Follow Us:

Stay updated with the latest news, stories, and insights that matter — fast, accurate, and unbiased. Powered by facts, driven by you.

रेलवे स्टेशनों के पानी में मिला E. coli बैक्टीरिया? CAG रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

रेलवे स्टेशनों के पानी में मिला E. coli बैक्टीरिया? CAG रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

रेलवे स्टेशनों के पानी को लेकर CAG की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, कई जगह मिला E. coli बैक्टीरिया

अगर आप ट्रेन से सफर करते हैं और प्यास लगने पर रेलवे स्टेशन के नल या वाटर कूलर का पानी पी लेते हैं, तो यह खबर आपके लिए जरूरी है।

CAG यानी नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की हाल ही में संसद में पेश रिपोर्ट में रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं और साफ-सफाई को लेकर कई गंभीर कमियां सामने आई हैं।

सबसे चिंता की बात यह है कि कुछ रेलवे स्टेशनों के वाटर कूलर से लिए गए पानी के नमूनों में E. coli बैक्टीरिया पाया गया। ध्यान रखें, E. coli कोई वायरस नहीं बल्कि एक बैक्टीरिया है। इसकी कुछ किस्में इंसानों में बीमारी पैदा कर सकती हैं।

किन स्टेशनों के वाटर कूलर के पानी में मिला E. coli?

CAG की रिपोर्ट के मुताबिक जिन स्टेशनों के वाटर कूलर के पानी के नमूनों में E. coli पाया गया, उनमें दक्षिण रेलवे के कोयंबटूर और पलक्कड़ जंक्शन, दक्षिण मध्य रेलवे का हैदराबाद, मध्य रेलवे के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, भिवंडी रोड, कल्याण और लोनावला, तथा पूर्वी रेलवे का मधुपुर स्टेशन शामिल हैं।

इसके अलावा रिपोर्ट में बताया गया है कि 2022-23 में 8 जोन के 49 स्टेशनों और 2023-24 में 9 जोन के 56 स्टेशनों के प्लेटफॉर्म पर लगे नलों से लिए गए पानी के नमूनों में टोटल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया पाए गए थे, जिसमें E. coli भी शामिल हो सकता है। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि इन सभी 105 स्टेशनों के पानी में निश्चित रूप से E. coli ही मिला था।

512 स्टेशनों का हुआ ऑडिट

CAG ने देश के 512 गैर-उपनगरीय रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं, साफ-सफाई और दूसरी व्यवस्थाओं का ऑडिट किया। इनमें से 458 स्टेशन यानी 89 प्रतिशत से ज्यादा स्टेशन एक या उससे ज्यादा जरूरी सुविधाओं के तय मानकों में कमी वाले पाए गए। इन सुविधाओं में पीने का पानी, वॉटर कूलर, शौचालय, बैठने की व्यवस्था और प्लेटफॉर्म से जुड़ी दूसरी सुविधाएं शामिल थीं।

CAG ने रेलवे को पेयजल व्यवस्था की निगरानी बढ़ाने और तय गुणवत्ता जांच के प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करने की सलाह भी दी है।

आखिर प्लेटफॉर्म पर पानी कौन उपलब्ध कराता है?

रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के लिए लगे नल और वाटर कूलर रेलवे की यात्री सुविधाओं का हिस्सा हैं। इसलिए यात्रियों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना रेलवे की व्यवस्था और जिम्मेदारी से जुड़ा विषय है। लेकिन किसी खास स्टेशन पर पानी की सप्लाई किस एजेंसी, ठेकेदार या स्थानीय व्यवस्था के जरिए हो रही है, यह स्टेशन के हिसाब से अलग हो सकता है। इसलिए बिना किसी खास स्टेशन की जानकारी के यह कहना सही नहीं होगा कि हर जगह पानी कोई एक ही कंपनी या ठेकेदार सप्लाई करता है।

रेलवे के पानी में E. coli!
CAG रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

इस रिपोर्ट का सबसे जरूरी संदेश यही है कि रेलवे स्टेशनों पर उपलब्ध पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच और निगरानी बेहद जरूरी है। यात्रियों को भी जहां पानी की गुणवत्ता को लेकर संदेह हो, वहां सावधानी बरतनी चाहिए और संभव हो तो सीलबंद सुरक्षित पेयजल का इस्तेमाल करना चाहिए।


Note: Content and images are for informational use only. For any concerns, contact us at info@rajasthaninews.com.

Share: