पर हुई accidental firing यह दिखाती है कि लाइसेंसी हथियार होने के बावजूद airport security procedure में छोटी सी लापरवाही कितनी गंभीर हो सकती है। इस घटना में दो screening कर्मचारियों के घायल होने की खबर है और अधिकारियों की जांच जारी है।

इसलिए अगर आपके पास लाइसेंसी हथियार है और आप फ्लाइट से यात्रा करने वाले हैं, तो यात्रा से पहले अपनी एयरलाइन के मौजूदा नियम जरूर जांच लें। नियमों की अनदेखी न केवल यात्रा में परेशानी पैदा कर सकती है, बल्कि गंभीर कानूनी और सुरक्षा संबंधी स्थिति भी बन सकती है।
Note: Content and images are for informational use only. For any concerns, contact us at info@rajasthaninews.com.
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